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Ghaziabad News: सोसायटी में दिनभर होती रही हरीश की चर्चा, परिजनों ने नहीं उठाया फोन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 16 Mar 2026 01:48 AM IST
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Harish was discussed in the society throughout the day, but his family did not pick up the phone
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गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की राज एम्पायर सोसायटी से हरीश के एम्स जाने के बाद भी रविवार को हर तरफ उनकी चर्चा होती रही। कुछ लोगों ने परिजनों से संपर्क करने के लिए कई बार फोन लगाया, लेकिन किसी ने नहीं उठाया।
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बहुत सारे लोगों को शनिवार को उनके एम्स जाने की जानकारी नहीं थी। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण हर किसी को इस बारे में पता चला। सुबह बारिश होने के कारण तो लोग आपस में नहीं मिल सके, लेकिन शाम को सबने पार्क में बैठकर इस मुद्दे पर चर्चा की। निवासी ब्रजराज सिंह ने बताया कि सोसायटी के कुछ करीबियों ने पिता और बेटे को फोन लगाया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। किसी ने ज्यादा प्रयास नहीं किया, क्योंकि वह कई बार निजता व शांति की अपील कर चुके हैं। सभी ने मिलकर सोसायटी के वरिष्ठ केशव कुमार को उनके परिवार के संपर्क में रहने का जिम्मा सौंपा है, ताकि कोई जरूरत पड़ने पर उन्हें तत्काल मदद दी जाए। निवासी अनिल राज कहते हैं कि बार-बार हर किसी की ओर से उन्हें डिस्टर्ब करना ठीक नहीं है। कुछ लोगों ने बताया कि पता चला है कि लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटा दिया गया है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
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प्रजापति के वीडियो में हरीश की चमकती आंखों को लोगों ने फेक माना
रविवार को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था, इसमें प्रजापति दीदी की ओर से चंदन का तिलक लगाकर हरीश से कहा गया कि सबको माफ करते हुए और सबसे माफी मांगते हुए सो जाओ। इस वीडियो में हरीश की आंखें चमकती और घूमती नजर आ रही हैं। ऐसी जीवनभरी आंखें देख सबको यह फेक लगा। सबने कहा कि अगर इतना बीमार थे तो ऐसे आंखें कैसे चल सकती हैं, लेकिन यह सच्चाई है कि उनकी आंखें चलती हैं, पुतलियां घूमती हैं। वह आंखें खोलते और बंद करते हैं, लेकिन दिमाग काम न करने की वजह से कोई रिएक्शन नहीं दे पाते हैं। मेडिकल टीम उनकी बीमारी को लाइलाज घोषित कर चुकी है। पिता अशोक राणा ने बताया था कि उनकी दिमाग की नसें सूख चुकी हैं। वह कोई रिएक्शन नहीं देते हैं। सब तरफ से निराश होने के बाद उन्होंने निष्क्रिय इच्छामृत्यु के लिए चार साल पहले कानूनी लड़ाई लड़नी शुरू की।
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