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Delhi NCR News: प्रदूषण के खिलाफ मेट्रो बनेगी ढाल, पूरे रूट पर लगेगी एंटी स्मॉग गन और मिस्ट स्प्रे
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-सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, मॉडल एजेंसी बने मेट्रो, डीएमआरसी ने शुरू किया प्रदूषण नियंत्रण अभियान
-स्टेशनों, एलिवेटेड रूट और निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के शुरू हुए पुख्ता इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ मेट्रो बड़ी भूमिका निभाएगी। इसके सभी रूटों पर एंटी स्मॉग गन, मिस्ट स्प्रे लगाए जा रहे हैं। स्टेशनों, एलिवेटेड रूट और निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के लिए ये पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। डीएमआरसी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलकर ये जानकारी दी है। सीएम ने कहा कि मेट्रो प्रदूषण नियंत्रण में एक मॉडल एजेंसी के रूप में काम करे और अन्य विभाग इससे सीख लें।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद डीएमआरसी ने स्टेशनों और एलिवेटेड रूट पर एंटी स्मॉग गन और मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाने का अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान मेट्रो के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि मेट्रो स्टेशनों, एलिवेटेड रूट और निर्माण स्थलों पर धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक तकनीक इस्तेमाल कर रही है। इसके तहत एंटी स्मॉग गन और मिस्ट स्प्रे सिस्टम बड़े पैमाने पर लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसकी सराहना की और कहा कि दिल्लीवासियों को साफ हवा देना सरकार की प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्टेशनों पर लग रही एंटी स्मॉग गन
डीएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक, मेट्रो के निर्माणाधीन स्थलों पर पहले से ही 83 एंटी स्मॉग गन लगाई जा चुकी हैं। इसके अलावा 20 नई एंटी स्मॉग गन लगाने की योजना पर काम चल रहा है। इनमें से कई गन पहले ही स्थापित हो चुकी हैं, जबकि शेष 10 को जल्द लगाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि 15 जनवरी तक सभी एंटी स्मॉग गन लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। जिन प्रमुख स्टेशनों पर एंटी स्मॉग गन लगाई गई हैं या लगाई जा रही हैं, उनमें कश्मीरी गेट, समयपुर बादली, द्वारका सेक्टर-21, राजौरी गार्डन, आनंद विहार, पीरागढ़ी, अशोक विहार और मेट्रो भवन जैसे अहम स्थान शामिल हैं।
मिस्ट स्प्रे सिस्टम से धूल पर काबू
एंटी स्मॉग गन के साथ-साथ मिस्ट स्प्रे सिस्टम भी मेट्रो के प्रदूषण नियंत्रण अभियान का अहम हिस्सा है। डीएमआरसी के मुताबिक, अब तक 37 मेट्रो स्टेशनों पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाया जा चुका है। योजना के तहत दिल्ली के सभी एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों पर इसे चरणबद्ध तरीके से लगाया जाएगा। मुख्य सड़कों पर स्थित स्टेशनों को प्राथमिकता दी जा रही है और लक्ष्य है कि 20 जनवरी तक अधिकांश स्टेशनों पर यह व्यवस्था पूरी हो जाए। जहां एंटी स्मॉग गन उपलब्ध नहीं होंगी, वहां मिस्ट स्प्रे सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा। जिन स्टेशनों पर यह सिस्टम पहले ही लगाया जा चुका है, उनमें पीतमपुरा, रिठाला, घिटोरनी, करोल बाग, मोती नगर, उत्तम नगर ईस्ट, निर्माण विहार, कैलाश कॉलोनी, बदरपुर और मोती बाग शामिल हैं।
सौंदर्यीकरण और रखरखाव पर भी फोकस
प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ दिल्ली मेट्रो राजधानी की साफ-सफाई और सुंदरता पर भी ध्यान देगी। मेट्रो अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि करीब 200 अतिरिक्त मेट्रो पिलरों पर आर्टवर्क कराने की योजना बनाई गई है। इसका काम 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य है। पहले चरण में 50 पिलरों पर आर्टवर्क जल्द पूरा किया जाएगा। फिलहाल 10 पिलरों पर काम पूरा हो चुका है और कई अन्य पर कार्य जारी है। इसके अलावा कई मेट्रो स्टेशनों के आसपास सेंट्रल वर्ज यानी सड़क की मध्य पट्टी के रखरखाव का काम भी शुरू किया जा रहा है। पहले चरण में 25 स्टेशनों को चुना गया है। इस कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग के साथ समन्वय किया जा रहा है, ताकि सफाई और हरियाली दोनों पर ध्यान दिया जा सके।
सीएम के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि पिछले महीने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी। इसमें उन्होंने साफ निर्देश दिए थे कि सभी निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के आधुनिक उपाय अनिवार्य किए जाएं और एलिवेटेड रूट के नीचे नियमित सफाई हो। मुख्यमंत्री ने कहा था कि दिल्ली मेट्रो एनसीआर की लाइफलाइन है, इसलिए उसे प्रदूषण के खिलाफ सबसे आगे रहना चाहिए।
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-स्टेशनों, एलिवेटेड रूट और निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के शुरू हुए पुख्ता इंतजाम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली में प्रदूषण के खिलाफ मेट्रो बड़ी भूमिका निभाएगी। इसके सभी रूटों पर एंटी स्मॉग गन, मिस्ट स्प्रे लगाए जा रहे हैं। स्टेशनों, एलिवेटेड रूट और निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के लिए ये पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। डीएमआरसी के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलकर ये जानकारी दी है। सीएम ने कहा कि मेट्रो प्रदूषण नियंत्रण में एक मॉडल एजेंसी के रूप में काम करे और अन्य विभाग इससे सीख लें।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद डीएमआरसी ने स्टेशनों और एलिवेटेड रूट पर एंटी स्मॉग गन और मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाने का अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान मेट्रो के अधिकारियों ने उन्हें बताया कि मेट्रो स्टेशनों, एलिवेटेड रूट और निर्माण स्थलों पर धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक तकनीक इस्तेमाल कर रही है। इसके तहत एंटी स्मॉग गन और मिस्ट स्प्रे सिस्टम बड़े पैमाने पर लगाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसकी सराहना की और कहा कि दिल्लीवासियों को साफ हवा देना सरकार की प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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स्टेशनों पर लग रही एंटी स्मॉग गन
डीएमआरसी अधिकारियों के मुताबिक, मेट्रो के निर्माणाधीन स्थलों पर पहले से ही 83 एंटी स्मॉग गन लगाई जा चुकी हैं। इसके अलावा 20 नई एंटी स्मॉग गन लगाने की योजना पर काम चल रहा है। इनमें से कई गन पहले ही स्थापित हो चुकी हैं, जबकि शेष 10 को जल्द लगाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि 15 जनवरी तक सभी एंटी स्मॉग गन लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। जिन प्रमुख स्टेशनों पर एंटी स्मॉग गन लगाई गई हैं या लगाई जा रही हैं, उनमें कश्मीरी गेट, समयपुर बादली, द्वारका सेक्टर-21, राजौरी गार्डन, आनंद विहार, पीरागढ़ी, अशोक विहार और मेट्रो भवन जैसे अहम स्थान शामिल हैं।
मिस्ट स्प्रे सिस्टम से धूल पर काबू
एंटी स्मॉग गन के साथ-साथ मिस्ट स्प्रे सिस्टम भी मेट्रो के प्रदूषण नियंत्रण अभियान का अहम हिस्सा है। डीएमआरसी के मुताबिक, अब तक 37 मेट्रो स्टेशनों पर मिस्ट स्प्रे सिस्टम लगाया जा चुका है। योजना के तहत दिल्ली के सभी एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों पर इसे चरणबद्ध तरीके से लगाया जाएगा। मुख्य सड़कों पर स्थित स्टेशनों को प्राथमिकता दी जा रही है और लक्ष्य है कि 20 जनवरी तक अधिकांश स्टेशनों पर यह व्यवस्था पूरी हो जाए। जहां एंटी स्मॉग गन उपलब्ध नहीं होंगी, वहां मिस्ट स्प्रे सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा। जिन स्टेशनों पर यह सिस्टम पहले ही लगाया जा चुका है, उनमें पीतमपुरा, रिठाला, घिटोरनी, करोल बाग, मोती नगर, उत्तम नगर ईस्ट, निर्माण विहार, कैलाश कॉलोनी, बदरपुर और मोती बाग शामिल हैं।
सौंदर्यीकरण और रखरखाव पर भी फोकस
प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ दिल्ली मेट्रो राजधानी की साफ-सफाई और सुंदरता पर भी ध्यान देगी। मेट्रो अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि करीब 200 अतिरिक्त मेट्रो पिलरों पर आर्टवर्क कराने की योजना बनाई गई है। इसका काम 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य है। पहले चरण में 50 पिलरों पर आर्टवर्क जल्द पूरा किया जाएगा। फिलहाल 10 पिलरों पर काम पूरा हो चुका है और कई अन्य पर कार्य जारी है। इसके अलावा कई मेट्रो स्टेशनों के आसपास सेंट्रल वर्ज यानी सड़क की मध्य पट्टी के रखरखाव का काम भी शुरू किया जा रहा है। पहले चरण में 25 स्टेशनों को चुना गया है। इस कार्य के लिए लोक निर्माण विभाग के साथ समन्वय किया जा रहा है, ताकि सफाई और हरियाली दोनों पर ध्यान दिया जा सके।
सीएम के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि पिछले महीने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की थी। इसमें उन्होंने साफ निर्देश दिए थे कि सभी निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के आधुनिक उपाय अनिवार्य किए जाएं और एलिवेटेड रूट के नीचे नियमित सफाई हो। मुख्यमंत्री ने कहा था कि दिल्ली मेट्रो एनसीआर की लाइफलाइन है, इसलिए उसे प्रदूषण के खिलाफ सबसे आगे रहना चाहिए।