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Gurugram News: हम कहां चलें, फुटपाथ पर तो दुकानें चल रहीं
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अतिक्रमण की जद में शहर के फुटपाथ...कहीं नारियल पानी की दुकानें सजीं तो कहीं अस्थायी ठिकाने
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सरकारी दावों में शहर के राहगीरों के लिए चलना सुरक्षित है, मगर हकीकत में हर सड़क पर कदम-कदम पर खतरा है, हादसों का डर है। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ तो हैं, लेकिन वो चलने के अलावा बाकी सभी कामों में इस्तेमाल हो रहे हैं। किसी भी रास्ते पर निकल जाइए, वहां के फुटपाथों पर अतिक्रमण के अलावा और कुछ नजर नहीं आएगा। कहीं पर नारियल पानी की दुकानें सजी मिलेंगी, तो कहीं और भी अस्थायी ठिकाने मिल जाएंगे। कही फुटपाथ तो ऐसे भी हैं, जो खुद जर्जर स्थिति में हैं। ऐसे में राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर सड़कों पर चलने को मजबूर हैं। सेक्टर-52, 55, होंगकोंग मार्केट, वजीराबाद रोड, रेलवे रोड समेत कई स्थानों पर समस्या बीते कई समय से बरकरार है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि फुटपाथ पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए हैं लेकिन अतिक्रमण के कारण वे सड़क पर चलने को मजबूर हैं। बरसात के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है। इन टूटे फुटपाथ से सड़क पर पानी बहता है। राहगीर रवि तनेजा ने बताया कि फुटपाथ पर कब्जा होने के कारण उन्हें अक्सर सड़क के रास्ते गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वहीं, हरिकेश ने कहा कि कई स्थानों पर फुटपाथ पूरी तरह टूट चुके हैं और उनकी मरम्मत की जरूरत है। साथ ही स्थानीय मौके पर खड़े शंकर शाही का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभाग को नियमित कार्रवाई करनी चाहिए और पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना चाहिए। अब बरसात के दौरान सड़क पर पानी होने से इन फुटपाथ पर चलने के लिए भी जगह नहीं बचती हैं।
अतिक्रमण की जद में शहर के फुटपाथ...कहीं नारियल पानी की दुकानें सजीं तो कहीं अस्थायी ठिकाने
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सरकारी दावों में शहर के राहगीरों के लिए चलना सुरक्षित है, मगर हकीकत में हर सड़क पर कदम-कदम पर खतरा है, हादसों का डर है। पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ तो हैं, लेकिन वो चलने के अलावा बाकी सभी कामों में इस्तेमाल हो रहे हैं। किसी भी रास्ते पर निकल जाइए, वहां के फुटपाथों पर अतिक्रमण के अलावा और कुछ नजर नहीं आएगा। कहीं पर नारियल पानी की दुकानें सजी मिलेंगी, तो कहीं और भी अस्थायी ठिकाने मिल जाएंगे। कही फुटपाथ तो ऐसे भी हैं, जो खुद जर्जर स्थिति में हैं। ऐसे में राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर सड़कों पर चलने को मजबूर हैं। सेक्टर-52, 55, होंगकोंग मार्केट, वजीराबाद रोड, रेलवे रोड समेत कई स्थानों पर समस्या बीते कई समय से बरकरार है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि फुटपाथ पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए हैं लेकिन अतिक्रमण के कारण वे सड़क पर चलने को मजबूर हैं। बरसात के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है। इन टूटे फुटपाथ से सड़क पर पानी बहता है। राहगीर रवि तनेजा ने बताया कि फुटपाथ पर कब्जा होने के कारण उन्हें अक्सर सड़क के रास्ते गुजरना पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। वहीं, हरिकेश ने कहा कि कई स्थानों पर फुटपाथ पूरी तरह टूट चुके हैं और उनकी मरम्मत की जरूरत है। साथ ही स्थानीय मौके पर खड़े शंकर शाही का कहना है कि अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभाग को नियमित कार्रवाई करनी चाहिए और पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित रास्ता उपलब्ध कराना चाहिए। अब बरसात के दौरान सड़क पर पानी होने से इन फुटपाथ पर चलने के लिए भी जगह नहीं बचती हैं।
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