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Faridabad News: शेयर बाजार में निवेश के बहाने फरीदाबाद के प्रॉपर्टी कारोबारी से 17 करोड़ रुपये ठगे, 8 गिरफ्तार
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शेयर बाजार में निवेश के बहाने फरीदाबाद के प्रॉपर्टी कारोबारी से 17 करोड़ रुपये ठगे, 8 गिरफ्तार
- स्मार्ट सिटी में अब तक की सबसे बड़ी है ये ठगी
- 11 मार्च को साइबर क्राइम थाना सेंट्रल में दर्ज हुई एफआईआर, अब तक 8 गिरफ्तार
- अगस्त 2025 में शुरू किया था निवेश, 38 बैंक खातों में ट्रांसफर हुई रकम
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में अब तक की साइबर ठगी का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने जिले के एक प्रॉपर्टी कारोबारी को शेयर बाजार में निवेश के बहाने 17 करोड़ रुपये ठग लिए। साइबर क्राइम थाना सेंट्रल पुलिस ने 11 मार्च को मामले में एफआईआर दर्ज की। केस की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर 10 से अधिक टीमों को जांच में लगाया गया है।
अब तक इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि एक आधिकारिक सूत्र ने की है। वहीं औपचारिक तौर पर इस मामले में पुलिस कोई भी जानकारी देने से बच रही है। पुलिस का कहना है कि अभी कोई जानकारी देने से आरोपियों की चेन को तोड़ने में दिक्कत आ सकती है।
ठगी को लेकर पुलिस को ये शिकायत सेक्टर-15 में रहने वाले कारोबारी ने दी है। अगस्त 2025 में शिकायतकर्ता के मोबाइल पर शेयर बाजार में निवेश पर मुनाफे का मैसेज आया था। इसके बाद इनका ठगों से संपर्क हुआ। ठगों ने खुद को शेयर बाजार में निवेश कराने वाली सेबी अधिकृत कंपनी के एक्सपर्ट बताया। आरोपियों ने कहा कि उनकी कंपनी व ऐप के जरिये निवेश करने पर काफी मुनाफा होगा। ठगों ने कारोबारी को मोबाइल में उनकी ऐप डाउनलोड कराई। फिर निवेश के नाम पर रकम ट्रांसफर कराने लगे।
शिकायतकर्ता के अनुसार जब भी वे निवेश की रकम आरोपियों के बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करते तो ऐप में वो रकम दिखने लगती। ऐप में उन्हें काफी मुनाफा भी दिखाया गया। कई महीने के दौरान उनसे लगभग 17 करोड़ रुपये निवेश करा लिए गए। ये रकम उन्होंने कई बैंक खातों में निवेश के नाम पर ट्रांसफर की थी। बाद में जब रिफंड का प्रयास तो किया तो आरोपी बहाने बनाने लगे कि अभी मत निकालो, मुनाफा और बढ़ने दो। कुछ दिन तक टरकाने के बाद आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। तब ठगी का अहसास हुआ और शिकायत पुलिस को दी गई।
11 मार्च को साइबर क्राइम थाना सेंट्रल में ठगी की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। ठगी की रकम को सुनकर पुलिस के आला अधिकारियों के भी होश उड़ गए। 10 से अधिक टीमों को केस की जांच में लगाया गया। सूत्रों की मानें तो शुरुआती जांच में पता चला है कि लगभग 40 बैंक खातों में ये रकम ट्रांसफर हुई है। इन्हीं बैंक खातों की डिटेल खंगालकर अब तक पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं रिकवरी को लेकर आधिकारिक सूत्र ने बताया कि मामले में निवेश अगस्त 2025 से हो रहा था। ऐसे में अंदेशा है कि अधिकतर रकम को यूएसडीटी या क्रिप्टो के जरिये विदेश में बैठे साइबर ठगों तक पहुंचाया जा चुका है।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में अब तक की साइबर ठगी का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने जिले के एक प्रॉपर्टी कारोबारी को शेयर बाजार में निवेश के बहाने 17 करोड़ रुपये ठग लिए। साइबर क्राइम थाना सेंट्रल पुलिस ने 11 मार्च को मामले में एफआईआर दर्ज की। केस की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर 10 से अधिक टीमों को जांच में लगाया गया है।
अब तक इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि एक आधिकारिक सूत्र ने की है। वहीं औपचारिक तौर पर इस मामले में पुलिस कोई भी जानकारी देने से बच रही है। पुलिस का कहना है कि अभी कोई जानकारी देने से आरोपियों की चेन को तोड़ने में दिक्कत आ सकती है।
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ठगी को लेकर पुलिस को ये शिकायत सेक्टर-15 में रहने वाले कारोबारी ने दी है। अगस्त 2025 में शिकायतकर्ता के मोबाइल पर शेयर बाजार में निवेश पर मुनाफे का मैसेज आया था। इसके बाद इनका ठगों से संपर्क हुआ। ठगों ने खुद को शेयर बाजार में निवेश कराने वाली सेबी अधिकृत कंपनी के एक्सपर्ट बताया। आरोपियों ने कहा कि उनकी कंपनी व ऐप के जरिये निवेश करने पर काफी मुनाफा होगा। ठगों ने कारोबारी को मोबाइल में उनकी ऐप डाउनलोड कराई। फिर निवेश के नाम पर रकम ट्रांसफर कराने लगे।
शिकायतकर्ता के अनुसार जब भी वे निवेश की रकम आरोपियों के बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करते तो ऐप में वो रकम दिखने लगती। ऐप में उन्हें काफी मुनाफा भी दिखाया गया। कई महीने के दौरान उनसे लगभग 17 करोड़ रुपये निवेश करा लिए गए। ये रकम उन्होंने कई बैंक खातों में निवेश के नाम पर ट्रांसफर की थी। बाद में जब रिफंड का प्रयास तो किया तो आरोपी बहाने बनाने लगे कि अभी मत निकालो, मुनाफा और बढ़ने दो। कुछ दिन तक टरकाने के बाद आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। तब ठगी का अहसास हुआ और शिकायत पुलिस को दी गई।
11 मार्च को साइबर क्राइम थाना सेंट्रल में ठगी की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। ठगी की रकम को सुनकर पुलिस के आला अधिकारियों के भी होश उड़ गए। 10 से अधिक टीमों को केस की जांच में लगाया गया। सूत्रों की मानें तो शुरुआती जांच में पता चला है कि लगभग 40 बैंक खातों में ये रकम ट्रांसफर हुई है। इन्हीं बैंक खातों की डिटेल खंगालकर अब तक पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं रिकवरी को लेकर आधिकारिक सूत्र ने बताया कि मामले में निवेश अगस्त 2025 से हो रहा था। ऐसे में अंदेशा है कि अधिकतर रकम को यूएसडीटी या क्रिप्टो के जरिये विदेश में बैठे साइबर ठगों तक पहुंचाया जा चुका है।