{"_id":"6a29534b080ade4db40e92ca","slug":"new-tools-will-be-developed-for-teacher-evaluation-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-90878-2026-06-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: शिक्षकों के मूल्यांकन के लिए तैयार होंगे नए टूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: शिक्षकों के मूल्यांकन के लिए तैयार होंगे नए टूल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
तीन दिवसीय कार्यशाला में नए टूल तैयार करने और उन्हें प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों के प्रदर्शन को बेहतर तरीके से समझने के लिए एससीईआरटी हरियाणा की ओर से गुरुग्राम में तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। 9 से 11 जून तक चली इस कार्यशाला में शिक्षकों के मूल्यांकन के लिए नए टूल तैयार करने और उन्हें प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
कार्यशाला का आयोजन एनसीईआरटी परख के सहयोग से किया गया। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से डाइट संस्थानों के प्रतिनिधियों और जिला मूल्यांकन प्रकोष्ठ के सदस्यों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को बताया गया कि केवल परीक्षा परिणामों के आधार पर नहीं, बल्कि शिक्षकों की अलग-अलग क्षमताओं और शिक्षण तरीकों को ध्यान में रखते हुए मूल्यांकन किया जाना चाहिए। कार्यशाला में प्रतिभागियों को शिक्षक मूल्यांकन से जुड़े नए टूल तैयार करने, सवाल बनाने, डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल और तैयार किए गए टूल की जांच करने का प्रशिक्षण दिया गया।
एनपीएसटी डॉक्यूमेंट 2023 में बताए गए 102 मानकों के आधार पर शिक्षकों की क्षमताओं का आकलन करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र दत्त और डॉ. शीतल ने विभिन्न सत्रों में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान समूह चर्चा और प्रायोगिक गतिविधियों के जरिए प्रतिभागियों को मूल्यांकन टूल बनाने का अभ्यास कराया गया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेश में शिक्षक मूल्यांकन को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना रहा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों के प्रदर्शन को बेहतर तरीके से समझने के लिए एससीईआरटी हरियाणा की ओर से गुरुग्राम में तीन दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। 9 से 11 जून तक चली इस कार्यशाला में शिक्षकों के मूल्यांकन के लिए नए टूल तैयार करने और उन्हें प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
कार्यशाला का आयोजन एनसीईआरटी परख के सहयोग से किया गया। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से डाइट संस्थानों के प्रतिनिधियों और जिला मूल्यांकन प्रकोष्ठ के सदस्यों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को बताया गया कि केवल परीक्षा परिणामों के आधार पर नहीं, बल्कि शिक्षकों की अलग-अलग क्षमताओं और शिक्षण तरीकों को ध्यान में रखते हुए मूल्यांकन किया जाना चाहिए। कार्यशाला में प्रतिभागियों को शिक्षक मूल्यांकन से जुड़े नए टूल तैयार करने, सवाल बनाने, डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल और तैयार किए गए टूल की जांच करने का प्रशिक्षण दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
एनपीएसटी डॉक्यूमेंट 2023 में बताए गए 102 मानकों के आधार पर शिक्षकों की क्षमताओं का आकलन करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञ डॉ. देवेंद्र दत्त और डॉ. शीतल ने विभिन्न सत्रों में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया। इस दौरान समूह चर्चा और प्रायोगिक गतिविधियों के जरिए प्रतिभागियों को मूल्यांकन टूल बनाने का अभ्यास कराया गया। कार्यशाला का उद्देश्य प्रदेश में शिक्षक मूल्यांकन को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना रहा।