{"_id":"6a723b2b55098e78c40aae8d","slug":"international-freight-rates-rise-due-to-iran-us-tensions-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-76629-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय माल भाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ा अंतरराष्ट्रीय माल भाड़ा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निर्यात पर पड़ रहा बुरा असर, उद्योगों को झेलना पड़ रहा घाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य व व्यापारिक तनाव का असर अब फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्र पर साफ दिखने लगा है। लंबे समय से युद्ध विराम की आस लगाए बैठे जिले के निर्यातकों और उद्यमियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अगर यह तनाव जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में विदेशी व्यापार पूरी तरह चरमरा सकता है।
उद्यमियों का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय माल भाड़े (फ्रेट) में भारी बढ़ोतरी हुई है और सप्लाई चेन बाधित हो रही है। मध्य पूर्व के देशों को होने वाले निर्यात पर इसका सबसे बुरा असर पड़ रहा है। कच्चे माल की कीमतें बढ़ने और समय पर ऑर्डर डिलीवरी न होने से औद्योगिक इकाइयां वित्तीय संकट की ओर बढ़ रही हैं। इसके अलावा ऑर्डर भी कम मिल रहे हैं।
व्यापार पहले से ही सुस्त चल रहा था और अब इस युद्ध जैसी स्थिति से फरीदाबाद के ऑटो पार्ट्स, मशीनरी, टेक्सटाइल और लाइट इंजीनियरिंग सेक्टर को करोड़ों रुपये का घाटा झेलना पड़ सकता है।
विज्ञापन
उद्यमियों के बयान
युद्ध लंबा चलने से अंतरराष्ट्रीय माल भाड़ा काफी बढ़ गया है। सप्लाई चेन रुकने से विदेश भेजे जाने वाले ऑर्डर अटके पड़े हैं, जिससे भारी घाटा तय है। - श्याम सुंदर कपूर, अध्यक्ष आईफोम
पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के कारण नए ऑर्डर मिलने बंद हो गए हैं। यदि जल्द शांति बहाल नहीं हुई, तो कई छोटी इकाइयां बंद हो सकती हैं। - आईसी जैन, उद्यमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की दरें अचानक बढ़ गई हैं। पुराना माल बंदरगाहों पर फंसा है, जिससे तैयार माल का भुगतान भी अटक गया है।-विपिन सिंह, उद्यमी
सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर निर्यातकों के लिए लॉजिस्टिक्स और जहाजरानी संकट का समाधान निकालना चाहिए, वरना उद्योग इस दोहरी मार को झेल नहीं पाएंगे।-गगनदीप सिंह, उद्यमी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य व व्यापारिक तनाव का असर अब फरीदाबाद के औद्योगिक क्षेत्र पर साफ दिखने लगा है। लंबे समय से युद्ध विराम की आस लगाए बैठे जिले के निर्यातकों और उद्यमियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अगर यह तनाव जल्द समाप्त नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में विदेशी व्यापार पूरी तरह चरमरा सकता है।
उद्यमियों का कहना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण अंतरराष्ट्रीय माल भाड़े (फ्रेट) में भारी बढ़ोतरी हुई है और सप्लाई चेन बाधित हो रही है। मध्य पूर्व के देशों को होने वाले निर्यात पर इसका सबसे बुरा असर पड़ रहा है। कच्चे माल की कीमतें बढ़ने और समय पर ऑर्डर डिलीवरी न होने से औद्योगिक इकाइयां वित्तीय संकट की ओर बढ़ रही हैं। इसके अलावा ऑर्डर भी कम मिल रहे हैं।
विज्ञापन
व्यापार पहले से ही सुस्त चल रहा था और अब इस युद्ध जैसी स्थिति से फरीदाबाद के ऑटो पार्ट्स, मशीनरी, टेक्सटाइल और लाइट इंजीनियरिंग सेक्टर को करोड़ों रुपये का घाटा झेलना पड़ सकता है।
विज्ञापन
उद्यमियों के बयान
युद्ध लंबा चलने से अंतरराष्ट्रीय माल भाड़ा काफी बढ़ गया है। सप्लाई चेन रुकने से विदेश भेजे जाने वाले ऑर्डर अटके पड़े हैं, जिससे भारी घाटा तय है। - श्याम सुंदर कपूर, अध्यक्ष आईफोम
पश्चिम एशिया में अनिश्चितता के कारण नए ऑर्डर मिलने बंद हो गए हैं। यदि जल्द शांति बहाल नहीं हुई, तो कई छोटी इकाइयां बंद हो सकती हैं। - आईसी जैन, उद्यमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की दरें अचानक बढ़ गई हैं। पुराना माल बंदरगाहों पर फंसा है, जिससे तैयार माल का भुगतान भी अटक गया है।-विपिन सिंह, उद्यमी
सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर निर्यातकों के लिए लॉजिस्टिक्स और जहाजरानी संकट का समाधान निकालना चाहिए, वरना उद्योग इस दोहरी मार को झेल नहीं पाएंगे।-गगनदीप सिंह, उद्यमी