शिफा की मौत की कहानी पढ़ कांप जाएगा कलेजा: बेटी के गंदे कपड़े न धोने पड़ें, मां ने मार डाला; बाप ने दिया साथ
थाने पर फूट-फूटकर रोए जहीर लॉकअप के पास पहुंचे और उन्होंने अपने दामाद से कहा कि वो तो सौतेली मां थी तू तो उसका बाप था रे। तूने भी बच्ची पर थप्पड़ बरसाए, तेरा कलेजा नहीं फटा बिन मां की बेटी को पिटते देख।
विस्तार
एक मां सौतेली बेटी की हत्यारोपी बन गई। डेढ घंटे तक छह वर्षीय मासूम बिटिया को डंडे से पीटा, उसका मासूम भाई बहन को चीखता चिल्लाता देख रो पड़ा। इस हत्यारिन ने उसे भी दर्द सहन करने की क्षमता तक पीटा। इसकी ऐसी क्रूरता के बाद भी दिल नहीं पसीजा। बेहोश होने पर बच्ची को चारपाई पर सिसकने के लिए छोड़ दिया।
बेहोश हुई बेटी तो डॉक्टर की जगह ले गए मौलवी के पास
रात भर दर्द से करहाने वाली बिटिया सुबह तक बेहोश हो गई। जिसके बाद हत्यारोपी सौतेली मां और पिता बेहोशी की हालत में लेकर एक मौलवी के पास पहुंचे। यहां भी इस बिटिया के जीवन की बची स्वांस अंधविश्वास के दोजख में झोक दी गई। मौलवी ने ताबीज दिया और मरनासन्न हालत में बिटिया को धूप में रखने की सलाह दी। बेहरम माता-पिता ने ऐसा ही किया। 11 जनवरी की सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक जिंदगी की आस में सांसें गिन रही बिटिया को बेरहम सौतेली मां ने अर्द्धनग्नावस्था में छत पर लकड़ी के पटरे पर लिटाए रखा।
नाना बोले- वो तो सौतेली मां थी तू तो उसका बाप था रे
एसीपी प्रियाश्री पाल ने बताया कि जांच के बाद अकरम और उसकी दूसरी पत्नी निशा परवीन के खिलाफ तहरीर देने के लिए मृतका के नाना को थाने पर बुलाया गया। थाने पर पहुंचे ग्राम नेकपुर साबितनगर में रहने वाले जहीर ने खुद को शिफा का नाना बताया। थाने पर फूट-फूटकर रोए जहीर लॉकअप के पास पहुंचे और उन्होंने अपने दामाद से कहा कि वो तो सौतेली मां थी तू तो उसका बाप था रे। तूने भी बच्ची पर थप्पड़ बरसाए, तेरा कलेजा नहीं फटा बिन मां की बेटी को पिटते देख। एसीपी ने बताया कि पूछताछ में आरोपी अकरम ने बताया कि वह बाजार में चप्पल, जूतों की फेरी लगाता है। उसकी पत्नी आये दिन बच्चों से मारपीट करती थी। विरोध करने पर वह धमकी देती थी कि अगर बच्चों का साथ दिया तो वह उसे छोड़कर चली जाएगी।
बस गंदे कपड़े धोने पड़ेंगे, इसीलिए मार डाला
मासूम मुस्कुराहट बांटकर अक्सर नन्हीं परी मां के आंचल में छिप जाती हैं। लेकिन शिफा के लिए मां का आंचल नहीं उसकी कब्र साबित हुआ। इस अभागी का बस इतना सा कुसूर था कि घर के बाहर खेलते हुए उसका पैर नाली में गिर गया, जिससे उसके कपड़े गंदे हो गए। कपड़े गंदे देखकर उसकी सौतेली मां आपा खो बैठी और कसाई बन गई। गंदे कपड़े धोने पड़ेंगे बस इसीलिए बच्ची को मार डाला।
साहब एक्सीडेंट हो गया था
बच्ची के मरने का दोनों ने दो दिनों तक इंतजार किया। जब बच्ची की आंखों की पुतली चढ़ गई और शरीर सर्द होने लगा, उसके बाद उसे बाइक पर बैठाया और एक चिकित्सक के यहां ले जाने लगे। बच्ची को उसकी मां ने तब भी सहारा नहीं दिया न पकड़ा। रास्ते में बच्ची बाइक से गिर गई। असंतुलित होकर दोनों भी बाइक से गिर गए। पुलिस बच्ची की मौत की सूचना पर घर पहुंची तो दोनों ने कहा हमारी बेटी का एक्सीडेंट हो गया था।