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Gurugram News: 35 लाख वाहन मालिकों पर महंगाई की नई चोट
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पेट्रोल, डीजल और सीएनजी महंगी होने से बिगड़ा घरेलू बजट
ऑटो-टैक्सी चालकों से लेकर नौकरीपेशा तक परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगे हैं। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने जिले के करीब 35 लाख वाहन स्वामियों की चिंता बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार रात से लागू हुई नई दरों के बाद पेट्रोल 94.44 रुपये से बढ़कर 97.23 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.51 रुपये से बढ़कर 90.52 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं, सीएनजी के दाम में भी तीन रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।
लगभग चार साल बाद ईंधन कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी ने आम आदमी का मासिक बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। पहले से ही रसोई गैस, बिजली बिल और खाद्य पदार्थों की महंगाई से परेशान लोग अब रोजाना के सफर के खर्च से भी जूझेंगे। इसका सबसे ज्यादा असर ऑटो चालकों, टैक्सी संचालकों, डिलीवरी बॉय, छोटे व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ने वाला है। जिले में प्रतिदिन करीब 10 लाख लीटर पेट्रोल और 14 लाख लीटर डीजल की खपत होती है।
दाम बढ़ने के बाद अब रोजाना करोड़ों रुपये का अतिरिक्त बोझ सीधे लोगों की जेब से निकलेगा। पेट्रोल की सबसे ज्यादा बिक्री इंडियन ऑयल के पंपों पर होती है, जहां प्रतिदिन करीब 250 किलोलीटर पेट्रोल बिकता है। इसके अलावा भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पंपों पर करीब 150-150 किलोलीटर पेट्रोल की बिक्री हो रही है। वहीं, जियो के पंपों पर 20 से 25 किलोलीटर और नायरा के पंपों पर 18 से 20 किलोलीटर पेट्रोल प्रतिदिन बिक रहा है।
डीजल की बिक्री भी लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। इंडियन ऑयल के पंपों पर प्रतिदिन करीब 450 किलोलीटर डीजल बिक रहा है, जबकि भारत पेट्रोलियम पर 275 किलोलीटर और हिंदुस्तान पेट्रोलियम पर करीब 220 किलोलीटर डीजल की बिक्री हो रही है। वहीं. जियो के पंपों पर करीब 70 किलोलीटर और नायरा के पंपों पर करीब 25 किलोलीटर डीजल प्रतिदिन बिक रहा है। ट्रांसपोर्ट और व्यावसायिक गतिविधियों में डीजल की बड़ी भूमिका होने के कारण इसका असर मालभाड़े और किराये पर भी दिखाई देने लगा है।
जिले में करीब तीन लाख वाहन सीएनजी से संचालित होते हैं, जिनमें ऑटो, टैक्सी, स्कूल वैन और छोटे व्यावसायिक वाहन शामिल हैं। प्रतिदिन करीब तीन लाख किलोग्राम सीएनजी की खपत होती है। तीन रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के बाद वाहन चालकों की जेब से रोजाना करीब तीन लाख रुपये अतिरिक्त निकलेंगे। ऑटो चालकों का कहना है कि अब रोजाना 20 से 30 रुपये तक का अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। ईंधन महंगा होने के बाद अब ऑटो और टैक्सी चालक किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पुराने किराये पर गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है। दूसरी ओर आम लोग किराया बढ़ने की आशंका से चिंतित हैं।
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सीएनजी महंगी होने से कमाई का बड़ा हिस्सा ईंधन में चला जाएगा। अब नया किराया लागू किया जाएगा। - योगेश शर्मा, अखिल भारतीय अध्यक्ष, भारतीय प्राईवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ
डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ने से ट्र्रांसपोर्टर दाम बढ़ाएंगे। दाम बढ़ने के कारण ट्रांसपोर्टरों की लागत भी बढ़ती जा रही है। - प्रदीप मोदी, महासचिव, गुरुग्राम ट्रांसपोर्टर वेलफेयर संघ
डीजल के दाम बढ़ने के कारण बसों का किराया भी बढ़ाया जाएगा। दाम बढ़ने के कारण फिलहाल जेब से पैसा देना पड़ रहा है - नवीन कुमार, जिला अध्यक्ष, सहकारी परिवहन समिति गुरुग्राम
सोने और चांदी के दाम पहले ही मंहगे हो रहे हैं। अब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के कारण कच्चा माल लाने में और मंहगा पड़ेगा। - अमित जिंदल, अध्यक्ष, सराफा बाजार
रसोई के बाद अब सफर भी महंगा हो गया है। सामान के साथ-साथ अब आना जाना भी मंहगा हो जाएगा। - रंजिता, गृहिणी
मार्बल का पूरा कारोबार ट्रांसपोर्ट पर ही निर्भर होता है। पहले ही बाजार मंदा है, अब तेल के दाम बढ़ने से और समस्या आ रही है। - विपिन जैन, अध्यक्ष, संगमरमर बाजार
तेल के दाम बढ़ने से कपड़ों के कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा। माल भाड़ा बढ़ने से पूरी सपलाई पर असर आएगा। - टी आर अदलखा, कपड़ा कारोबारी
पीएम के बयान के बाद से बाजार का माहौल थोड़ा गर्म है। दाम बढ़ने के कारण व्यापार में गिरावट देखी जा सकती है। - महेंद्र कुमार, कारोबारी
बढ़ी कीमतों का असर आम आदमी की जेब पर ज़रूर पड़ेगा। आने वाले समय में परिवहन, खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। - रिंकी सिंह, गृहिणी
डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी। इसका असर सामान के दाम पर भी दिखाई देगा। - जगन नाथ, पूर्व अध्यक्ष, गुड़गांव इंडस्ट्रियल संघ
तेल के दाम बढ़ने से अब हमें भी सामानों के दाम बढ़ाने पड़ेगे। इससे कारोबार पर असर पड़ेगा और कमाई भी कम होगी। - सुमित राव, अध्यक्ष, गुड़गांव इंडस्ट्रियल संघ
ऑफिस आने-जाने में हर महीने हजारों रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे। महंगाई ने बजट बिगाड़ दिया है। - संगीता, प्रधानाचार्य
ऑटो-टैक्सी चालकों से लेकर नौकरीपेशा तक परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की जेब पर साफ दिखाई देने लगे हैं। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने जिले के करीब 35 लाख वाहन स्वामियों की चिंता बढ़ा दी है। बृहस्पतिवार रात से लागू हुई नई दरों के बाद पेट्रोल 94.44 रुपये से बढ़कर 97.23 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.51 रुपये से बढ़कर 90.52 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। वहीं, सीएनजी के दाम में भी तीन रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।
लगभग चार साल बाद ईंधन कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी ने आम आदमी का मासिक बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। पहले से ही रसोई गैस, बिजली बिल और खाद्य पदार्थों की महंगाई से परेशान लोग अब रोजाना के सफर के खर्च से भी जूझेंगे। इसका सबसे ज्यादा असर ऑटो चालकों, टैक्सी संचालकों, डिलीवरी बॉय, छोटे व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ने वाला है। जिले में प्रतिदिन करीब 10 लाख लीटर पेट्रोल और 14 लाख लीटर डीजल की खपत होती है।
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दाम बढ़ने के बाद अब रोजाना करोड़ों रुपये का अतिरिक्त बोझ सीधे लोगों की जेब से निकलेगा। पेट्रोल की सबसे ज्यादा बिक्री इंडियन ऑयल के पंपों पर होती है, जहां प्रतिदिन करीब 250 किलोलीटर पेट्रोल बिकता है। इसके अलावा भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पंपों पर करीब 150-150 किलोलीटर पेट्रोल की बिक्री हो रही है। वहीं, जियो के पंपों पर 20 से 25 किलोलीटर और नायरा के पंपों पर 18 से 20 किलोलीटर पेट्रोल प्रतिदिन बिक रहा है।
डीजल की बिक्री भी लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। इंडियन ऑयल के पंपों पर प्रतिदिन करीब 450 किलोलीटर डीजल बिक रहा है, जबकि भारत पेट्रोलियम पर 275 किलोलीटर और हिंदुस्तान पेट्रोलियम पर करीब 220 किलोलीटर डीजल की बिक्री हो रही है। वहीं. जियो के पंपों पर करीब 70 किलोलीटर और नायरा के पंपों पर करीब 25 किलोलीटर डीजल प्रतिदिन बिक रहा है। ट्रांसपोर्ट और व्यावसायिक गतिविधियों में डीजल की बड़ी भूमिका होने के कारण इसका असर मालभाड़े और किराये पर भी दिखाई देने लगा है।
जिले में करीब तीन लाख वाहन सीएनजी से संचालित होते हैं, जिनमें ऑटो, टैक्सी, स्कूल वैन और छोटे व्यावसायिक वाहन शामिल हैं। प्रतिदिन करीब तीन लाख किलोग्राम सीएनजी की खपत होती है। तीन रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के बाद वाहन चालकों की जेब से रोजाना करीब तीन लाख रुपये अतिरिक्त निकलेंगे। ऑटो चालकों का कहना है कि अब रोजाना 20 से 30 रुपये तक का अतिरिक्त खर्च बढ़ गया है। ईंधन महंगा होने के बाद अब ऑटो और टैक्सी चालक किराया बढ़ाने की तैयारी में हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पुराने किराये पर गाड़ी चलाना मुश्किल हो गया है। दूसरी ओर आम लोग किराया बढ़ने की आशंका से चिंतित हैं।
सीएनजी महंगी होने से कमाई का बड़ा हिस्सा ईंधन में चला जाएगा। अब नया किराया लागू किया जाएगा। - योगेश शर्मा, अखिल भारतीय अध्यक्ष, भारतीय प्राईवेट ट्रांसपोर्ट मजदूर महासंघ
डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ने से ट्र्रांसपोर्टर दाम बढ़ाएंगे। दाम बढ़ने के कारण ट्रांसपोर्टरों की लागत भी बढ़ती जा रही है। - प्रदीप मोदी, महासचिव, गुरुग्राम ट्रांसपोर्टर वेलफेयर संघ
डीजल के दाम बढ़ने के कारण बसों का किराया भी बढ़ाया जाएगा। दाम बढ़ने के कारण फिलहाल जेब से पैसा देना पड़ रहा है - नवीन कुमार, जिला अध्यक्ष, सहकारी परिवहन समिति गुरुग्राम
सोने और चांदी के दाम पहले ही मंहगे हो रहे हैं। अब पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने के कारण कच्चा माल लाने में और मंहगा पड़ेगा। - अमित जिंदल, अध्यक्ष, सराफा बाजार
रसोई के बाद अब सफर भी महंगा हो गया है। सामान के साथ-साथ अब आना जाना भी मंहगा हो जाएगा। - रंजिता, गृहिणी
मार्बल का पूरा कारोबार ट्रांसपोर्ट पर ही निर्भर होता है। पहले ही बाजार मंदा है, अब तेल के दाम बढ़ने से और समस्या आ रही है। - विपिन जैन, अध्यक्ष, संगमरमर बाजार
तेल के दाम बढ़ने से कपड़ों के कारोबार पर बुरा असर पड़ेगा। माल भाड़ा बढ़ने से पूरी सपलाई पर असर आएगा। - टी आर अदलखा, कपड़ा कारोबारी
पीएम के बयान के बाद से बाजार का माहौल थोड़ा गर्म है। दाम बढ़ने के कारण व्यापार में गिरावट देखी जा सकती है। - महेंद्र कुमार, कारोबारी
बढ़ी कीमतों का असर आम आदमी की जेब पर ज़रूर पड़ेगा। आने वाले समय में परिवहन, खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के सामान की कीमतें भी बढ़ सकती हैं। - रिंकी सिंह, गृहिणी
डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी। इसका असर सामान के दाम पर भी दिखाई देगा। - जगन नाथ, पूर्व अध्यक्ष, गुड़गांव इंडस्ट्रियल संघ
तेल के दाम बढ़ने से अब हमें भी सामानों के दाम बढ़ाने पड़ेगे। इससे कारोबार पर असर पड़ेगा और कमाई भी कम होगी। - सुमित राव, अध्यक्ष, गुड़गांव इंडस्ट्रियल संघ
ऑफिस आने-जाने में हर महीने हजारों रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे। महंगाई ने बजट बिगाड़ दिया है। - संगीता, प्रधानाचार्य