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Gurugram News: प्रतिबंध के बावजूद केएमपी एक्सप्रेसवे पर दौड़ रहे कृषि और दोपहिया वाहन, बड़ा हादसा टला
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केएमपी पर हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन।
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फोटो :- केएमपी पर हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन।
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित कृषि वाहन, दोपहिया और थ्री-व्हीलर वाहनों की आवाजाही लगातार जारी रहने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे रोजका मेव थाना क्षेत्र के खोड़ बसई के पास एक कृषि वाहन के अचानक सामने आने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रेलर चालक ने कृषि वाहन को देखकर अचानक ब्रेक लगाए, जिससे पीछे चल रहे अन्य वाहन भी असंतुलित हो गए। हालांकि चालक की सतर्कता के चलते कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित वाहनों के प्रवेश को लेकर चिंता जताई और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि केएमपी एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली, कृषि वाहन, दोपहिया और थ्री-व्हीलर वाहनों का संचालन नियमों के तहत प्रतिबंधित है, इसके बावजूद ऐसे वाहन बिना रोक-टोक एक्सप्रेसवे पर पहुंच रहे हैं। उनका आरोप है कि संबंधित विभागों और पुलिस की ढिलाई के कारण नियमों की अनदेखी हो रही है, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
हादसे की सूचना मिलने पर केएमपी ट्रैफिक थाना धुलावट के प्रभारी कृष्ण दहिया तथा रोजका मेव पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉली व सामान को सड़क किनारे हटवाकर यातायात सुचारु कराया। स्थानीय लोगों ने टोल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए प्रतिबंधित वाहनों के प्रवेश पर प्रभावी निगरानी की मांग की है।
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गौरतलब है कि खोड़ बसई क्षेत्र में इससे पहले भी ऐसा हादसा हो चुका है। 28 दिसंबर 2024 को भूसे से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में तेज रफ्तार कंटेनर की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि उसका पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया था। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि एक्सप्रेसवे पर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और प्रतिबंधित वाहनों के खिलाफ नियमित अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित कृषि वाहन, दोपहिया और थ्री-व्हीलर वाहनों की आवाजाही लगातार जारी रहने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। बृहस्पतिवार सुबह करीब नौ बजे रोजका मेव थाना क्षेत्र के खोड़ बसई के पास एक कृषि वाहन के अचानक सामने आने से बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेज रफ्तार से आ रहे एक ट्रेलर चालक ने कृषि वाहन को देखकर अचानक ब्रेक लगाए, जिससे पीछे चल रहे अन्य वाहन भी असंतुलित हो गए। हालांकि चालक की सतर्कता के चलते कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंधित वाहनों के प्रवेश को लेकर चिंता जताई और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि केएमपी एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली, कृषि वाहन, दोपहिया और थ्री-व्हीलर वाहनों का संचालन नियमों के तहत प्रतिबंधित है, इसके बावजूद ऐसे वाहन बिना रोक-टोक एक्सप्रेसवे पर पहुंच रहे हैं। उनका आरोप है कि संबंधित विभागों और पुलिस की ढिलाई के कारण नियमों की अनदेखी हो रही है, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
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हादसे की सूचना मिलने पर केएमपी ट्रैफिक थाना धुलावट के प्रभारी कृष्ण दहिया तथा रोजका मेव पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर-ट्रॉली व सामान को सड़क किनारे हटवाकर यातायात सुचारु कराया। स्थानीय लोगों ने टोल प्रबंधन की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए प्रतिबंधित वाहनों के प्रवेश पर प्रभावी निगरानी की मांग की है।
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गौरतलब है कि खोड़ बसई क्षेत्र में इससे पहले भी ऐसा हादसा हो चुका है। 28 दिसंबर 2024 को भूसे से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में तेज रफ्तार कंटेनर की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि उसका पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गया था। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि एक्सप्रेसवे पर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए और प्रतिबंधित वाहनों के खिलाफ नियमित अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

केएमपी पर हादसे में क्षतिग्रस्त वाहन।