{"_id":"6a2169624c3acb75880fc97e","slug":"make-yoga-a-part-of-life-play-a-role-in-building-a-healthy-society-dr-pushpa-antil-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-90224-2026-06-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"योग को जीवन का हिस्सा बनाएं, स्वस्थ समाज के निर्माण में निभाएं भूमिका : डॉ. पुष्पा अंतिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
योग को जीवन का हिस्सा बनाएं, स्वस्थ समाज के निर्माण में निभाएं भूमिका : डॉ. पुष्पा अंतिल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
राजकीय महाविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में अभ्यास सत्र का किया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय में बृहस्पतिवार की सुबह योग जागरूकता एवं अभ्यास सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योगाभ्यास किया। आयोजन का उद्देश्य योग के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम का संचालन शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष पद्मश्री डॉ. सुनील डबास ने किया। आयुष विभाग, हरियाणा से पहुंचे योग प्रशिक्षक अजीत कुमार ने प्रतिभागियों को योग प्रोटोकॉल का प्रदर्शन कराते हुए विभिन्न योगासनों और प्राणायामों का अभ्यास कराया। इस दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, त्रिकोणासन और शवासन सहित अनेक योग मुद्राओं का अभ्यास कराया गया। वहीं, अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम के साथ श्वास एवं विश्राम संबंधी क्रियाएं भी करवाई गईं।
महाविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर की योग खिलाड़ी छात्रा राखी ने योग की विभिन्न विधाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। योग प्रशिक्षक अजीत कुमार ने योगाभ्यास के स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डालते हुए दैनिक जीवन में योग को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पुष्पा अंतिल रहीं। अपने संबोधन में डॉ. पुष्पा अंतिल ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित योगाभ्यास अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि योग जीवन में अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विज्ञापन
उन्होंने स्वयं भी प्रतिभागी के रूप में योग क्रियाओं में भाग लेकर विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. सुनील डबास ने भारतीय योग परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए योग को जन-जन तक पहुंचाने में योग गुरुओं और सामाजिक प्रयासों की भूमिका का उल्लेख किया। कार्यक्रम में कविता, राकेश, प्रो. राजकुमार शर्मा सहित अनेक शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति रही।
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय में बृहस्पतिवार की सुबह योग जागरूकता एवं अभ्यास सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योगाभ्यास किया। आयोजन का उद्देश्य योग के माध्यम से शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यक्रम का संचालन शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष पद्मश्री डॉ. सुनील डबास ने किया। आयुष विभाग, हरियाणा से पहुंचे योग प्रशिक्षक अजीत कुमार ने प्रतिभागियों को योग प्रोटोकॉल का प्रदर्शन कराते हुए विभिन्न योगासनों और प्राणायामों का अभ्यास कराया। इस दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, त्रिकोणासन और शवासन सहित अनेक योग मुद्राओं का अभ्यास कराया गया। वहीं, अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम के साथ श्वास एवं विश्राम संबंधी क्रियाएं भी करवाई गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
महाविद्यालय की राष्ट्रीय स्तर की योग खिलाड़ी छात्रा राखी ने योग की विभिन्न विधाओं का प्रभावशाली प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। योग प्रशिक्षक अजीत कुमार ने योगाभ्यास के स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डालते हुए दैनिक जीवन में योग को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. पुष्पा अंतिल रहीं। अपने संबोधन में डॉ. पुष्पा अंतिल ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित योगाभ्यास अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि योग जीवन में अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Trending Videos
उन्होंने स्वयं भी प्रतिभागी के रूप में योग क्रियाओं में भाग लेकर विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. सुनील डबास ने भारतीय योग परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए योग को जन-जन तक पहुंचाने में योग गुरुओं और सामाजिक प्रयासों की भूमिका का उल्लेख किया। कार्यक्रम में कविता, राकेश, प्रो. राजकुमार शर्मा सहित अनेक शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति रही।