{"_id":"6a6203a66104bea3860ceb29","slug":"abhinav-bindra-says-need-education-system-that-inspires-confidence-2026-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Abhinav Bindra: नीट आंदोलन के बीच अभिनव बिंद्रा का खास संदेश, शिक्षा को राजनीति से ऊपर रखने की अपील","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
Abhinav Bindra: नीट आंदोलन के बीच अभिनव बिंद्रा का खास संदेश, शिक्षा को राजनीति से ऊपर रखने की अपील
Thu, 23 Jul 2026 05:36 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Thu, 23 Jul 2026 05:36 PM IST
सार
नीट परीक्षा विवाद के बीच ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने कहा कि देश को ऐसी शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है, जो युवाओं में विश्वास जगाए, मेरिट को सम्मान दे और जिज्ञासा को बढ़ावा दे। उन्होंने शिक्षा को राजनीति से ऊपर का विषय बताते हुए सभी से मिलकर शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने की अपील की।
विज्ञापन
नीट आंदोलन पर क्या बोले अभिनव बिंद्रा
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर अहम टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि देश को ऐसी शिक्षा प्रणाली की जरूरत है, जो युवाओं में विश्वास पैदा करे, योग्यता को सम्मान दे और जिज्ञासा को बढ़ावा दे।
बिंद्रा ने किया ट्वीट
हालांकि बिंद्रा ने नीट विवाद या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर चल रहे आंदोलन पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उन्होंने शिक्षा को राजनीति से ऊपर का विषय बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बिंद्रा ने लिखा, 'मैंने कभी खुद को राजनीतिक व्यक्ति नहीं माना। लेकिन मेरा मानना है कि कुछ मुद्दे ऐसे होते हैं, जो हम सभी के हैं, चाहे हमारी राजनीतिक सोच कुछ भी हो। शिक्षा ऐसा ही एक विषय है।'
उन्होंने आगे कहा, 'किसी भी राष्ट्र की पहचान केवल उसकी अर्थव्यवस्था या उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वह अपने युवाओं के लिए कितने अवसर पैदा करता है। ऐसी शिक्षा व्यवस्था, जो विश्वास जगाए, प्रतिभा को सम्मान दे और जिज्ञासा को प्रोत्साहित करे, किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होती है।' बिंद्रा ने सभी पक्षों से मिलकर शिक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसर, नवाचार और उम्मीद का मजबूत आधार बनी रहनी चाहिए।
विज्ञापन
नीट को लेकर जारी है आंदोलन
देशभर में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी कर रही है, जबकि पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी अनशन के जरिए आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।अनशन के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने पर वांगचुक को पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी पत्नी की याचिका पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। गौरतलब है कि 20 जुलाई को हजारों छात्रों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया था।
विज्ञापन
बिंद्रा ने किया ट्वीट
हालांकि बिंद्रा ने नीट विवाद या केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग पर चल रहे आंदोलन पर सीधे तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की, लेकिन उन्होंने शिक्षा को राजनीति से ऊपर का विषय बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए बिंद्रा ने लिखा, 'मैंने कभी खुद को राजनीतिक व्यक्ति नहीं माना। लेकिन मेरा मानना है कि कुछ मुद्दे ऐसे होते हैं, जो हम सभी के हैं, चाहे हमारी राजनीतिक सोच कुछ भी हो। शिक्षा ऐसा ही एक विषय है।'
विज्ञापन
उन्होंने आगे कहा, 'किसी भी राष्ट्र की पहचान केवल उसकी अर्थव्यवस्था या उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वह अपने युवाओं के लिए कितने अवसर पैदा करता है। ऐसी शिक्षा व्यवस्था, जो विश्वास जगाए, प्रतिभा को सम्मान दे और जिज्ञासा को प्रोत्साहित करे, किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत होती है।' बिंद्रा ने सभी पक्षों से मिलकर शिक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत करने की अपील करते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसर, नवाचार और उम्मीद का मजबूत आधार बनी रहनी चाहिए।
विज्ञापन
नीट को लेकर जारी है आंदोलन
देशभर में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन जारी हैं। आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी कर रही है, जबकि पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी अनशन के जरिए आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।अनशन के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने पर वांगचुक को पहले दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी पत्नी की याचिका पर उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। गौरतलब है कि 20 जुलाई को हजारों छात्रों ने संसद की ओर मार्च करने की कोशिश की थी। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया था।