{"_id":"6a58d6bd63d4080a4601d7e8","slug":"gurugrams-exporting-units-benefit-from-the-agreement-with-the-uk-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-94648-2026-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: यूके के साथ समझौते से गुरुग्राम की निर्यातक इकाइयों को लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: यूके के साथ समझौते से गुरुग्राम की निर्यातक इकाइयों को लाभ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीआईए ने भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच हुए आर्थिक और व्यापारिक समझौते का स्वागत किया
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (जीआईए) ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच हुए व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (कंप्रीहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट – सीईटीए) का स्वागत करते हुए इसे भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) और विशेष रूप से गुरुग्राम के उद्योगों के लिए एक ऐतिहासिक एवं दूरगामी लाभ का समझौता बताया है।
जीआईए के अध्यक्ष सुमित राव ने कहा कि भारत–यूके सीईटीए से गुरुग्राम के ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग गुड्स, मशीन पार्ट्स, इलेक्ट्रिकल उत्पाद, रेडीमेड गारमेंट्स तथा आईटी सेवाओं से जुड़े एमएसएमई को यूके के विशाल बाजार तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी। अनेक उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) कम होने अथवा समाप्त होने से गुरुग्राम के उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर यूके में उपलब्ध होंगे, जिससे निर्यात में वृद्धि और नए निर्यात आर्डर मिलने की संभावनाएं मजबूत होंगी। इससे उद्योगों के विस्तार के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जीआईए के महासचिव संजीव बंसल ने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीकी सहयोग, संयुक्त उपक्रम , निवेश और नवाचार को भी नई गति देगा। गुरुग्राम के ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, बीपीओ, एवं अन्य सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को वैश्विक स्तर पर अपने व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। आधुनिक तकनीक, कौशल विकास और विदेशी निवेश से एमएसएमई की उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
विज्ञापन
जीआईए के निवर्तमान अध्यक्ष जेएन.मंगला ने कहा कि भारत-यूके सीईटीए का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा जब अधिक से अधिक एमएसएमई इस समझौते के प्रावधानों की जानकारी प्राप्त कर उनका प्रभावी उपयोग करें। यह समझौता मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एसोसिएशन ने आशा व्यक्त की कि इस समझौते से गुरुग्राम का औद्योगिक क्षेत्र वैश्विक आपूर्ति शृंख्ला में अपनी भागीदारी को और अधिक मजबूत करेगा और एमएसएमई क्षेत्र को दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त होगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन (जीआईए) ने भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच हुए व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (कंप्रीहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट – सीईटीए) का स्वागत करते हुए इसे भारत के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) और विशेष रूप से गुरुग्राम के उद्योगों के लिए एक ऐतिहासिक एवं दूरगामी लाभ का समझौता बताया है।
जीआईए के अध्यक्ष सुमित राव ने कहा कि भारत–यूके सीईटीए से गुरुग्राम के ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग गुड्स, मशीन पार्ट्स, इलेक्ट्रिकल उत्पाद, रेडीमेड गारमेंट्स तथा आईटी सेवाओं से जुड़े एमएसएमई को यूके के विशाल बाजार तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी। अनेक उत्पादों पर आयात शुल्क (टैरिफ) कम होने अथवा समाप्त होने से गुरुग्राम के उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर यूके में उपलब्ध होंगे, जिससे निर्यात में वृद्धि और नए निर्यात आर्डर मिलने की संभावनाएं मजबूत होंगी। इससे उद्योगों के विस्तार के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
विज्ञापन
जीआईए के महासचिव संजीव बंसल ने कहा कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीकी सहयोग, संयुक्त उपक्रम , निवेश और नवाचार को भी नई गति देगा। गुरुग्राम के ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, बीपीओ, एवं अन्य सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को वैश्विक स्तर पर अपने व्यवसाय का विस्तार करने का अवसर मिलेगा। आधुनिक तकनीक, कौशल विकास और विदेशी निवेश से एमएसएमई की उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
विज्ञापन
जीआईए के निवर्तमान अध्यक्ष जेएन.मंगला ने कहा कि भारत-यूके सीईटीए का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा जब अधिक से अधिक एमएसएमई इस समझौते के प्रावधानों की जानकारी प्राप्त कर उनका प्रभावी उपयोग करें। यह समझौता मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। एसोसिएशन ने आशा व्यक्त की कि इस समझौते से गुरुग्राम का औद्योगिक क्षेत्र वैश्विक आपूर्ति शृंख्ला में अपनी भागीदारी को और अधिक मजबूत करेगा और एमएसएमई क्षेत्र को दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्राप्त होगा।