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Delhi NCR News: दिल्ली की 20-35 वर्ष की महिलाओं में बढ़ा जोड़ों का दर्द, जीटीबी अस्पताल की ओपीडी में भीड़
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- जीटीबी अस्पताल में बढ़े मरीज, रोजाना आ रहे 15-20 मामले
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी सहित देशभर में कम उम्र की महिलाओं में हड्डियों के कमजोर होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय यह है कि अब 20 से 35 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाएं जोड़ों के दर्द, लगातार थकान और शरीर में अकड़न जैसी उन समस्याओं से जूझ रही हैं, जो पहले बुढ़ापे में देखी जाती थीं।
धूप की कमी और जंक फूड का घातक असर
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार के अनुसार, इस गंभीर समस्या की मुख्य वजह विटामिन-डी और कैल्शियम की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि आधुनिक जीवनशैली के कारण महिलाएं धूप के संपर्क में बेहद कम आ रही हैं, जिससे शरीर में प्राकृतिक विटामिन-डी का स्तर गिर रहा है। साथ ही, संतुलित आहार की जगह जंक फूड के बढ़ते चलन ने हड्डियों के घनत्व को कम कर दिया है।
ओपीडी में हर दिन पहुंच रहे 15-20 मरीज
डॉ. प्रवीण ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 15 से 20 ऐसी युवा महिलाएं आ रही हैं, जो शरीर में दर्द और कमजोरी की शिकायत करती हैं। जांच करने पर इनमें से अधिकांश में विटामिन-डी और कैल्शियम का स्तर काफी कम पाया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते जीवनशैली में बदलाव नहीं किया गया, तो यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है, जिसमें हल्की चोट पर भी हड्डी टूटने का डर रहता है। साथ ही विशेषज्ञों ने महिलाओं को सलाह दी है कि वे रोजाना कम से कम 15 से 20 मिनट धूप में बिताएं। आहार में दूध, दही, पनीर और हरी सब्जियों जैसे कैल्शियम युक्त पदार्थों को शामिल करें। नियमित व्यायाम और शारीरिक सक्रियता हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।
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नई दिल्ली। राजधानी सहित देशभर में कम उम्र की महिलाओं में हड्डियों के कमजोर होने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय यह है कि अब 20 से 35 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाएं जोड़ों के दर्द, लगातार थकान और शरीर में अकड़न जैसी उन समस्याओं से जूझ रही हैं, जो पहले बुढ़ापे में देखी जाती थीं।
धूप की कमी और जंक फूड का घातक असर
गुरु तेग बहादुर अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीण कुमार के अनुसार, इस गंभीर समस्या की मुख्य वजह विटामिन-डी और कैल्शियम की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि आधुनिक जीवनशैली के कारण महिलाएं धूप के संपर्क में बेहद कम आ रही हैं, जिससे शरीर में प्राकृतिक विटामिन-डी का स्तर गिर रहा है। साथ ही, संतुलित आहार की जगह जंक फूड के बढ़ते चलन ने हड्डियों के घनत्व को कम कर दिया है।
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ओपीडी में हर दिन पहुंच रहे 15-20 मरीज
डॉ. प्रवीण ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में हर दिन 15 से 20 ऐसी युवा महिलाएं आ रही हैं, जो शरीर में दर्द और कमजोरी की शिकायत करती हैं। जांच करने पर इनमें से अधिकांश में विटामिन-डी और कैल्शियम का स्तर काफी कम पाया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते जीवनशैली में बदलाव नहीं किया गया, तो यह ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है, जिसमें हल्की चोट पर भी हड्डी टूटने का डर रहता है। साथ ही विशेषज्ञों ने महिलाओं को सलाह दी है कि वे रोजाना कम से कम 15 से 20 मिनट धूप में बिताएं। आहार में दूध, दही, पनीर और हरी सब्जियों जैसे कैल्शियम युक्त पदार्थों को शामिल करें। नियमित व्यायाम और शारीरिक सक्रियता हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए अनिवार्य है।