गुरुग्राम में फर्जी डॉक्टर पकड़ा: न डिग्री-न लाइसेंस, मरीजों का क्लिनिक में करता इलाज; CM फ्लाइंग ने मारा छापा
गुरुग्राम के बिलासपुर में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और जिला स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने एक झोलाझाप डॉक्टर को पकड़ा है। आरोपी बिना डिग्री और लाइसेंस के क्लिनिक चला रहा था। साथ ही मरीजों का इलाज कर रहा था।
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बिलासपुर थाना क्षेत्र के बिनौला गांव में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और जिला स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने दबिश देकर फर्जी डॉक्टर को पकड़ा। आरोपी बिना डिग्री और लाइसेंस के क्लिनिक चलाकर मरीजों का इलाज कर रहा था। टीम ने क्लिनिक से दवाइयां, इंजेक्शन, चिकित्सा उपकरण, प्रिस्क्रिप्शन स्लिप और अन्य सामान बरामद किया। पीएचसी कासन के चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी मुकेश कुमार के खिलाफ बिलासपुर थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और जिला स्वास्थ्य विभाग को बिनौला गांव में फर्जी डॉक्टर द्वारा क्लिनिक चलाने की सूचना मिली थी। इसके बाद 10 अगस्त को सीएमओ कार्यालय से चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप को टीम के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। सूचना के आधार पर टीम टेरी शॉप के पास स्थित सैनी क्लिनिक पहुंची। यहां ढाणी नांदाकी निवासी मुकेश कुमार मरीजों का इलाज करता मिला। टीम ने उससे चिकित्सा संबंधी डिग्री और लाइसेंस मांगा, लेकिन वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
क्लिनिक में मिले तीन बेड और चिकित्सा उपकरण
जांच के दौरान क्लिनिक में तीन बेड, स्टेथोस्कोप, बीपी मशीन, थर्मामीटर, इंजेक्शन, दवाइयां, इस्तेमाल की गई सीरिंज और सुइयां, अन्य चिकित्सा उपकरण, प्रिस्क्रिप्शन स्लिप, लैब रिपोर्ट और क्लिनिक का रजिस्टर मिला। टीम ने डॉ. अनिल कुमार की मोहर भी बरामद की। इसी दौरान डॉ. अनिल कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनके पास बीएएमएस की डिग्री है और वह कभी-कभार क्लिनिक पर दवा देने आते हैं, जबकि बाकी दिनों में मुकेश कुमार ही मरीजों का इलाज करता था।
पुलिस ने मुकेश कुमार के खिलाफ बिना पंजीकरण चिकित्सा अभ्यास करने के आरोप में एनएमसी एक्ट 2019 की धारा 34, दूसरों के जीवन को खतरे में डालने के संबंध में बीएनएस की धारा 125 और धोखाधड़ी की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया है। क्लिनिक से बरामद सामान को कब्जे में लेकर जांच एएसआई राजेश कुमार को सौंपी गई है।
आरोपी मुकेश कुमार को जांच में शामिल करके जमानत पर छोड़ दिया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। -राजेश कुमार, जांच अधिकारी, बिलासपुर थाना