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Gurugram News: प्रवेश उत्सव...अब हर बच्चा जाएगा स्कूल
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शिक्षा विभाग की पहल...अभिभावकों की चौखट पर पहुंचेंगे गुरुजी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम।
सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने खास अभियान शुरू किया है। अब शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से बात करेंगे और उन्हें सरकारी स्कूलों की पढ़ाई के बारे में जानकारी देंगे। इस अभियान को प्रवेश उत्सव का नाम दिया गया है। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा बच्चों को स्कूल में दाखिला कराना है। साथ ही उन बच्चों पर ध्यान दिया जाएगा जिन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी है। ऐसे बच्चों को फिर से स्कूल से जोड़ने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई है।
अभियान के दौरान अभिभावकों को मिड डे मील, मुफ्त किताबें यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति, स्मार्ट क्लास और खेल सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा स्कूलों के अच्छे माहौल, अनुभवी शिक्षकों और अच्छे परीक्षा परिणामों की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि अभिभावकों का भरोसा बढ़ सके। शिक्षा विभाग का कहना है कि कई बार अभिभावकों को सरकारी स्कूलों की सही जानकारी नहीं मिल पाती, इसलिए वे निजी स्कूलों को चुनते हैं।
यह अभियान इसी सोच को बदलने में मदद करेगा। विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा बच्चों का रजिस्ट्रेशन करें और अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखें। इस दौरान रैली, बैठक और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उम्मीद है कि इससे दाखिले बढ़ेंगे और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चे भी फिर से स्कूल लौटेंगे।
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गुरुग्राम।
सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने खास अभियान शुरू किया है। अब शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से बात करेंगे और उन्हें सरकारी स्कूलों की पढ़ाई के बारे में जानकारी देंगे। इस अभियान को प्रवेश उत्सव का नाम दिया गया है। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा बच्चों को स्कूल में दाखिला कराना है। साथ ही उन बच्चों पर ध्यान दिया जाएगा जिन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी है। ऐसे बच्चों को फिर से स्कूल से जोड़ने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई है।
अभियान के दौरान अभिभावकों को मिड डे मील, मुफ्त किताबें यूनिफॉर्म, छात्रवृत्ति, स्मार्ट क्लास और खेल सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा स्कूलों के अच्छे माहौल, अनुभवी शिक्षकों और अच्छे परीक्षा परिणामों की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि अभिभावकों का भरोसा बढ़ सके। शिक्षा विभाग का कहना है कि कई बार अभिभावकों को सरकारी स्कूलों की सही जानकारी नहीं मिल पाती, इसलिए वे निजी स्कूलों को चुनते हैं।
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यह अभियान इसी सोच को बदलने में मदद करेगा। विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा बच्चों का रजिस्ट्रेशन करें और अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखें। इस दौरान रैली, बैठक और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। उम्मीद है कि इससे दाखिले बढ़ेंगे और पढ़ाई छोड़ चुके बच्चे भी फिर से स्कूल लौटेंगे।