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Faridabad News: ग्रामीण इलाकों में बुजुर्गों की पेंशन कटने से परेशानी
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सरकार से राहत की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों की पेंशन कटने का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे बुजुर्गों को जीवन यापन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नरियाला गांव के रहने वाले चिंता ने बताया कि उनके खाते में 3 लाख आने के बाद ही उनकी बुढ़ापा पेंशन काट दी गई।
चिंता के अनुसार, यह राशि उनकी फसल बेचने के बाद आई थी, जिसमें आधे से ज्यादा खर्च हो चुका था। पेंशन की राशि कटने से उन्हें अपना जीवन यापन करने में खासी कठिनाई हो रही है। इसी तरह, पंचायती झुग्गी के निवासी परमजीत ने भी सरकार के इस निर्णय को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि अधिकतर बुजुर्ग इसी पेंशन के सहारे अपने रोजमर्रा के खर्चे पूरे करते हैं और सरकार द्वारा पेंशन काटने से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का मानना है कि बुजुर्गों को उनके आखिरी समय में पेंशन की आवश्यकता होती है और इस तरह के निर्णय से उनका जीवन और भी कठिन हो जाएगा। वे सरकार से अपील कर रहे हैं कि बुजुर्गों की पेंशन बंद करने के बजाय इसे और बेहतर तरीके से लागू किया जाए ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके।
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छांयसा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों की पेंशन कटने का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे बुजुर्गों को जीवन यापन में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नरियाला गांव के रहने वाले चिंता ने बताया कि उनके खाते में 3 लाख आने के बाद ही उनकी बुढ़ापा पेंशन काट दी गई।
चिंता के अनुसार, यह राशि उनकी फसल बेचने के बाद आई थी, जिसमें आधे से ज्यादा खर्च हो चुका था। पेंशन की राशि कटने से उन्हें अपना जीवन यापन करने में खासी कठिनाई हो रही है। इसी तरह, पंचायती झुग्गी के निवासी परमजीत ने भी सरकार के इस निर्णय को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि अधिकतर बुजुर्ग इसी पेंशन के सहारे अपने रोजमर्रा के खर्चे पूरे करते हैं और सरकार द्वारा पेंशन काटने से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
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स्थानीय निवासियों का मानना है कि बुजुर्गों को उनके आखिरी समय में पेंशन की आवश्यकता होती है और इस तरह के निर्णय से उनका जीवन और भी कठिन हो जाएगा। वे सरकार से अपील कर रहे हैं कि बुजुर्गों की पेंशन बंद करने के बजाय इसे और बेहतर तरीके से लागू किया जाए ताकि उनके जीवन स्तर में सुधार हो सके।