{"_id":"6970ccacb28ec1cb69069b42","slug":"ten-undertrial-prisoners-were-released-in-lok-adalat-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-77739-2026-01-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: लोक अदालत में दस विचाराधीन बंदियों को मिली रिहाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: लोक अदालत में दस विचाराधीन बंदियों को मिली रिहाई
विज्ञापन
विज्ञापन
बंदियों को उपलब्ध विधिक सहायता व अधिवक्ता की सुविधा के बारे में दी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से बुधवार को जिला कारागार भोंडसी में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें दस बंदियों को रिहाई दी गई। यह आयोजन हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष वाणी गोपाल शर्मा के दिशा-निर्देशानुसार किया गया।
इस जेल लोक अदालत के दौरान मामलों की सुनवाई के उपरांत दस विचाराधीन बंदियों को रिहा किया गया, जिससे उन्हें त्वरित न्यायिक राहत प्राप्त हुई। कारागार का निरीक्षण करते हुए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव राकेश कादियान ने बताया कि जेल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाना है।
निरीक्षण के दौरान बंदियों को उपलब्ध विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने कारागार में प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल ऐड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बंदी एक साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से निशुल्क अधिवक्ता सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।
Trending Videos
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से बुधवार को जिला कारागार भोंडसी में जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें दस बंदियों को रिहाई दी गई। यह आयोजन हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष वाणी गोपाल शर्मा के दिशा-निर्देशानुसार किया गया।
इस जेल लोक अदालत के दौरान मामलों की सुनवाई के उपरांत दस विचाराधीन बंदियों को रिहा किया गया, जिससे उन्हें त्वरित न्यायिक राहत प्राप्त हुई। कारागार का निरीक्षण करते हुए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव राकेश कादियान ने बताया कि जेल लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य विचाराधीन बंदियों के मामलों का शीघ्र निपटारा कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान बंदियों को उपलब्ध विधिक सहायता, अधिवक्ता की सुविधा और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने कारागार में प्राधिकरण द्वारा संचालित लीगल ऐड क्लिनिक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बंदी एक साधारण प्रार्थना-पत्र के माध्यम से जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण से निशुल्क अधिवक्ता सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।