आप तो नहीं करते ये गलती!: KYC अपडेट के नाम पर भेजा लिंक, जांल में फंसते ही फोन हैक; खाते से साफ हो गए 8.30 लाख
पुलिस ने बैंक अधिकारी बनकर केवाईसी अपडेट कराने के बहाने लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान हो गई है। यह गिरोह लोगों के फोन को हैक कर लिया करते थे।
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पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि सागरपुर इलाके में रहने वाली ए. अहमद ने पुलिस को अपने साथ ठगी की शिकायत दी। उन्होंने शिकायत में बताया कि 12 दिसम्बर 2025 को उनके व्हाट्सऐप पर मैसेज मिले और उन्हें बताया गया कि जल्द से जल्द बैंक खाते की केवाईसी नहीं करवाई गई तो खाता बंद हो जाएगा। आरोपियों ने पीड़िता को एपीके फाइल भेजी और उस पर क्लिक कर सभी जानकारी भरने के लिए कहा।
जिसके बाद पीड़िता ने जैसे की लिंक पर क्लिक किया उनका फोन हैक हो गया। आरोपियों ने उनके बैंकिंग क्रेडेंशियल्स की मदद से लोन अप्लाई कर दिया। पीड़िता ने बताया कि उन्हें 15 दिसम्बर को मैसेज आने पर इसकी जानकारी हुई। जिससे पता चला कि आरोपियों ने 8.30 लाख रुपए की ठगी कर ली। पीड़िता की शिकायत पर इंस्पेक्टर प्रवेश कौशिक की टीम ने संबंधित धारा में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
आरोपियों खेत में बनाया हुआ था ठिकाना
एसआई अमित कुमार, अरविंद और हेडकांस्टेबल संजय की टीम को बैंक डिटेल्स, टेक्निकल सर्विलांस और मोबाइल की जानकारी जुटाने पर पता आरोपी धनबाद में सक्रिय हैं। पुलिस ने धनबाद में छापेमारी की तो सामने आया कि आरोपियों ने खेतों में अपना ठिकाना बनाया हुआ था। जहां से तीन आरोपी संजय रविदास, दिनेश रविदास और शिव कुमार रविदास लोगों के साथ ठगी कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों को रंगेहाथ दबोच लिया।आरोपियों से पूछताछ के बाद शुभम को पश्चिम बंगाल के हुगली से गिरफ्तार कर लिया।
12वीं पास कर रहे थे ठगी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपियों में शामिल शिव कुमार रविदास 12वीं पास है और कैमरामैन का काम करता है। संजय रविदास 10वीं पास है और मजदूरी करता था। दिनेश रविदास 12वीं पास है और मजदूरी करता था। शुभम कुमार बरनवाल मोबाइल रिपेयर मैकेनिक है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह एक्सिस बैंक के अधिकारी बनकर लोगों को गलत एपीके फाइन इंस्टॉल करने के लिए उकसाते थे। बैंकिंग क्रेडेंशियल्स को दूर से ही हैक कर लेते थे और धोखाधड़ी वाले लोन लिए गए पैसे म्यूल अकाउंट में भेजकर उन्हें एटीएम और पीआएस के जरिए पैसे निकाल लेते थे।
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