मम्मी-पापा रखें ये ध्यान: डेढ़ साल की बच्ची की सांस की नली में फंसा मूंगफली का दाना, 'भगवान' ने ऐसे बताई जान
फरीदाबाद में एक डेढ़ साल की एक बच्ची की समय पर ब्रोंकोस्कोपी होने से जान बच गई। जान तब खतरे में पड़ गई जब मूंगफली खाते समय उसका एक दाना सांस की नली में फंस गया। परिजन तत्काल उसे अस्पताल ले गए, जहां समय पर मिले उपचार से उसकी जान बचाई जा सकी।
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डेढ़ साल की एक मासूम बच्ची की जान उस समय खतरे में पड़ गई, जब मूंगफली खाते दौरान उसका एक दाना सांस की नली में फंस गया। अचानक बच्ची को सांस लेने में परेशानी होने लगी और उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन घबराकर उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां समय पर उपचार मिलने से बच्ची की जान बचाई जा सकी।
बच्ची की सांस की नली में फंसा मूंगफली का दाना
ग्रेटर फरीदाबाद निवासी दिव्या अपनी डेढ़ साल की बच्ची प्रिशा को सांस लेने में अत्यधिक दिक्कत होने पर निजी अस्पताल लेकर पहुंची। चिकित्सकीय जांच में सामने आया कि मूंगफली का दाना बच्ची की सांस की नली में फंसा हुआ है, जिससे फेफड़ों तक हवा का प्रवाह बाधित हो रहा था। स्थिति बेहद नाजुक थी और थोड़ी सी भी देरी जानलेवा साबित हो सकती थी।
ब्रोंकोस्कोपी तकनीक से बची मासूम की जान
अस्पताल में श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील नागर और उनकी टीम ने तुरंत स्थिति की गंभीरता को समझते हुए आधुनिक ब्रोंकोस्कोपी तकनीक का सहारा लिया। इस प्रक्रिया के माध्यम से मूंगफली के दाने को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला गया। सफल उपचार के बाद बच्ची की हालत में तेजी से सुधार हुआ। कुछ समय तक निगरानी में रखने के बाद चिकित्सकों ने उसे पूरी तरह स्वस्थ घोषित कर दिया।
डॉक्टर ने परिजनों से की ये अपील
डॉ. सुनील नागर ने बताया कि छोटे बच्चों में इस तरह की घटनाएं बेहद खतरनाक होती हैं, क्योंकि उनकी सांस की नली काफी संकरी होती है। ऐसे मामलों में ऑक्सीजन की कमी से जान का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि छोटे बच्चों को मूंगफली, चने या अन्य कठोर खाद्य पदार्थ देते समय विशेष सावधानी बरतें।
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