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Gurugram News: खराब सड़कें, जाम और अतिक्रमण बना उद्योग विहार की पहचान
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- उद्योग विहार चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के संवाद कार्यक्रम में उद्यमियों ने उठाईं बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। उद्योग विहार में खराब सड़कें, अतिक्रमण, जाम और सफाई व्यवस्था की बदहाली अब उद्योगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। उद्योग विहार चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से फेज-4 स्थित क्वाइन पार्क में आयोजित उद्यमी संवाद कार्यक्रम में कारोबारियों ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। उद्यमियों ने बताया कि वर्ष 2018 में जिन सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर जारी हुए थे, उन पर आज तक काम शुरू नहीं हो पाया। ओल्ड दिल्ली रोड से ज्वाला मिल और श्याम चौक तक रोजाना भारी जाम लगता है, जिससे आवाजाही में घंटों लग जाते हैं। उद्योग विहार में करीब 3000 औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जिनमें ऑटोमोटिव, परिधान, कपड़ा और सर्विस सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। उद्यमियों का कहना है कि सड़कों की खराब स्थिति, पार्किंग की कमी और सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण कई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट यहां से शिफ्ट हो चुकी हैं।
वर्जन -
उद्योग विहार की सड़कों, अतिक्रमण और गंदगी को लेकर अधिकारियों को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। यहां सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। - अशोक कुमार कोहली, अध्यक्ष, उद्योग विहार चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज
न्यूनतम मजदूरी दर बढ़ने से उद्योगों का खर्च काफी बढ़ गया है। पुराने और कुशल श्रमिक भी वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। - अश्विनी कुमार, महासचिव
कई सड़कें लंबे समय से टूटी पड़ी हैं। शाम के समय यहां से निकलने में 45 मिनट तक लग जाते हैं। - अक्षय अग्रवाल, संयुक्त सचिव
खराब इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण कई उद्यमी उद्योग विहार छोड़ चुके हैं। यह हरियाणा के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। - राज सिंगला, संरक्षक
जाम, अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ रही है। यहां हजारों लोग रोजाना आते हैं, लेकिन सुविधाएं नदारद हैं। - राजेश शर्मा
सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। नगर निगम कचरा टैक्स तो ले रहा है, लेकिन सफाई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। - अशोक बत्रा
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। उद्योग विहार में खराब सड़कें, अतिक्रमण, जाम और सफाई व्यवस्था की बदहाली अब उद्योगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। उद्योग विहार चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज की ओर से फेज-4 स्थित क्वाइन पार्क में आयोजित उद्यमी संवाद कार्यक्रम में कारोबारियों ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। उद्यमियों ने बताया कि वर्ष 2018 में जिन सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर जारी हुए थे, उन पर आज तक काम शुरू नहीं हो पाया। ओल्ड दिल्ली रोड से ज्वाला मिल और श्याम चौक तक रोजाना भारी जाम लगता है, जिससे आवाजाही में घंटों लग जाते हैं। उद्योग विहार में करीब 3000 औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, जिनमें ऑटोमोटिव, परिधान, कपड़ा और सर्विस सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं। उद्यमियों का कहना है कि सड़कों की खराब स्थिति, पार्किंग की कमी और सफाई व्यवस्था की अनदेखी के कारण कई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट यहां से शिफ्ट हो चुकी हैं।
वर्जन -
उद्योग विहार की सड़कों, अतिक्रमण और गंदगी को लेकर अधिकारियों को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। यहां सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। - अशोक कुमार कोहली, अध्यक्ष, उद्योग विहार चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज
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न्यूनतम मजदूरी दर बढ़ने से उद्योगों का खर्च काफी बढ़ गया है। पुराने और कुशल श्रमिक भी वेतन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। - अश्विनी कुमार, महासचिव
कई सड़कें लंबे समय से टूटी पड़ी हैं। शाम के समय यहां से निकलने में 45 मिनट तक लग जाते हैं। - अक्षय अग्रवाल, संयुक्त सचिव
खराब इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण कई उद्यमी उद्योग विहार छोड़ चुके हैं। यह हरियाणा के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल है। - राज सिंगला, संरक्षक
जाम, अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ रही है। यहां हजारों लोग रोजाना आते हैं, लेकिन सुविधाएं नदारद हैं। - राजेश शर्मा
सड़क किनारे कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। नगर निगम कचरा टैक्स तो ले रहा है, लेकिन सफाई व्यवस्था दिखाई नहीं देती। - अशोक बत्रा