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जंतर-मंतर टिप्पणी मामला: दिल्ली में अब तक नियमित प्राथमिकी नहीं, जांच जारी
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नोएडा पुलिस की जीरो एफआईआर दिल्ली पुलिस को भेजी गई, सोशल मीडिया पर एफआईआर वापस लेने के दावे भ्रामक
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग लड़की के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में अब तक कोई नियमित प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। नोएडा पुलिस ने इस मामले में दर्ज जीरो एफआईआर पिछले सप्ताह दिल्ली पुलिस को भेज दी थी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और इसे नियमित एफआईआर में बदलने पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
दिल्ली पुलिस का यह स्पष्टीकरण सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों के बीच आया है, जिनमें कहा जा रहा था कि नाबालिग लड़की के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ले ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में नियमित एफआईआर दर्ज ही नहीं हुई, इसलिए उसे वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता। यह मामला उस समय चर्चा में आया था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उनके और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले छात्रों को उन्होंने माफ कर दिया है। उन्होंने कहा था कि युवाओं को दंडित करने के बजाय उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन देना अधिक उचित है।
वरिष्ठ पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान टिप्पणियों को लेकर दिल्ली में किसी भी नाबालिग के खिलाफ अलग से कोई नियमित प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। फिलहाल नोएडा पुलिस की ओर से भेजी गई जीरो एफआईआर के आधार पर दिल्ली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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इन धाराओं में दर्ज की थी जीरो एफआईआर
23 जुलाई को हुए प्रदर्शन के संबंध में 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत मामला दर्ज किया है। अब इस मामले की आगे की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग लड़की के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में अब तक कोई नियमित प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। नोएडा पुलिस ने इस मामले में दर्ज जीरो एफआईआर पिछले सप्ताह दिल्ली पुलिस को भेज दी थी। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और इसे नियमित एफआईआर में बदलने पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
दिल्ली पुलिस का यह स्पष्टीकरण सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों के बीच आया है, जिनमें कहा जा रहा था कि नाबालिग लड़की के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ले ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में नियमित एफआईआर दर्ज ही नहीं हुई, इसलिए उसे वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता। यह मामला उस समय चर्चा में आया था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि उनके और उनकी मां के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले छात्रों को उन्होंने माफ कर दिया है। उन्होंने कहा था कि युवाओं को दंडित करने के बजाय उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन देना अधिक उचित है।
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वरिष्ठ पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान टिप्पणियों को लेकर दिल्ली में किसी भी नाबालिग के खिलाफ अलग से कोई नियमित प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। फिलहाल नोएडा पुलिस की ओर से भेजी गई जीरो एफआईआर के आधार पर दिल्ली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी पहलुओं के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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इन धाराओं में दर्ज की थी जीरो एफआईआर
23 जुलाई को हुए प्रदर्शन के संबंध में 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं और संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत मामला दर्ज किया है। अब इस मामले की आगे की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है।