{"_id":"6a4e4e92d22f5507550c39db","slug":"kejriwal-seeks-response-from-29-auto-companies-regarding-e-20-petrol-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-144719-2026-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: ई-20 पेट्रोल पर केजरीवाल ने 29 ऑटो कंपनियों से मांगा जवाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: ई-20 पेट्रोल पर केजरीवाल ने 29 ऑटो कंपनियों से मांगा जवाब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूछा- पुरानी गाड़ियों को नुकसान हुआ तो क्या देंगे मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल को लेकर देश की 29 ऑटो निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर रुख स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने पूछा है कि क्या साल 2023 से पहले बनी पेट्रोल चालित गाड़ियों में ई-20 का इस्तेमाल सुरक्षित है और यदि इससे माइलेज घटता है या वाहन के किसी पुर्जे को नुकसान होता है तो क्या कंपनियां उपभोक्ताओं को मुआवजा देंगी।
केजरीवाल ने मारुति, टोयोटा और हीरो को अलग पत्र लिखते हुए कहा कि इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने चार जुलाई को पुरानी गाड़ियों में ई-20 का इस्तेमाल सुरक्षित होने का दावा किया था और इससे केवल 4-5 प्रतिशत माइलेज कम होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों के ओनर मैनुअल में वर्ष 2023 से पहले बने कई मॉडलों में 10 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में दोनों दावे विरोधाभासी हैं।
केजरीवाल ने अन्य 26 ऑटो कंपनियों को भी पत्र लिखकर पूछा है कि क्या उनकी 2023 से पहले बनी गाड़ियों में ई-20 का इस्तेमाल किया जा सकता है, इससे माइलेज में कितनी कमी आएगी, क्या वाहन को किसी प्रकार का नुकसान होगा और यदि नुकसान होता है तो क्या कंपनी उपभोक्ता को मुआवजा देगी।
विज्ञापन
केजरीवाल ने यह भी घोषणा की कि बृहस्पतिवार को वह दिल्ली के कुछ पेट्रोल पंप, सर्विस सेंटरों और मैकेनिकों के पास जाकर ई-20 पेट्रोल के संबंध में वाहन चालकों और उपभोक्ताओं की राय जानेंगे। उनका कहना है कि सरकार लगातार ई-20 को सुरक्षित बता रही है, लेकिन अंतिम फैसला उपभोक्ताओं के वास्तविक अनुभव और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर होना चाहिए।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल को लेकर देश की 29 ऑटो निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर रुख स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने पूछा है कि क्या साल 2023 से पहले बनी पेट्रोल चालित गाड़ियों में ई-20 का इस्तेमाल सुरक्षित है और यदि इससे माइलेज घटता है या वाहन के किसी पुर्जे को नुकसान होता है तो क्या कंपनियां उपभोक्ताओं को मुआवजा देंगी।
केजरीवाल ने मारुति, टोयोटा और हीरो को अलग पत्र लिखते हुए कहा कि इन कंपनियों के प्रतिनिधियों ने चार जुलाई को पुरानी गाड़ियों में ई-20 का इस्तेमाल सुरक्षित होने का दावा किया था और इससे केवल 4-5 प्रतिशत माइलेज कम होने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों के ओनर मैनुअल में वर्ष 2023 से पहले बने कई मॉडलों में 10 प्रतिशत से अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में दोनों दावे विरोधाभासी हैं।
विज्ञापन
केजरीवाल ने अन्य 26 ऑटो कंपनियों को भी पत्र लिखकर पूछा है कि क्या उनकी 2023 से पहले बनी गाड़ियों में ई-20 का इस्तेमाल किया जा सकता है, इससे माइलेज में कितनी कमी आएगी, क्या वाहन को किसी प्रकार का नुकसान होगा और यदि नुकसान होता है तो क्या कंपनी उपभोक्ता को मुआवजा देगी।
विज्ञापन
केजरीवाल ने यह भी घोषणा की कि बृहस्पतिवार को वह दिल्ली के कुछ पेट्रोल पंप, सर्विस सेंटरों और मैकेनिकों के पास जाकर ई-20 पेट्रोल के संबंध में वाहन चालकों और उपभोक्ताओं की राय जानेंगे। उनका कहना है कि सरकार लगातार ई-20 को सुरक्षित बता रही है, लेकिन अंतिम फैसला उपभोक्ताओं के वास्तविक अनुभव और वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर होना चाहिए।