Delhi Municipal Corporation Budget: पहली बार फायदे का बजट, 1200 करोड़ की बचत का अनुमान; आय बढ़ाने पर जोर
एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बुधवार को सदन के समक्ष वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर एमसीडी के संकल्प का प्रतीक है।
विस्तार
एमसीडी के इतिहास में पहली बार फायदे का बजट पेश किया गया। एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने बुधवार को सदन के समक्ष वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर एमसीडी के संकल्प का प्रतीक है।
सत्या शर्मा ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 17,044.06 करोड़ की आय का लक्ष्य रखा है, जबकि 16,697.56 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान है। इस प्रकार आगामी वित्तीय वर्ष में व्यय से अधिक आय होगी। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के संशोधित बजट का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें 15,679.72 करोड़ रुपये की आय और 16,305.18 करोड़ रुपये के व्यय का अनुमान है।
वर्ष 2024-25 की करीब 1500 करोड़ रुपये की बचत को शामिल करने के बाद वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी करीब 859 करोड़ रुपये शेष रहेंगे। इस प्रकार अगले वर्ष के दौरान 12 सौ करोड़ रुपये से अधिक बचत होगी। उन्होंने बताया कि इस बचत से निगम की उधार कम की जाएगी और नई विकास योजनाओं को गति दी जाएगी।
सत्या शर्मा ने कहा कि अब समय आ गया है कि एमसीडी केवल खर्च करने वाली संस्था न रहे, बल्कि अपनी आय बढ़ाने की ठोस नीति पर काम करे। संपत्ति कर के दायरे में आने वाले सभी परिसरों से कर वसूली सुनिश्चित की जाएगी। सरकारी और गैर-सरकारी दोनों तरह की संपत्तियों से बकाया संपत्ति कर वसूलने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस पहल से 2026-27 में संपत्ति कर से 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय का प्रस्ताव रखा गया है।
पार्किंग, विज्ञापन और बाजारों से बढ़ेगी आमदनी
बजट भाषण में पार्किंग व्यवस्था को आय का बड़ा स्रोत बताते हुए सत्या शर्मा ने कहा कि प्रमुख बाजारों और उनके आसपास पार्किंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जहां निगम के पास भूमि नहीं होगी, वहां दिल्ली सरकार और अन्य विभागों से भूमि ली जाएगी। इससे 30 करोड़ रुपये अतिरिक्त आय होने की संभावना है।
वहीं विज्ञापन नीति में पारदर्शिता लाने की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि यूनीपोल पर अब दोनों ओर विधिवत विज्ञापन लगाने का प्रावधान किया जाएगा। इसके अलावा साइकिल स्टैंड, सार्वजनिक शौचालयों और अन्य निगम परिसरों पर विज्ञापन के लिए टेंडर प्रक्रिया लागू की जाएगी। इन सभी कदमों से एमसीडी को करीब 250 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है।
आत्मनिर्भर एमसीडी की ओर बड़ा कदम
स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर एमसीडी की दिशा में एक मजबूत कदम है। पहली बार फायदे का बजट पेश कर निगम ने यह साबित कर दिया है कि सही नीतियों और सख्त अमल से नगर निगम भी आर्थिक रूप से मजबूत बन सकता है।
अधिकारियों में बढ़ेगा तालमेल, बढ़ेगी हरियाली और हवा होगी साफ
एमसीडी अपने फायदे के बजट से दिल्ली की हवाओं को साफ करेगी। हरियाली बढ़ाने के साथ निगम का जोर साफ-सफाई होगा। इससे जुड़े अलग-अलग विभागों में तालमेल बिठाने के लिए विभागीय ग्रुप बनाया जाएगा।
बजटीय भाषण में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभागों को साथ जोड़ते हुए एक विशेष ग्रुप ऑफ डिपार्टमेंट का गठन का एलान किया गया। यह ग्रुप साल भर वायु प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी योजनाएं तैयार करेगा। साथ ही उनके क्रियान्वयन की लगातार निगरानी भी करेगा।
बजट में बताया गया कि ग्रुप सड़कों पर धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव और मैकेनिकल स्वीपिंग, निर्माण स्थलों की सख्त निगरानी, कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ करना, शहर में हरियाली बढ़ाना और प्रदूषण फैलाने वाले स्रोतों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जैसे कदम उठाए जाएंगे।
भलस्वा, गाजीपुर और ओखला की तीनों सेनेटरी लैंडफिल साइटों को कूड़ा मुक्त करने के बाद वहां की खाली भूमि का उपयोग हरियाली, जनसुविधाओं और विकास परियोजनाओं का प्रावधान है। इन स्थानों पर ऑर्गेनिक गार्डन, ग्रीन जोन और जन उपयोगी स्थल विकसित होंगे।
बजटीय भाषण में एक सड़क एक दिन योजना की भी घोषणा की गई। इसके तहत प्रत्येक जोन में हर दिन एक प्रमुख सड़क का समग्र कायाकल्प किया जाएगा। एक ही दिन में सड़क की मरम्मत, फुटपाथ सुधार, सौंदर्यीकरण, पेड़ों की छंटाई, स्ट्रीट लाइट व साइनेज की मरम्मत, कूड़ा मलबा हटाने और अवैध अतिक्रमण हटाने जैसे सभी कार्य पूरे किए जाएंगे। इसके लिए विधानसभा क्षेत्र स्तर पर विशेष टीमें गठित की जाएंगी।
एमसीडी अपना स्थापना दिवस मनाएगी : सत्या शर्मा ने एमसीडी का स्थापना दिवस को पूरे सम्मान और गरिमा के साथ मनाने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सात अप्रैल 1958 को अस्तित्व में आई एमसीडी का स्थापना दिवस अब प्रत्येक वर्ष सात अप्रैल को भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए एमसीडी अवॉर्ड प्रदान किए जाएंगे।
यह भी कार्य प्राथमिकता में
- कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए मैटीरियल रिकवरी सेंटर्स की स्थापना।
- बड़ी नालियों के गंदे पानी के पुनः उपयोग के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे।
- इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए मौजूदा 419 ईवी चार्जिंग स्टेशनों के अलावा 307 नए स्टेशन लगाए जाएंगे।
- ग्रीन दिल्ली के लक्ष्य के तहत सभी कार्यालयों और स्कूलों में सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। - सभी स्ट्रीट लाइटों को सौर ऊर्जा पर लाने की योजना।
- प्रत्येक जोन में दो मल्टीलेवल पार्किंग बनाए जाने की योजना है।
- सभी बाजारों, बस स्टॉप और सार्वजनिक स्थानों पर आधुनिक शौचालय, हर मार्केट में पार्किंग सुविधा और कचरा प्रबंधन के लिए एफसीटीएस की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- हर वार्ड में कम से कम एक वातानुकूलित समुदाय भवन का निर्माण किया जाएगा।
- सभी वार्डों में सीनियर सिटिजन मनोरंजन केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
शिक्षा पर फोकस सुरक्षित स्कूल और स्वस्थ छात्र लक्ष्य
सत्या शर्मा ने स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल परिसरों को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाएगा। इसके तहत स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाएंगे। स्कूलों में अतिरिक्त स्मार्ट क्लासरूम की व्यवस्था की जा रही है। स्कूल स्वास्थ्य योजना को भी विशेष महत्व दिया गया। इस योजना के तहत बच्चों की नियमित चिकित्सा जांच कराई जाएगी और उनका संपूर्ण स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। स्कूलों में बच्चों को नियमित रूप से योग सिखाया जाएगा, ताकि वे बचपन से ही स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और मानसिक रूप से भी मजबूत बनें। इसके अलावा खेलो इंडिया अभियान के तहत स्कूलों के खेल मैदानों का बेहतर और अधिक उपयोग
किया जाएगा।
मास्टर प्लान से हरी-भरी होगी दिल्ली
- ग्रीन मास्टर प्लान तैयार होगा।
- पूरे शहर में बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा और हर खाली जमीन को हरियाली से सजाया जाएगा।
- खाली जमीन पर त्रिवेणी विकसित की जाएंगी, जहां बरगद, नीम और पीपल के पौधों का संगम होगा।
- पार्कों के साथ-साथ सड़कों के किनारे, डिवाइडरों और अन्य खाली स्थानों पर भी बड़े स्तर पर पौधे लगाए जाएंगे।
- हर वार्ड में एक-एक हर्बल पार्क बनाने की भी घोषणा की गई।
- महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष महिला पार्क विकसित किए जाएंगे।
- बच्चों के लिए नॉलेज पार्क स्थापित किए जाएंगे, जिनमें रनिंग ट्रैक, खेल मैदान, मिनी म्यूजियम और शैक्षिक गतिविधियां होंगी।
- इसके अलावा छह थीम आधारित पार्क विकसित किए जाएंगे।
कर सुधार की पहल, ग्रामीणों को राहत
सत्या शर्मा ने संपत्ति कर में डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित किया जा रहा है और अधिक से अधिक संपत्तियों को कर दायरे में लाने के लिए जनभागीदारी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों को बड़ी राहत देते हुए दिल्ली के सभी गांवों में एक ग्रामीण के 200 वर्ग मीटर तक एक आवासीय प्लॉट को संपत्ति कर से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा। गांवों में केवल उन्हीं हिस्सों पर कमर्शियल संपत्ति कर लगाया जाएगा, जहां वास्तव में व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
पार्षदों को सशक्त करने की घोषणाएं, विकास निधि में बढ़ोतरी
स्थायी समिति की अध्यक्ष ने बताया कि स्थानीय क्षेत्र विकास को और प्रभावी बनाने के लिए पार्षदों को मिलने वाली निधि को बढ़ाकर दो करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में इस मद में एक करोड़ 55 लाख रुपये का प्रावधान है। पार्षदों के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए एक डाटा एंट्री ऑपरेटर उपलब्ध कराने की भी घोषणा की गई है। नगर निगम के अस्पतालों और मुख्यालय स्थित डिस्पेंसरी में पार्षदों व पूर्व पार्षदों के लिए अलग चिकित्सा विंडो की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा महापौर विवेकानुसार सहायता निधि व स्थायी समिति अध्यक्ष विवेकानुसार सहायता निधि को भी 15 करोड़ रुपये किया। ग्रामीण वार्डों के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया।
कर्मचारियों को राहत, पदोन्नति और नियमितीकरण पर जोर
सत्या शर्मा ने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले की तरह समय पर पदोन्नति दी जाएगी और किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी नहीं होने दी जाएगी। वर्ष 2016 तक अनुबंध के आधार पर नियुक्त स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों को नियमित किया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न विभागों में वर्ष 2016 तक अनियमित रूप से नियुक्त कर्मचारियों को भी नियमित किया जाएगा। डीबीसी को एक समान वेतन दिया जाएगा।
हर जोन में डॉग शेल्टर बनेगा
सत्या शर्मा ने बताया कि लावारिश कुत्तों की देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जोन में कम से कम एक डॉग शेल्टर स्थापित किया जाएगा। इसके लिए बजट में नया मद बनाया गया है और उसमें 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन कुत्तों के बंध्याकरण और रेबीज रोधी टीकाकरण कार्यक्रम को और मजबूत किया जाएगा। इसके तहत पांच नए केंद्रों पर अतिरिक्त डॉग कैनल स्थापित करने की योजना है। साथ ही मौजूदा पांच बंध्याकरण केंद्रों पर भी अतिरिक्त डॉग कैनल बनाए जाएंगे। कुत्तों की निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए माइक्रोचिप लगाने की योजना का भी प्रस्ताव रखा गया है।