{"_id":"6a2aacc417b11701240b8676","slug":"ai-bringing-major-changes-to-the-education-sector-need-to-embrace-innovation-mahadev-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-91005-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षण के क्षेत्र में एआई ला रहा बड़ा बदलाव, नवाचार अपनाने की जरूरत : महादेव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षण के क्षेत्र में एआई ला रहा बड़ा बदलाव, नवाचार अपनाने की जरूरत : महादेव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गुरुग्राम। शिक्षण व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तेजी से बदलाव ला रहा है। आने वाले समय में वही शिक्षक और संस्थान प्रासंगिक रहेंगे, जो नई तकनीकों को अपनाकर शिक्षण के तरीकों में बदलाव करेंगे। यह बात आईआईएम संबलपुर के निदेशक प्रोफेसर महादेव जायसवाल ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय (एसवीएसयू) के गुरुग्राम स्थित ट्रांजिट कैंपस में आयोजित मास्टर क्लास के दौरान कही।
प्रबंधन संकाय के शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रो. जायसवाल ने कॉलेबोरेटिव लर्निंग और कॉग्निटिव एआई के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अब केवल विद्यार्थियों तक जानकारी पहुंचाना शिक्षक की भूमिका नहीं रह गई है, बल्कि ज्ञान में नई सोच, रचनात्मकता और नवाचार जोड़ना समय की मांग है। एआई ने तकनीक और मानवीय ज्ञान को एक साथ जोड़ दिया है, जिससे शिक्षा के नए रास्ते खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया में भी एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। कई नए एप्लीकेशन और टूल्स विकसित हो चुके हैं, जो शिक्षण और आकलन को आसान व प्रभावी बना रहे हैं। उन्होंने एआई की विभिन्न परतों और भविष्य में बदलती शिक्षक की भूमिका पर भी जानकारी दी। एसवीएसयू के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि देश की प्रमुख स्किल यूनिवर्सिटी के रूप में विश्वविद्यालय लगातार शिक्षण और प्रशिक्षण में नए प्रयोग कर रहा है। एआई को उसकी उपयोगिता के अनुसार शिक्षा प्रणाली में शामिल किया जा रहा है। संवाद
प्रबंधन संकाय के शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रो. जायसवाल ने कॉलेबोरेटिव लर्निंग और कॉग्निटिव एआई के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अब केवल विद्यार्थियों तक जानकारी पहुंचाना शिक्षक की भूमिका नहीं रह गई है, बल्कि ज्ञान में नई सोच, रचनात्मकता और नवाचार जोड़ना समय की मांग है। एआई ने तकनीक और मानवीय ज्ञान को एक साथ जोड़ दिया है, जिससे शिक्षा के नए रास्ते खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन प्रक्रिया में भी एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। कई नए एप्लीकेशन और टूल्स विकसित हो चुके हैं, जो शिक्षण और आकलन को आसान व प्रभावी बना रहे हैं। उन्होंने एआई की विभिन्न परतों और भविष्य में बदलती शिक्षक की भूमिका पर भी जानकारी दी। एसवीएसयू के कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि देश की प्रमुख स्किल यूनिवर्सिटी के रूप में विश्वविद्यालय लगातार शिक्षण और प्रशिक्षण में नए प्रयोग कर रहा है। एआई को उसकी उपयोगिता के अनुसार शिक्षा प्रणाली में शामिल किया जा रहा है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन