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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Inspiration touched the fine line between self-realization and madness.

Delhi NCR News: इल्हाम ने आत्मज्ञान और पागलपन के बीच की महीन रेखा को छुआ

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2026 08:20 PM IST
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नई दिल्ली। अलायंस फ्रॉन्सेज में मंचित मानव कौल का काव्यात्मक नाटक ‘इल्हाम’ दर्शकों को आस्था, संदेह और आत्मज्ञान की तलाश से रूबरू कराता नजर आया। नाटक की कहानी एक ऐसे व्यक्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे अचानक एक असाधारण दृष्टि मिलने का एहसास होता है। वह मानने लगता है कि उसे जिंदगी की सच्चाई देखने के लिए चुना गया है। नाटक की खासियत यह रही कि यह किसी आसान जवाब की ओर नहीं ले जाता, बल्कि दर्शकों को लगातार यह सोचने पर मजबूर करता है कि आत्मज्ञान और मानसिक असंतुलन के बीच आखिर फर्क की रेखा कहां खिंचती है। असाधारण अनुभव के बाद पात्र की सोच, विश्वास और वास्तविकता को लेकर पैदा होने वाला द्वंद्व कहानी को भीतर तक असर करने वाला बनाता है। ‘इल्हाम’ में मानव कौल ने आस्था और संदेह के बीच चलने वाली मनुष्य की आंतरिक यात्रा को संवेदनशील ढंग से उकेरा है। नाटक में शुभम कांडपाल, सिद्धि वर्मा, रजत शुक्ला, प्रगति राज, प्रेम प्रशांत झा, रोहित श्रीवास्तव और विशाल यशस्वी ने अभिनय किया। इसका निर्देशन रजत कुमार शर्मा ने किया। संवाद
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