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Noida News: जिला अस्पताल में अब मिलेगा कलर बर्थ सर्टिफिकेट, प्रिंटिंग यूनिट स्थापित
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एक दिन में होते हैं 15 से 20 प्रसव, डिस्चार्ज के दौरान ही बच्चे का दे दिया जाता है सर्टिफिकेट
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जिला अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों को अब कलर बर्थ सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने कलर प्रिंटिंग यूनिट स्थापित की है। लंबे समय से आ रही तकनीकी और दस्तावेजी समस्याओं की वजह से यह कदम उठाया है।
अब तक अस्पताल में डिलीवरी होने पर डिस्चार्ज के दौरान ही परिजनों को बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र दे दिया जाता है लेकिन यह ब्लैक एंड व्हाइट होता है। ऐसे में कई बार फोटो कॉपी कराने पर कई बार जानकारी स्पष्ट नहीं दिखती। खासतौर पर नाम, जन्मतिथि और रजिस्ट्रेशन नंबर धुंधले हो जाने के कारण लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं में आवेदन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन के पास लगातार शिकायतें भी आ रही थी।
अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 प्रसव होते हैं। जन्म प्रमाण पत्र अहम दस्तावेज है, जिसका प्रयोग बच्चे के स्कूल में दाखिले से लेकर आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पासपोर्ट समेत अन्य सरकारी योजनाओं के लिए होता है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कलर प्रिंटिंग से सर्टिफिकेट की पठनीयता बेहतर होगी और फोटो कॉपी या स्कैन कराने पर भी विवरण साफ नजर आएगा। इससे अभिभावकों को बार-बार सुधार कराने या नए सर्टिफिकेट के लिए अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सीएमएस डॉ. अजय राणा ने बताया कि कई बार लोग कलर बर्थ सर्टिफिकेट की मांग करते थे इसलिए अब कलर बर्थ सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं।
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नोएडा। जिला अस्पताल में जन्म लेने वाले बच्चों को अब कलर बर्थ सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने कलर प्रिंटिंग यूनिट स्थापित की है। लंबे समय से आ रही तकनीकी और दस्तावेजी समस्याओं की वजह से यह कदम उठाया है।
अब तक अस्पताल में डिलीवरी होने पर डिस्चार्ज के दौरान ही परिजनों को बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र दे दिया जाता है लेकिन यह ब्लैक एंड व्हाइट होता है। ऐसे में कई बार फोटो कॉपी कराने पर कई बार जानकारी स्पष्ट नहीं दिखती। खासतौर पर नाम, जन्मतिथि और रजिस्ट्रेशन नंबर धुंधले हो जाने के कारण लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं में आवेदन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन के पास लगातार शिकायतें भी आ रही थी।
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अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 प्रसव होते हैं। जन्म प्रमाण पत्र अहम दस्तावेज है, जिसका प्रयोग बच्चे के स्कूल में दाखिले से लेकर आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, पासपोर्ट समेत अन्य सरकारी योजनाओं के लिए होता है।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि कलर प्रिंटिंग से सर्टिफिकेट की पठनीयता बेहतर होगी और फोटो कॉपी या स्कैन कराने पर भी विवरण साफ नजर आएगा। इससे अभिभावकों को बार-बार सुधार कराने या नए सर्टिफिकेट के लिए अस्पताल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सीएमएस डॉ. अजय राणा ने बताया कि कई बार लोग कलर बर्थ सर्टिफिकेट की मांग करते थे इसलिए अब कलर बर्थ सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं।