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Gurugram News: मेट्रो स्टेशन पर ऑटो, कार और बस के लिए अलग-अलग जोन बनेंगे
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जीएमआरएल और नगर निगम मिलकर मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन पर काम करेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मेट्रो स्टेशनों पर मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) विकसित करने में गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड व नगर निगम मिलकर काम करेंगे। स्टेशन के आसपास ऐसी व्यवस्था करनी है, जिससे यात्रियों को बस, ऑटो और टैक्सी लेने में सुविधा हो। स्टेशन पर ऑटो स्टैंड/ई-रिक्शा के साथ कैब और बस के लिए अलग-अलग जोन बनाए जाएगे।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की बुधवार को हुई बोर्ड बैठक में मेट्रो स्टेशनों पर प्रस्तावित एमएमआई पर चर्चा की गई। इसमें निर्णय लिया गया कि एमएमआई विकसित करने में जीएमआरएल नगर निगम समेत अन्य संबंधित विभागों की मदद लेगा। स्टेशनों के आसपास नगर निगम का क्षेत्र है, ऐसे में यात्रियों के लिए बेहतर सेवाए उपलब्ध कराना उसकी जिम्मेदारी है। इसके तहत फुटपाथ और साइकिल ट्रैक समेत अन्य इंतजाम किए जाने हैं, जिससे लोग आसानी से मेट्रो स्टेशन तक पहुंच सके।
जीएमआरएल के अनुसार, एमएमआई का उद्देश्य मेट्रो स्टेशन पर आसपास के सभी परिवहन साधनों को एक-दूसरे से जोड़ना है, जिससे यात्रियों को मेट्रो तक पहुंचने और आगे जाने में सुविधा मिले। एमएमआई में लास्ट माइल कनेक्टिविटी (अंतिम यात्रा चरण की सुविधा) बेहतर होने पर जोर है। जीएमआरएल मेट्रो स्टेशनों के दोनों ओर कैब और बस जोन का प्रावधान मेन रोड के साथ किया है। तीनों सेवाओं को अलग-अलग करने से स्टेशनों पर एक जगह भीड़ नहीं होगी और लोग अपनी सुविधा अनुसार वाहनों का प्रयोग कर सकेंगे। बता दें कि गुरुग्राम मेट्रो में पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर नौ तक निर्माण कार्य चल रहा है। पहले चरण में 14 स्टेशन बनाए जाने हैं।
एमएमआई डिजाइन क्या शामिल होता है
पैदल मार्ग (वॉकवे), चौड़े फुटपाथ, रैंप, जेब्रा क्रॉसिंग, शेड आदि ताकि यात्रियों को सुरक्षित पैदल पहुंच मिले। बस बे / बस स्टॉप मेट्रो स्टेशन के निकट बस रुकने व चढ़ने-उतरने के लिए निर्धारित स्थान। पिक-अप / ड्रॉप ज़ोन टैक्सी, निजी वाहन या कैब सेवाओं के लिए अलग लेन। ऑटो / ई-रिक्शा स्टैंड ऑटो और ई-रिक्शा के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग व यात्री प्रतीक्षा स्थल। साइकिल स्टैंड / रेंटल स्टेशन साइकिल या ई-बाइक शेयरिंग सुविधा। लैंडस्केपिंग और शेडहरियाली, बैठने की जगह और शेड ताकि वातावरण सुगम व आकर्षक बने।
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गुरुग्राम। मेट्रो स्टेशनों पर मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन (एमएमआई) विकसित करने में गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड व नगर निगम मिलकर काम करेंगे। स्टेशन के आसपास ऐसी व्यवस्था करनी है, जिससे यात्रियों को बस, ऑटो और टैक्सी लेने में सुविधा हो। स्टेशन पर ऑटो स्टैंड/ई-रिक्शा के साथ कैब और बस के लिए अलग-अलग जोन बनाए जाएगे।
गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की बुधवार को हुई बोर्ड बैठक में मेट्रो स्टेशनों पर प्रस्तावित एमएमआई पर चर्चा की गई। इसमें निर्णय लिया गया कि एमएमआई विकसित करने में जीएमआरएल नगर निगम समेत अन्य संबंधित विभागों की मदद लेगा। स्टेशनों के आसपास नगर निगम का क्षेत्र है, ऐसे में यात्रियों के लिए बेहतर सेवाए उपलब्ध कराना उसकी जिम्मेदारी है। इसके तहत फुटपाथ और साइकिल ट्रैक समेत अन्य इंतजाम किए जाने हैं, जिससे लोग आसानी से मेट्रो स्टेशन तक पहुंच सके।
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जीएमआरएल के अनुसार, एमएमआई का उद्देश्य मेट्रो स्टेशन पर आसपास के सभी परिवहन साधनों को एक-दूसरे से जोड़ना है, जिससे यात्रियों को मेट्रो तक पहुंचने और आगे जाने में सुविधा मिले। एमएमआई में लास्ट माइल कनेक्टिविटी (अंतिम यात्रा चरण की सुविधा) बेहतर होने पर जोर है। जीएमआरएल मेट्रो स्टेशनों के दोनों ओर कैब और बस जोन का प्रावधान मेन रोड के साथ किया है। तीनों सेवाओं को अलग-अलग करने से स्टेशनों पर एक जगह भीड़ नहीं होगी और लोग अपनी सुविधा अनुसार वाहनों का प्रयोग कर सकेंगे। बता दें कि गुरुग्राम मेट्रो में पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर नौ तक निर्माण कार्य चल रहा है। पहले चरण में 14 स्टेशन बनाए जाने हैं।
एमएमआई डिजाइन क्या शामिल होता है
पैदल मार्ग (वॉकवे), चौड़े फुटपाथ, रैंप, जेब्रा क्रॉसिंग, शेड आदि ताकि यात्रियों को सुरक्षित पैदल पहुंच मिले। बस बे / बस स्टॉप मेट्रो स्टेशन के निकट बस रुकने व चढ़ने-उतरने के लिए निर्धारित स्थान। पिक-अप / ड्रॉप ज़ोन टैक्सी, निजी वाहन या कैब सेवाओं के लिए अलग लेन। ऑटो / ई-रिक्शा स्टैंड ऑटो और ई-रिक्शा के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग व यात्री प्रतीक्षा स्थल। साइकिल स्टैंड / रेंटल स्टेशन साइकिल या ई-बाइक शेयरिंग सुविधा। लैंडस्केपिंग और शेडहरियाली, बैठने की जगह और शेड ताकि वातावरण सुगम व आकर्षक बने।