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आखिर ढहा दी गई पूरी दुनिया में दिल्ली को पहचान दिलाने वाली ये इमारत

Mon, 01 May 2017 05:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 01 May 2017 05:03 PM IST
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Hall of Nations in Pragati Maidan Demolished
hall of nation - फोटो : pti

आधुनिक वास्तुकला के लिहाज से पूरी दुनिया में मशहूर राष्ट्रीय राजधानी स्थित दो शानदार इमारतें द हॉल और नेशंस और द हॉल ऑफ इंडस्ट्रीज अब इतिहास बन गयी हैं।

Hall of Nations in Pragati Maidan Demolished
hall of nation

 इन इमारतों को संरक्षित रखे जाने के लिए कानून लड़ाई लड़ने वाले संगठन आईएनटीएसीएच के अनुसार इमारतों को गिराने का कम कल देर रात शुरू हुआ और आज सुबह दोनों मलबे में बदल चुके थे।

Hall of Nations in Pragati Maidan Demolished
hall of nation - फोटो : pti

दोनों इमारतों को आधुनिक वास्तुकला का बेहतरीन नमूना माना जाता था। देश की आजादी के 25 साल पूरा होने पर दोनों भवनों का निर्माण यहां प्रगति मैदान में किया गया था। ईटीपीओ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई से कहा कि द हॉल और नेशंस और द हॉल ऑफ इंडस्ट्रीज को गिरा दिया है ताकि एक ऐसे अत्याधुनिक परिसर का निर्माण किया जा सके जिससे राजधानी का गौरव बढ़ेगा।

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Hall of Nations in Pragati Maidan Demolished
hall of nation - फोटो : pti

उन्हौंने कहा कि दोनों इमारतों को धरोहर का दर्जा नहीं दिया गया था क्योंकि दोनों इमारतें सिर्फ 45 साल ही पुरानी थीं। इसलिए दोनों को नयी परियोजनाओं के लिए गिराया गया। नेहरू पैवेलियन को गिराने का काम जारी है। ​वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाला भारतीय व्यापार संवर्द्धन संगठन आईटीपीओऱ् देश में बाहरी कारोबार को बढ़ावा देने के लिए नोडल एजेंसी है और यह अपने परिसर में हर साल प्रसिद्ध व्यापार मेले का आयोजन करता है।

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Hall of Nations in Pragati Maidan Demolished
hall of nation - फोटो : pti

जानेमाने शहरी प्लानर एजीके मेनन ने कहा कि यह चौंकाने वाला कदम है। यह सिर्फ वास्तुकला धरोहर का ही नुकसान नहीं है बल्कि जिस प्रकार से शहर के इतिहास का विकास हआ, उसका भी नुकसान है। उन्होंने कहा, अब आगे क्या? इंडिया इंटरनेशनल सेेंटर या कोई अन्य आधुनिक इमारत को गिरा दीजिए....। मेनन आईएनटीएसीएच के दिल्ली चैप्टर के पूर्व संयोजक हैं। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 20 अप्रैल को इमारत के आर्किटेक्ट की याचिका को खारिज कर दिया था। उन्होंने इमारत को संरक्षित रखे जाने के लिए याचिका दायर की थी।

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