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Gurugram News: निजी एजेंसियों के पैनलमेंट के संबंध में दी जानकारी
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बल्क वेस्ट जनरेटर्स के लिए कचरा प्रबंधन एजेंसियों को लेकर हुई कार्यशाला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम की ओर से बल्क वेस्ट जनरेटर्स (बीडब्ल्यूजी) से उत्पन्न होने वाले ठोस कचरे के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कचरा संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं निपटान के लिए निजी एजेंसियों के पैनलमेंट से संबंधित नियमों, शर्तों एवं प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि चयनित एजेंसियों का पैनल प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए किया जाएगा। संतोषजनक प्रदर्शन एवं शर्तों की पूर्ति पर इसे एक बार और दो वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकेगा। कुल पांच वर्षों की अवधि के बाद किसी भी प्रकार का विस्तार नहीं दिया जाएगा। हालांकि, एजेंसी दोबारा आवेदन कर सकेगी। असंतोषजनक प्रदर्शन या प्रशासनिक कारणों से पैनल को किसी भी समय समाप्त किया जा सकता है।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार, एजेंसी को 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर संग्रहण केवल पृथक किए गए कचरे का ही करना होगा। यदि एजेंसी स्वयं कचरे का प्रसंस्करण नहीं कर पाती है, तो उसे अधिकृत रीसाइक्लर से समझौता करना होगा। बैठक में स्पष्ट किया गया कि कचरे का परिवहन कवर किए गए, अलग-अलग कंपार्टमेंट व रंग-कोडिंग वाले वाहनों से किया जाएगा, जो जीपीएस से लैस होंगे और एमसीजी/जीएमडीए प्रणाली से जुड़े रहेंगे। एजेंसी को बीडब्ल्यूजी और निगम के लिए लॉगिन उपलब्ध कराने के साथ-साथ कम से कम 30 दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखनी होगी।
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गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम की ओर से बल्क वेस्ट जनरेटर्स (बीडब्ल्यूजी) से उत्पन्न होने वाले ठोस कचरे के वैज्ञानिक एवं प्रभावी प्रबंधन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें कचरा संग्रहण, पृथक्करण, परिवहन, प्रसंस्करण एवं निपटान के लिए निजी एजेंसियों के पैनलमेंट से संबंधित नियमों, शर्तों एवं प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि चयनित एजेंसियों का पैनल प्रारंभिक रूप से तीन वर्षों के लिए किया जाएगा। संतोषजनक प्रदर्शन एवं शर्तों की पूर्ति पर इसे एक बार और दो वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकेगा। कुल पांच वर्षों की अवधि के बाद किसी भी प्रकार का विस्तार नहीं दिया जाएगा। हालांकि, एजेंसी दोबारा आवेदन कर सकेगी। असंतोषजनक प्रदर्शन या प्रशासनिक कारणों से पैनल को किसी भी समय समाप्त किया जा सकता है।
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निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार, एजेंसी को 100 प्रतिशत डोर-टू-डोर संग्रहण केवल पृथक किए गए कचरे का ही करना होगा। यदि एजेंसी स्वयं कचरे का प्रसंस्करण नहीं कर पाती है, तो उसे अधिकृत रीसाइक्लर से समझौता करना होगा। बैठक में स्पष्ट किया गया कि कचरे का परिवहन कवर किए गए, अलग-अलग कंपार्टमेंट व रंग-कोडिंग वाले वाहनों से किया जाएगा, जो जीपीएस से लैस होंगे और एमसीजी/जीएमडीए प्रणाली से जुड़े रहेंगे। एजेंसी को बीडब्ल्यूजी और निगम के लिए लॉगिन उपलब्ध कराने के साथ-साथ कम से कम 30 दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखनी होगी।