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Faridabad News: एक-एक कर 25 ड्रमों में विस्फोट से मची अफरा तफरी
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हादसे में 40 से अधिक लोग झुलसे जिनमें कई की हालत बेहद गंभीर, कई को निजी अस्पतालों में रेफर किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-24 मुजेसर स्थित एक निजी केमिकल कंपनी में सोमवार शाम करीब सवा चार बजे हुए सिलसिलेवार विस्फोट ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र को दहला दिया। कंपनी में सीएनसी मशीन से मेटल शीट कटिंग का काम भी होता है। सोमवार को फैक्ट्री में काम चल रहा था और कर्मचारी रोजमर्रा की तरह ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान परिसर में रखा एक केमिकल ड्रम अचानक फट गया और उसके बाद एक-एक कर करीब 20 से 25 ड्रमों में विस्फोट होने लगे। तेज धमाकों और उठती लपटों से अफरा-तफरी मच गई और काम कर रहे कर्मचारी आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
धमाकों की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब बीस से ज्यादा एम्बुलेंस घटनास्थल पर लगाई गईं और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। एम्बुलेंस चालक रवि ने बताया कि हालात बेहद भयावह थे और कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हुए थे। बचाव अभियान के दौरान पुलिस कर्मचारी और दमकल विभाग के जवान भी आग की चपेट में आकर घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए मुख्य रूप से बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रेड जोन बनाकर उनका उपचार किया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार गंभीर मरीजों की निगरानी कर रही है और कई घायलों को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पतालों में भी रेफर किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण और सुरक्षा कारणों से परिजनों के प्रवेश पर फिलहाल रोक लगा दी है।
22 घायलों को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया
मिली जानकारी के अनुसार 22 घायलों को तत्काल ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर उपचार किया गया। कई मरीज 70 से 80 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं और उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 24 घंटे बेहद अहम हैं। पीएसआई रवि का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है, जबकि एसपीओ अभिषेक, जो ईआरवी पर चालक हैं, और सिपाही अजनेश को बीके अस्पताल से रेफर किया गया, इनको भी प्राथमिक उपचार के बाद निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया हैं। अस्पताल परिसर में परिजनों की भीड़ लगी है, लेकिन गंभीरता को देखते हुए किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।
सिपाही अजनेश भी झुलसे, फिर भी बचाई जानें
हादसे में सिपाही अजनेश गंभीर रूप से झुलस गए, लेकिन घायल अवस्था में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सरकारी वाहन चलाकर पांच घायलों को अस्पताल पहुंचाया। दो अन्य दमकल कर्मी भी आग की चपेट में आ गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर दमकल टीम समय पर न पहुंचती तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था। आग पर काबू पाने में दमकल विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
100 मीटर तक वाहनों में लगी आग, 500 मीटर तक राहगीर भी चपेट में
विस्फोट इतना जबरदस्त था कि करीब 100 मीटर के दायरे में खड़े दोपहिया वाहन और कारें जलकर राख हो गईं। आसपास की फैक्ट्रियों के शीशे टूट गए और लोग दहशत में बाहर भागते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाकों का असर 500 मीटर तक महसूस किया गया और सड़क से गुजर रहे राहगीर भी इसकी चपेट में आ गए। कई लोगों को हल्की चोटें आईं और आसपास के क्षेत्र में धुएं का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता कम हो गई थी। औद्योगिक क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
कंपनी मालिक भी गंभीर रूप से झुलस गए
कंपनी के मालिक विजय मोगर भी इस हादसे में गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि धमाके के समय वह भी परिसर में मौजूद थे। उनकी हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है।
विधायक पहुंचे, जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही बल्लभगढ़ से विधायक पंडित मूलचंद शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हालात का जायजा लेने के बाद अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा सहित डॉक्टरों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि हादसे की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारी भी झुलसे
इस भीषण हादसे में बचाव कार्य के दौरान पुलिस और दमकल विभाग के करीब पांच से सात कर्मचारी भी झुलस गए। आग पर काबू पाने और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश में ये जवान खुद इसकी चपेट में आ गए। घायल कर्मियों का उपचार अस्पताल में जारी है और कुछ को गंभीर हालत में रेफर भी किया गया है।
रेड जोन में सख्त निगरानी और उपचार
कुछ घायलों को बीके अस्पताल के रेड जोन में भर्ती किया गया है, जहां गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का विशेष निगरानी में इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने इस क्षेत्र को पूरी तरह नियंत्रित कर दिया है और केवल अधिकृत मेडिकल स्टाफ को ही प्रवेश की अनुमति है। संक्रमण के खतरे और मरीजों की नाजुक हालत को देखते हुए परिजनों को अंदर जाने की अनुमति फिलहाल नहीं दी जा रही है। डॉक्टरों की टीम 24 घंटे लगातार मॉनिटरिंग और आपात सर्जरी में जुटी हुई है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-24 मुजेसर स्थित एक निजी केमिकल कंपनी में सोमवार शाम करीब सवा चार बजे हुए सिलसिलेवार विस्फोट ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र को दहला दिया। कंपनी में सीएनसी मशीन से मेटल शीट कटिंग का काम भी होता है। सोमवार को फैक्ट्री में काम चल रहा था और कर्मचारी रोजमर्रा की तरह ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान परिसर में रखा एक केमिकल ड्रम अचानक फट गया और उसके बाद एक-एक कर करीब 20 से 25 ड्रमों में विस्फोट होने लगे। तेज धमाकों और उठती लपटों से अफरा-तफरी मच गई और काम कर रहे कर्मचारी आग की चपेट में आकर बुरी तरह झुलस गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।
धमाकों की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब बीस से ज्यादा एम्बुलेंस घटनास्थल पर लगाई गईं और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। एम्बुलेंस चालक रवि ने बताया कि हालात बेहद भयावह थे और कई लोग गंभीर रूप से झुलसे हुए थे। बचाव अभियान के दौरान पुलिस कर्मचारी और दमकल विभाग के जवान भी आग की चपेट में आकर घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए मुख्य रूप से बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां रेड जोन बनाकर उनका उपचार किया गया। डॉक्टरों की टीम लगातार गंभीर मरीजों की निगरानी कर रही है और कई घायलों को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पतालों में भी रेफर किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने संक्रमण और सुरक्षा कारणों से परिजनों के प्रवेश पर फिलहाल रोक लगा दी है।
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22 घायलों को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया
मिली जानकारी के अनुसार 22 घायलों को तत्काल ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर उपचार किया गया। कई मरीज 70 से 80 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं और उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 24 घंटे बेहद अहम हैं। पीएसआई रवि का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है, जबकि एसपीओ अभिषेक, जो ईआरवी पर चालक हैं, और सिपाही अजनेश को बीके अस्पताल से रेफर किया गया, इनको भी प्राथमिक उपचार के बाद निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया हैं। अस्पताल परिसर में परिजनों की भीड़ लगी है, लेकिन गंभीरता को देखते हुए किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।
सिपाही अजनेश भी झुलसे, फिर भी बचाई जानें
हादसे में सिपाही अजनेश गंभीर रूप से झुलस गए, लेकिन घायल अवस्था में भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सरकारी वाहन चलाकर पांच घायलों को अस्पताल पहुंचाया। दो अन्य दमकल कर्मी भी आग की चपेट में आ गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर दमकल टीम समय पर न पहुंचती तो नुकसान और भी बड़ा हो सकता था। आग पर काबू पाने में दमकल विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
100 मीटर तक वाहनों में लगी आग, 500 मीटर तक राहगीर भी चपेट में
विस्फोट इतना जबरदस्त था कि करीब 100 मीटर के दायरे में खड़े दोपहिया वाहन और कारें जलकर राख हो गईं। आसपास की फैक्ट्रियों के शीशे टूट गए और लोग दहशत में बाहर भागते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार धमाकों का असर 500 मीटर तक महसूस किया गया और सड़क से गुजर रहे राहगीर भी इसकी चपेट में आ गए। कई लोगों को हल्की चोटें आईं और आसपास के क्षेत्र में धुएं का गुबार छा गया, जिससे दृश्यता कम हो गई थी। औद्योगिक क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
कंपनी मालिक भी गंभीर रूप से झुलस गए
कंपनी के मालिक विजय मोगर भी इस हादसे में गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनका उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि धमाके के समय वह भी परिसर में मौजूद थे। उनकी हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है।
विधायक पहुंचे, जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही बल्लभगढ़ से विधायक पंडित मूलचंद शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हालात का जायजा लेने के बाद अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा सहित डॉक्टरों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक ने कहा कि हादसे की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस और दमकल विभाग के कर्मचारी भी झुलसे
इस भीषण हादसे में बचाव कार्य के दौरान पुलिस और दमकल विभाग के करीब पांच से सात कर्मचारी भी झुलस गए। आग पर काबू पाने और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश में ये जवान खुद इसकी चपेट में आ गए। घायल कर्मियों का उपचार अस्पताल में जारी है और कुछ को गंभीर हालत में रेफर भी किया गया है।
रेड जोन में सख्त निगरानी और उपचार
कुछ घायलों को बीके अस्पताल के रेड जोन में भर्ती किया गया है, जहां गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का विशेष निगरानी में इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने इस क्षेत्र को पूरी तरह नियंत्रित कर दिया है और केवल अधिकृत मेडिकल स्टाफ को ही प्रवेश की अनुमति है। संक्रमण के खतरे और मरीजों की नाजुक हालत को देखते हुए परिजनों को अंदर जाने की अनुमति फिलहाल नहीं दी जा रही है। डॉक्टरों की टीम 24 घंटे लगातार मॉनिटरिंग और आपात सर्जरी में जुटी हुई है।