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Gurugram News: अरावली में वन्यजीवों के लिए बढ़ेगा पानी का इंतजाम
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विभाग की ओर से इस क्षेत्र में आठ नए जलस्त्रोत बनाए जाने की योजना तैयार
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। अरावली क्षेत्र में बढ़ती गर्मी और जल संकट को देखते हुए वन विभाग ने वन्यजीवों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। विभाग की ओर से इस क्षेत्र में आठ नए जलस्त्रोत बनाए जाने की योजना तैयार की गई है, जबकि दो पुराने जलस्त्रोतों का रिनोवेशन किया जाएगा।
इसके साथ ही पहले से मौजूद करीब 180 पॉन्ड्स का सुधार और पुनर्स्थापन किया जाएगा, ताकि गर्मी के मौसम में जानवरों को पर्याप्त पानी मिल सके। वन अधिकारियों के अनुसार, गुरुग्राम के अलावा पलवल, फरीदाबाद और मेवात जिलों में भी नए पॉन्ड्स विकसित किए जाएंगे। इन जलस्त्रोतों के निर्माण और सुधार से न केवल वन्यजीवों को राहत मिलेगी, बल्कि भूजल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। बारिश के दौरान इन पॉन्ड्स में पानी का संचयन होगा, जिससे आसपास के क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
अरावली क्षेत्र में गर्मी के मौसम में जल स्रोतों की कमी के कारण अक्सर वन्यजीव आबादी प्रभावित होती है। इसके लिए विभाग ने टेंडर जारी कर दिया है। ऐसे में यह पहल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगी। वन विभाग ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए जल्द कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि गर्मियों में जानवरों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
वर्जन
अरावली जिले के वन क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कार्य जारी है। इस दिशा में आवश्यक परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं, ताकि सतत जल संरक्षण और संसाधन प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। -राज कुमार, वन्यजीव संरक्षण अधिकारी
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सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। अरावली क्षेत्र में बढ़ती गर्मी और जल संकट को देखते हुए वन विभाग ने वन्यजीवों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। विभाग की ओर से इस क्षेत्र में आठ नए जलस्त्रोत बनाए जाने की योजना तैयार की गई है, जबकि दो पुराने जलस्त्रोतों का रिनोवेशन किया जाएगा।
इसके साथ ही पहले से मौजूद करीब 180 पॉन्ड्स का सुधार और पुनर्स्थापन किया जाएगा, ताकि गर्मी के मौसम में जानवरों को पर्याप्त पानी मिल सके। वन अधिकारियों के अनुसार, गुरुग्राम के अलावा पलवल, फरीदाबाद और मेवात जिलों में भी नए पॉन्ड्स विकसित किए जाएंगे। इन जलस्त्रोतों के निर्माण और सुधार से न केवल वन्यजीवों को राहत मिलेगी, बल्कि भूजल स्तर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। बारिश के दौरान इन पॉन्ड्स में पानी का संचयन होगा, जिससे आसपास के क्षेत्र में जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
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अरावली क्षेत्र में गर्मी के मौसम में जल स्रोतों की कमी के कारण अक्सर वन्यजीव आबादी प्रभावित होती है। इसके लिए विभाग ने टेंडर जारी कर दिया है। ऐसे में यह पहल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाएगी। वन विभाग ने इस परियोजना को प्राथमिकता देते हुए जल्द कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि गर्मियों में जानवरों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
वर्जन
अरावली जिले के वन क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कार्य जारी है। इस दिशा में आवश्यक परियोजनाओं के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं, ताकि सतत जल संरक्षण और संसाधन प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। -राज कुमार, वन्यजीव संरक्षण अधिकारी