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नेशनल हेराल्ड मामला: हाईकोर्ट में 9 मार्च को होगी सुनवाई
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-यह सुनवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर होगी, जिसमें ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 9 मार्च को हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। यह सुनवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर होगी, जिसमें ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। ट्रायल कोर्ट ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपियों के खिलाफ ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार किया था। इसी फैसले को ईडी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने बृहस्पतिवार को मामले को 9 मार्च के लिए सूचीबद्ध किया और आरोपियों को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया।
ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रतिवादियों को दो महीने पहले ही नोटिस दिया जा चुका है, इसलिए और समय देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने इसे कानून का साफ सवाल बताते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट का फैसला गलत है और इससे दूसरे मामलों पर भी असर पड़ सकता है। ईडी ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, दिवंगत नेताओं मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और कंपनी यंग इंडियन पर साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं। ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच और अभियोजन तभी वैध मानी जाएगी, जब उससे जुड़ा मूल अपराध एफआईआर के आधार पर दर्ज हुआ हो। कोर्ट के अनुसार, इस मामले की शुरुआत एक निजी शिकायत से हुई थी, न कि पुलिस की एफआईआर से, इसलिए ईडी की शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता।
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नई दिल्ली।
नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 9 मार्च को हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। यह सुनवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की उस याचिका पर होगी, जिसमें ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। ट्रायल कोर्ट ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य आरोपियों के खिलाफ ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार किया था। इसी फैसले को ईडी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने बृहस्पतिवार को मामले को 9 मार्च के लिए सूचीबद्ध किया और आरोपियों को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया।
ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रतिवादियों को दो महीने पहले ही नोटिस दिया जा चुका है, इसलिए और समय देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने इसे कानून का साफ सवाल बताते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट का फैसला गलत है और इससे दूसरे मामलों पर भी असर पड़ सकता है। ईडी ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, दिवंगत नेताओं मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और कंपनी यंग इंडियन पर साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए हैं। ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि मनी लॉन्ड्रिंग की जांच और अभियोजन तभी वैध मानी जाएगी, जब उससे जुड़ा मूल अपराध एफआईआर के आधार पर दर्ज हुआ हो। कोर्ट के अनुसार, इस मामले की शुरुआत एक निजी शिकायत से हुई थी, न कि पुलिस की एफआईआर से, इसलिए ईडी की शिकायत पर संज्ञान नहीं लिया जा सकता।
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