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Noida News: अवैध निर्माण पर बिजली कनेक्शन देने वालों पर होगी कार्रवाई, जांच शुरू
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- जुलाई 2025 से अधिसूचित और डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण पर कनेक्शन देने पर प्राधिकरण ने लगाई थी रोक
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एनपीसीएल और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा अधिसूचित और डूब क्षेत्र होने वाले अवैध निर्माण पर कनेक्शन देने पर जांच शुरू की है। जिम्मेदारी सभी वर्क सर्किल के प्रभारियों को सौंपी गई है, जिसमें जुलाई 2025 के बाद दिए गए कनेक्शनों की सूची तैयारी की जाएगी। उसके बाद प्राधिकरण बिजली वितरण कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई करेगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित और डूब क्षेत्र में बड़े स्तर पर अवैध निर्माण चल रहा है। प्राधिकरण ने निर्माण रोकने के मकसद से बीते साल जुलाई में अवैध निर्माण पर बिजली कनेक्शन देने पर रोक लगा दी थी। इस संबंध में एनपीसीएल और यूपीपीसीएल को पत्र भी लिखा था, बावजूद कनेक्शन जारी करने की शिकायतें प्राधिकरण को मिल रहीं हैं। बीते सप्ताह प्राधिकरण के सीईओ ने एनपीसीएल से इसे लेकर नाराजगी भी जताई थी।
अफसरों ने बताया कि बीते एक साल में किस-किस अवैध कॉलोनी या मकान में कनेक्शन दिया गया, टीम इसकी जांच करेगी। जहां कनेक्शन मिलता है, वहां की रिपोर्ट तीन दिन के अंदर देनी होगी। इसके लिए सभी आठ वर्क सर्किल के अधिकारियों को लगाया गया है। अफसरों का कहना है कि अगर कनेक्शन जारी किया गया है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने एनपीसीएल और पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा अधिसूचित और डूब क्षेत्र होने वाले अवैध निर्माण पर कनेक्शन देने पर जांच शुरू की है। जिम्मेदारी सभी वर्क सर्किल के प्रभारियों को सौंपी गई है, जिसमें जुलाई 2025 के बाद दिए गए कनेक्शनों की सूची तैयारी की जाएगी। उसके बाद प्राधिकरण बिजली वितरण कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई करेगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित और डूब क्षेत्र में बड़े स्तर पर अवैध निर्माण चल रहा है। प्राधिकरण ने निर्माण रोकने के मकसद से बीते साल जुलाई में अवैध निर्माण पर बिजली कनेक्शन देने पर रोक लगा दी थी। इस संबंध में एनपीसीएल और यूपीपीसीएल को पत्र भी लिखा था, बावजूद कनेक्शन जारी करने की शिकायतें प्राधिकरण को मिल रहीं हैं। बीते सप्ताह प्राधिकरण के सीईओ ने एनपीसीएल से इसे लेकर नाराजगी भी जताई थी।
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अफसरों ने बताया कि बीते एक साल में किस-किस अवैध कॉलोनी या मकान में कनेक्शन दिया गया, टीम इसकी जांच करेगी। जहां कनेक्शन मिलता है, वहां की रिपोर्ट तीन दिन के अंदर देनी होगी। इसके लिए सभी आठ वर्क सर्किल के अधिकारियों को लगाया गया है। अफसरों का कहना है कि अगर कनेक्शन जारी किया गया है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।