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Gurugram News: तालाबों में 5.76 करोड़ लीटर अतिरिक्त वर्षा जल संग्रहित
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मानसून से पहले तालाबों की डी-वाटरिंग, गहरीकरण और जलभराव संभावित क्षेत्रों से कनेक्टिविटी का मिला लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा मानसून से पहले किए गए तालाबों के पुनर्जीवन कार्यों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शहर के तालाबों में 5.76 करोड़ लीटर अतिरिक्त बरसाती पानी का संग्रह हुआ है। इससे वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा मिला है और जलभराव की स्थिति को नियंत्रित करने में भी मदद मिली है।
यह जानकारी बुधवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई तालाब पुनर्जीवन समिति की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में तालाबों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। मानसून से पहले तालाबों से पानी निकालने, गाद निकालने और गहरीकरण का कार्य किया गया था। इससे उनकी जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि हुई। वर्षा जल को तालाबों तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन और प्रणाली की व्यवस्था भी की गई। इन प्रयासों से बारिश के दौरान बड़ी मात्रा में बहाव को तालाबों में जमा किया जा सका। तालाबों को जलभराव संभावित क्षेत्रों से जोड़ने से बारिश का पानी सीधे तालाबों की ओर मोड़ा गया। इससे सड़कों और निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने से रोका जा सका।
वर्षा जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण
बैठक में प्रस्तुत सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, बारिश से पहले तालाबों में 9.75 करोड़ लीटर पानी था। बारिश के बाद यह मात्रा बढ़कर 15.51 करोड़ लीटर हो गई। इस प्रकार, बारिश के दौरान 5.76 करोड़ लीटर अतिरिक्त वर्षा जल तालाबों में संग्रहित किया गया। यह उपलब्धि गुरुग्राम में वर्षा जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
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नियमित निगरानी के दिए निर्देश
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि तालाबों का पुनर्जीवन जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि आगे भी तालाबों की क्षमता बढ़ाने पर कार्य किया जाएगा। अधिकारियों को तालाबों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकतानुसार गहरीकरण, गाद निकालने और जल निकासी संपर्क के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। निगम क्षेत्र में कुल 140 तालाब चिह्नित हैं, जिनमें से 30 विकसित और 21 बन रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा मानसून से पहले किए गए तालाबों के पुनर्जीवन कार्यों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। शहर के तालाबों में 5.76 करोड़ लीटर अतिरिक्त बरसाती पानी का संग्रह हुआ है। इससे वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा मिला है और जलभराव की स्थिति को नियंत्रित करने में भी मदद मिली है।
यह जानकारी बुधवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई तालाब पुनर्जीवन समिति की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक में तालाबों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। मानसून से पहले तालाबों से पानी निकालने, गाद निकालने और गहरीकरण का कार्य किया गया था। इससे उनकी जल संग्रहण क्षमता में वृद्धि हुई। वर्षा जल को तालाबों तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन और प्रणाली की व्यवस्था भी की गई। इन प्रयासों से बारिश के दौरान बड़ी मात्रा में बहाव को तालाबों में जमा किया जा सका। तालाबों को जलभराव संभावित क्षेत्रों से जोड़ने से बारिश का पानी सीधे तालाबों की ओर मोड़ा गया। इससे सड़कों और निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने से रोका जा सका।
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वर्षा जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण
बैठक में प्रस्तुत सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, बारिश से पहले तालाबों में 9.75 करोड़ लीटर पानी था। बारिश के बाद यह मात्रा बढ़कर 15.51 करोड़ लीटर हो गई। इस प्रकार, बारिश के दौरान 5.76 करोड़ लीटर अतिरिक्त वर्षा जल तालाबों में संग्रहित किया गया। यह उपलब्धि गुरुग्राम में वर्षा जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
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नियमित निगरानी के दिए निर्देश
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि तालाबों का पुनर्जीवन जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि आगे भी तालाबों की क्षमता बढ़ाने पर कार्य किया जाएगा। अधिकारियों को तालाबों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकतानुसार गहरीकरण, गाद निकालने और जल निकासी संपर्क के कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे। निगम क्षेत्र में कुल 140 तालाब चिह्नित हैं, जिनमें से 30 विकसित और 21 बन रहे हैं।