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Ghaziabad News: इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की चिंगारी से धधकी थी खोड़ा की इमारत में आग
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साहिबाबाद। तीन मार्च की देर रात करीब 12ः30 बजे खोड़ा के संगम विहार स्थित बीरबल नगर की जिस पांच मंजिला इमारत में आग लगी थी, उस हादसे की जांच रिपोर्ट दमकल विभाग ने लखनऊ मुख्यालय भेज दी है। इस रिपोर्ट में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की चिंगारी से पहले वाहनों में आग लगने और उसके बाद बिल्डिंग में फैलने की बात सामने आई है। इमारत को अवैध भी बताया गया है। हादसे में अभी तक एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो चुकी है।
पांच मंजिला इमारत में रह रहे 43 परिवार तीन मार्च की देर रात आग की लपटों और जहरीले धुएं के बीच फंस गए थे। सोते हुए परिवारों को यह भी नहीं पता था कि मौत उनके बेहद करीब थी। इस हादसे में 20 से ज्यादा लोग बेहोश हुए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं बिल्डिंग में रहने वाले राजेंद्र, उनकी पत्नी मीना, दो बेटियां नीतू और अंजलि की मौत हो गई थी।
घटना में 35 से ज्यादा वाहन जलकर राख हो गए थे। हादसे के बाद से ही बचे हुए लोगों ने इमारत छोड़ दी। कोई किराये पर दूसरी जगह रहने लगा तो किसी ने क्षेत्र ही छोड़ दिया। जाने वाले परिवारों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि पांच मंजिला इमारत पूरी तरह अवैध है। भवन का नगर पालिका से नक्शा पास नहीं था, न ही दमकल विभाग की एनओसी थी। अग्निशमन उपकरण नहीं थे। जांच में यह भी सामने आया कि आग इलेक्ट्रिकल पैनल के पास से निकली चिंगारी से नीचे खड़े वाहनों में लगी। वाहनों के बाद आग पूरी इमारत में फैलती चली गई। सीएफओ ने बताया कि पूरी बिल्डिंग में केवल एक ही जीना (एकल सीढ़ी) थी। बचकर निकलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था। बिल्डिंग का पिछला गेट भी बंद रहने की बात सामने आई है। यहां तक कि पिछले गेट के पास वाहनों के खड़े होने से जगह भी घिरी हुई थी।
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पांच मंजिला इमारत में रह रहे 43 परिवार तीन मार्च की देर रात आग की लपटों और जहरीले धुएं के बीच फंस गए थे। सोते हुए परिवारों को यह भी नहीं पता था कि मौत उनके बेहद करीब थी। इस हादसे में 20 से ज्यादा लोग बेहोश हुए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं बिल्डिंग में रहने वाले राजेंद्र, उनकी पत्नी मीना, दो बेटियां नीतू और अंजलि की मौत हो गई थी।
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घटना में 35 से ज्यादा वाहन जलकर राख हो गए थे। हादसे के बाद से ही बचे हुए लोगों ने इमारत छोड़ दी। कोई किराये पर दूसरी जगह रहने लगा तो किसी ने क्षेत्र ही छोड़ दिया। जाने वाले परिवारों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि पांच मंजिला इमारत पूरी तरह अवैध है। भवन का नगर पालिका से नक्शा पास नहीं था, न ही दमकल विभाग की एनओसी थी। अग्निशमन उपकरण नहीं थे। जांच में यह भी सामने आया कि आग इलेक्ट्रिकल पैनल के पास से निकली चिंगारी से नीचे खड़े वाहनों में लगी। वाहनों के बाद आग पूरी इमारत में फैलती चली गई। सीएफओ ने बताया कि पूरी बिल्डिंग में केवल एक ही जीना (एकल सीढ़ी) थी। बचकर निकलने का कोई दूसरा रास्ता नहीं था। बिल्डिंग का पिछला गेट भी बंद रहने की बात सामने आई है। यहां तक कि पिछले गेट के पास वाहनों के खड़े होने से जगह भी घिरी हुई थी।