{"_id":"69b9ac4aa3c6a7f83908874f","slug":"the-markets-are-adorned-and-the-royal-courts-have-begun-to-exude-their-fragrance-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-65190-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: सज गए बाजार, महकने लगे दरबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: सज गए बाजार, महकने लगे दरबार
विज्ञापन
विज्ञापन
नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। चैत्र नवरात्र 19 मार्च यानी बृहस्पतिवार से शुरू हो रहा है। स्मार्ट सिटी में घरों के अलावा मंदिरों में पूजा अर्चना कोे लेकर तैयारियां की जा रही हैं। एक ओर जिले के मंदिरों को सजाने का कार्य किया जा रहा है वहीं बाजारों में भी लोग पूजा-अर्चना का सामान खरीदते हुए नजर आ रहे हैं।
नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाएगी। तिकोना पार्क एनआईटी-1 नंबर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के प्रधान जगदीश भाटिया ने बताया कि नवरात्र को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है। दर्शन करने के दौरान भक्तजनों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसके लिए सेवादारों के अलावा पुलिस की मौजूदगी भी रहेगी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के ज्वाला मंदिर से अखंड ज्योत लाई जा रही है।
नौ दिनों तक माता की चौकी और भंडारे आयोजित किए जाएंगे। भक्तों का विशेष ध्यान रखते हुए व्रत वाला भंडारा भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 19 मार्च को प्रात: 7 बजे ज्योत प्रचंड की जाएगी। उसके बाद प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात्रि 11 बजे तक माता की चौकी होगी। इस चौकी में विभिन्न कलाकार मौजूद रहेंगे। वहीं शाम 7 बजे आरती, रात्रि 8 बजे भंडारा और रात्रि 9 बजे कंजक पूजन होगा। उसके बाद 10 बजे रात्रि परिक्रमा होगी। वहीं 26 मार्च रात्रि 10 बजे अष्टमी जागरण होगा और 27 मार्च महानवमी सुबह 8 बजे हवन होगा। उसके बाद 11 बजे 101 कंजक पूजन कर भंडरा आयोजित किया जाएगा।
24 घंटे खुले रहते हैं मंदिर के कपाट
बस स्टैंड स्थित सिद्धपीठ श्री काली मंदिर के पुजारी पंकज तिवारी ने बताया कि नवरात्रों के दिनों में आम दिनों के मुकाबले 10 गुना से भी अधिक भीड़ भक्तों की देखने को मिलती है। इसलिए इन दिनों 24 घंटे मंदिर के कपाट खुले रहते हैं ताकि भक्त कभी भी दर्शन करने के लिए आ सकें। वहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस भी मौजूद रहेगी। इसके अलावा एनआईटी-5 नंबर स्थित बांके बिहारी मंदिर, सेक्टर-16 स्थित कालीबाड़ी मंदिर, पल्ला, दीपावली एन्क्लेव स्थित दुर्गा मंदिर आदि में भी नवरात्र के लिए विशेष तैयारी की गई है।
पांडवों ने मांगा था विजयी होने का आशीर्वाद
कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे के निकट मोहना गांव के जंगलों में बना मां कालका का मंदिर दूर-दूर तक मशहूर है। मंदिर में नवरात्र के मौके पर सबसे ज्यादा भक्तों का हुजूम उमड़ता है। गांव के लोग शुभ कार्य से पहले मां की पूजा जरूर करते हैं। मंदिर के संरक्षक राहुल ने बताया कि गांव में बना मां कालका का मंदिर काफी प्राचीन है। अज्ञातवास के दौरान पांडव जब इस इलाके से गुजरे तो यहां स्थित कालका मंदिर में मां की पूजा-अर्चना कर विजयी होने का आशीर्वाद मांगा था। मंदिर के प्राचीन होने का सबूत मंदिर के आसपास बने 4 विशालकाय खंभे हैं। यहां दिल्ली और उत्तरप्रदेश के भक्तजन भी माता के दर्शन के लिए आते हैं।
महंगा हुआ पूजा का सामान
नवरात्रों को लेकर बाजारों में लोगों की भीड़ देखने को मिली। कुछ पूजा अर्चना का सामान खरीदते हुए नजर आए तो कुछ मां देवी की मूर्ति खरीद रहे थे। दुकानदार रमेश ने बताया कि पहले नारियल 40 रुपये का आता था लेकिन अब 45 से 50 रुपये का हो गया है। वहीं माता की चुन्नी जो 10 से 15 रुपये की थी वह अब 20 से 25 रुपये की हो गई है। इसके अलावा कुट्टू के आटे और सिंघाड़े के आटे के दामों में भी 10 से 20 प्रतिशत प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। अगर फलों की बात करें तो रमजान और नवरात्र की वजह से दाम आसमान को छू रहे हैं। अंगूर इस समय 200 से 230 रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं। वहीं केले 50 से 60 रुपये दर्जन हैं। इसके अलावा अन्य फलों के दाम में भी 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। चैत्र नवरात्र 19 मार्च यानी बृहस्पतिवार से शुरू हो रहा है। स्मार्ट सिटी में घरों के अलावा मंदिरों में पूजा अर्चना कोे लेकर तैयारियां की जा रही हैं। एक ओर जिले के मंदिरों को सजाने का कार्य किया जा रहा है वहीं बाजारों में भी लोग पूजा-अर्चना का सामान खरीदते हुए नजर आ रहे हैं।
नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाएगी। तिकोना पार्क एनआईटी-1 नंबर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर के प्रधान जगदीश भाटिया ने बताया कि नवरात्र को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है। दर्शन करने के दौरान भक्तजनों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसके लिए सेवादारों के अलावा पुलिस की मौजूदगी भी रहेगी। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के ज्वाला मंदिर से अखंड ज्योत लाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
नौ दिनों तक माता की चौकी और भंडारे आयोजित किए जाएंगे। भक्तों का विशेष ध्यान रखते हुए व्रत वाला भंडारा भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 19 मार्च को प्रात: 7 बजे ज्योत प्रचंड की जाएगी। उसके बाद प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात्रि 11 बजे तक माता की चौकी होगी। इस चौकी में विभिन्न कलाकार मौजूद रहेंगे। वहीं शाम 7 बजे आरती, रात्रि 8 बजे भंडारा और रात्रि 9 बजे कंजक पूजन होगा। उसके बाद 10 बजे रात्रि परिक्रमा होगी। वहीं 26 मार्च रात्रि 10 बजे अष्टमी जागरण होगा और 27 मार्च महानवमी सुबह 8 बजे हवन होगा। उसके बाद 11 बजे 101 कंजक पूजन कर भंडरा आयोजित किया जाएगा।
24 घंटे खुले रहते हैं मंदिर के कपाट
बस स्टैंड स्थित सिद्धपीठ श्री काली मंदिर के पुजारी पंकज तिवारी ने बताया कि नवरात्रों के दिनों में आम दिनों के मुकाबले 10 गुना से भी अधिक भीड़ भक्तों की देखने को मिलती है। इसलिए इन दिनों 24 घंटे मंदिर के कपाट खुले रहते हैं ताकि भक्त कभी भी दर्शन करने के लिए आ सकें। वहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस भी मौजूद रहेगी। इसके अलावा एनआईटी-5 नंबर स्थित बांके बिहारी मंदिर, सेक्टर-16 स्थित कालीबाड़ी मंदिर, पल्ला, दीपावली एन्क्लेव स्थित दुर्गा मंदिर आदि में भी नवरात्र के लिए विशेष तैयारी की गई है।
पांडवों ने मांगा था विजयी होने का आशीर्वाद
कुंडली-गाजियाबाद-पलवल एक्सप्रेसवे के निकट मोहना गांव के जंगलों में बना मां कालका का मंदिर दूर-दूर तक मशहूर है। मंदिर में नवरात्र के मौके पर सबसे ज्यादा भक्तों का हुजूम उमड़ता है। गांव के लोग शुभ कार्य से पहले मां की पूजा जरूर करते हैं। मंदिर के संरक्षक राहुल ने बताया कि गांव में बना मां कालका का मंदिर काफी प्राचीन है। अज्ञातवास के दौरान पांडव जब इस इलाके से गुजरे तो यहां स्थित कालका मंदिर में मां की पूजा-अर्चना कर विजयी होने का आशीर्वाद मांगा था। मंदिर के प्राचीन होने का सबूत मंदिर के आसपास बने 4 विशालकाय खंभे हैं। यहां दिल्ली और उत्तरप्रदेश के भक्तजन भी माता के दर्शन के लिए आते हैं।
महंगा हुआ पूजा का सामान
नवरात्रों को लेकर बाजारों में लोगों की भीड़ देखने को मिली। कुछ पूजा अर्चना का सामान खरीदते हुए नजर आए तो कुछ मां देवी की मूर्ति खरीद रहे थे। दुकानदार रमेश ने बताया कि पहले नारियल 40 रुपये का आता था लेकिन अब 45 से 50 रुपये का हो गया है। वहीं माता की चुन्नी जो 10 से 15 रुपये की थी वह अब 20 से 25 रुपये की हो गई है। इसके अलावा कुट्टू के आटे और सिंघाड़े के आटे के दामों में भी 10 से 20 प्रतिशत प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है। अगर फलों की बात करें तो रमजान और नवरात्र की वजह से दाम आसमान को छू रहे हैं। अंगूर इस समय 200 से 230 रुपये प्रति किलो मिल रहे हैं। वहीं केले 50 से 60 रुपये दर्जन हैं। इसके अलावा अन्य फलों के दाम में भी 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।