{"_id":"6a2fe48f6e60ef933a08e9a5","slug":"in-the-name-of-a-solution-yet-another-new-date-has-been-given-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-91477-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: समाधान के नाम पर फिर मिली नई तारीख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: समाधान के नाम पर फिर मिली नई तारीख
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
15 जून तक पूरे करने थे जलभराव से निपटने के कार्य, आयुक्त ने 15 दिन में काम समाप्त करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के प्रशासनिक दावे मानसून की पहली बारिश से पहले ही हवा हो गए हैं। ड्रेनेज और नालों की सफाई के लिए तय की गई 15 जून की अंतिम समय-सीमा बीत जाने के बाद भी धरातल पर काम अधूरे हैं। समाधान के नाम पर एक बार फिर प्रशासन की ओर से नई तारीख मिली है। नगर निगम की इस कछुआ चाल से आगामी दिनों में शहर के डूबने का खतरा बढ़ गया है। सोमवार को निगम आयुक्त प्रदीप सिंह ने डिप्टी मेयर रीमा चौहान और पार्षद रूचि कौशिक के साथ वार्ड-3 के हयातपुर गांव का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले गांव के सभी छोटे-बड़े नालों और नालियों की सफाई पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के समय जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को समय रहते सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। आयुक्त प्रदीप सिंह ने कहा कि बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पंप सेट भी तैयार रखे जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत पानी निकाला जा सके।
निरीक्षण के दौरान गांव के पास जीएमडीए रोड स्थित वर्धमान फ्लोरा चौक का भी जायजा लिया गया। यहां लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्पीड ब्रेकर लगाने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि नालों की सफाई, पंपों की उपलब्धता, पंप ऑपरेटर की नियुक्ति और स्पीड ब्रेकर लगाने सहित सभी कार्य अगले 15 दिनों के भीतर पूरे कर लिए जाएं।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। शहर को जलभराव से मुक्ति दिलाने के प्रशासनिक दावे मानसून की पहली बारिश से पहले ही हवा हो गए हैं। ड्रेनेज और नालों की सफाई के लिए तय की गई 15 जून की अंतिम समय-सीमा बीत जाने के बाद भी धरातल पर काम अधूरे हैं। समाधान के नाम पर एक बार फिर प्रशासन की ओर से नई तारीख मिली है। नगर निगम की इस कछुआ चाल से आगामी दिनों में शहर के डूबने का खतरा बढ़ गया है। सोमवार को निगम आयुक्त प्रदीप सिंह ने डिप्टी मेयर रीमा चौहान और पार्षद रूचि कौशिक के साथ वार्ड-3 के हयातपुर गांव का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले गांव के सभी छोटे-बड़े नालों और नालियों की सफाई पूरी कर ली जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के समय जलभराव की समस्या न हो, इसके लिए जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को समय रहते सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। आयुक्त प्रदीप सिंह ने कहा कि बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त पंप सेट भी तैयार रखे जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत पानी निकाला जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान गांव के पास जीएमडीए रोड स्थित वर्धमान फ्लोरा चौक का भी जायजा लिया गया। यहां लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्पीड ब्रेकर लगाने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि नालों की सफाई, पंपों की उपलब्धता, पंप ऑपरेटर की नियुक्ति और स्पीड ब्रेकर लगाने सहित सभी कार्य अगले 15 दिनों के भीतर पूरे कर लिए जाएं।