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Delhi NCR News: अंतरराज्यीय कार चोरी गिरोह का खुलासा, तीन बदमाश गिरफ्तार
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बदमाशों के कब्जे से पांच चोरी की कारें, 104 फर्जी नंबर प्लेट और 24 जाली पंजीकरण प्रमाणपत्र मिले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय कार चोरी गिरोह का खुलासा कर तीन आरोपियों अमित नागर, एटम जगत सिंह और पोटसांगबम मुकेश सिंह को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से पांच चोरी की कारें, 104 फर्जी नंबर प्लेट और 24 जाली पंजीकरण प्रमाणपत्र मिले हैं।
विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने बताया कि महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के प्रावधान लगाए जाने के बाद टीम ने सरगना अमित नागर (35) को पकड़ा। अन्य गिरफ्तार आरोपी मणिपुर के इंफाल निवासी एटम जगत सिंह (45) और पोटसांगबम मुकेश सिंह (28) हैं। मुकेश सिंह और जगत सिंह अमित नागर से चोरी के वाहन खरीदकर जाली दस्तावेज बनाते थे और मुनाफे पर बेचते थे। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूत्रों से आरोपियों की पहचान की। मुकेश को 12 मई को छतरपुर से गिरफ्तार किया गया। उसके मकान से 104 जाली हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट और 22 जाली पंजीकरण प्रमाणपत्र मिले। मुकेश की निशानदेही पर वजीराबाद से एक चोरी की कार भी बरामद हुई।
गिरोह की कार्यप्रणाली और बरामदगी
जगत सिंह को 14 मई को गिरफ्तार किया गया, उसकी निशानदेही पर मुखर्जी नगर से एक चोरी की कार मिली। नागर को 28 जुलाई को गिरफ्तार किया गया, उसकी निशानदेही पर भी एक चोरी की कार बरामद हुई। जांच में पता चला कि आरोपी चोरी के वाहन मणिपुर, राजस्थान, पंजाब, असम और पश्चिम बंगाल भेजते थे। 13 अगस्त को जगत सिंह की निशानदेही पर मणिपुर के उखरुल जिले से किआ सेल्टोस और हुंडई क्रेटा सहित दो कारें बरामद हुईं।
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भूमिगत संगठनों से संबंध और आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, दिल्ली से चोरी किए गए इन वाहनों को भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में सक्रिय भूमिगत संगठनों को बेचने की योजना थी। नागर ने स्वीकार किया कि वह 2009-10 से कार चोरी कर रहा था और 100 से अधिक वाहन मुहैया करा चुका है। गिरोह वाहन सुरक्षा प्रणालियों को निष्क्रिय करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और कंप्यूटर आधारित स्कैनिंग डिवाइस का उपयोग करता था। अमित नागर उर्फ सोनू पहले आर्म्स एक्ट और वाहन चोरी के 38 मामलों में शामिल रहा है, जबकि एटम जगत सिंह तीन मामलों में।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय कार चोरी गिरोह का खुलासा कर तीन आरोपियों अमित नागर, एटम जगत सिंह और पोटसांगबम मुकेश सिंह को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से पांच चोरी की कारें, 104 फर्जी नंबर प्लेट और 24 जाली पंजीकरण प्रमाणपत्र मिले हैं।
विशेष पुलिस आयुक्त एचजीएस धालीवाल ने बताया कि महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के प्रावधान लगाए जाने के बाद टीम ने सरगना अमित नागर (35) को पकड़ा। अन्य गिरफ्तार आरोपी मणिपुर के इंफाल निवासी एटम जगत सिंह (45) और पोटसांगबम मुकेश सिंह (28) हैं। मुकेश सिंह और जगत सिंह अमित नागर से चोरी के वाहन खरीदकर जाली दस्तावेज बनाते थे और मुनाफे पर बेचते थे। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूत्रों से आरोपियों की पहचान की। मुकेश को 12 मई को छतरपुर से गिरफ्तार किया गया। उसके मकान से 104 जाली हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट और 22 जाली पंजीकरण प्रमाणपत्र मिले। मुकेश की निशानदेही पर वजीराबाद से एक चोरी की कार भी बरामद हुई।
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गिरोह की कार्यप्रणाली और बरामदगी
जगत सिंह को 14 मई को गिरफ्तार किया गया, उसकी निशानदेही पर मुखर्जी नगर से एक चोरी की कार मिली। नागर को 28 जुलाई को गिरफ्तार किया गया, उसकी निशानदेही पर भी एक चोरी की कार बरामद हुई। जांच में पता चला कि आरोपी चोरी के वाहन मणिपुर, राजस्थान, पंजाब, असम और पश्चिम बंगाल भेजते थे। 13 अगस्त को जगत सिंह की निशानदेही पर मणिपुर के उखरुल जिले से किआ सेल्टोस और हुंडई क्रेटा सहित दो कारें बरामद हुईं।
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भूमिगत संगठनों से संबंध और आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार, दिल्ली से चोरी किए गए इन वाहनों को भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में सक्रिय भूमिगत संगठनों को बेचने की योजना थी। नागर ने स्वीकार किया कि वह 2009-10 से कार चोरी कर रहा था और 100 से अधिक वाहन मुहैया करा चुका है। गिरोह वाहन सुरक्षा प्रणालियों को निष्क्रिय करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और कंप्यूटर आधारित स्कैनिंग डिवाइस का उपयोग करता था। अमित नागर उर्फ सोनू पहले आर्म्स एक्ट और वाहन चोरी के 38 मामलों में शामिल रहा है, जबकि एटम जगत सिंह तीन मामलों में।