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Faridabad News: वार्षिक परीक्षा में असफल छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका
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-जिला शिक्षा विभाग ने परीक्षा की तैयारी शुरू की
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कक्षा नौवीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने वाले छात्रों को एक और मौका दिया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सूचित कर दिया गया है। इसमें पास होने के बाद विद्यार्थी अगली कक्षा में पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले 30 और 31 मार्च को छात्रों का परिणाम घोषित किया गया था। इसके बाद कई विद्यार्थी बीमारी या अन्य कारणों से परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गए। ऐसे ही विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत दोबारा अवसर दिया जाएगा। छात्रों के लिए 45 दिनों के अंतराल में दोबारा परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा का आयोजन अध्यापकों की निगरानी में विद्यालय स्तर पर ही किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि असफलता के बाद विद्यार्थी स्कूल छोड़ देते हैं। दोबारा अवसर मिलने के बाद भी फेल होने वाले विद्यार्थियों की काउंसलिंग होगी। साथ ही अभिभावकों को भी विद्यार्थियों को स्कूल भेजने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
वर्जन-- -
परीक्षा के आयोजन को लेकर सभी विद्यालय मुखिया को सूचित कर दिया गया है। विभाग की इस पहल से छात्रों का एक साल बचेगा और ड्राॅपआउट की दर भी कम हो सकेगी। - डाॅ. मनोज मित्तल, उप जिला शिक्षा अधिकारी
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फरीदाबाद। कक्षा नौवीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने वाले छात्रों को एक और मौका दिया जाएगा। शिक्षा निदेशालय ने इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को सूचित कर दिया गया है। इसमें पास होने के बाद विद्यार्थी अगली कक्षा में पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत से पहले 30 और 31 मार्च को छात्रों का परिणाम घोषित किया गया था। इसके बाद कई विद्यार्थी बीमारी या अन्य कारणों से परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गए। ऐसे ही विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत दोबारा अवसर दिया जाएगा। छात्रों के लिए 45 दिनों के अंतराल में दोबारा परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। परीक्षा का आयोजन अध्यापकों की निगरानी में विद्यालय स्तर पर ही किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि असफलता के बाद विद्यार्थी स्कूल छोड़ देते हैं। दोबारा अवसर मिलने के बाद भी फेल होने वाले विद्यार्थियों की काउंसलिंग होगी। साथ ही अभिभावकों को भी विद्यार्थियों को स्कूल भेजने के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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परीक्षा के आयोजन को लेकर सभी विद्यालय मुखिया को सूचित कर दिया गया है। विभाग की इस पहल से छात्रों का एक साल बचेगा और ड्राॅपआउट की दर भी कम हो सकेगी। - डाॅ. मनोज मित्तल, उप जिला शिक्षा अधिकारी