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Noida News: लैब में गलत रिपोर्ट देने के मामले में समिति गठित
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शिकायतकर्ता व आरोपी के बयान लेकर नोडल अधिकारी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दादरी के पाथलाइफ डाइग्नोस्टिक सेंटर से नाबालिग छात्रा की लिवर फंक्शन जांच की रिपोर्ट के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच समिति गठित कर दी है। तीन डॉक्टरों की समिति ने लैब और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है। दोनों के बयान दर्ज कर समिति एक सप्ताह में नोडल अधिकारी को रिपोर्ट सौंपेगी।
शिकायतकर्ता सोहनपाल शर्मा ने सीएमओ को शिकायत दी थी कि डाॅक्टर के परामर्श पर 18 मई को दादरी रेलवे रोड स्थित पाथलाइफ डाइग्नोस्टिक सेंटर में बेटी आरवी की लिवर फंक्शन जांच कराई थी। रिपोर्ट में एसजीओटी और एसजीपीटी के स्तर सामान्य बताए गए। वहीं, 19 मई को दूसरी लैब में कराई गई जांच में एसजीओटी का स्तर 5000 और एसजीपीटी का स्तर 4500 आया।
पाथलाइफ लैब की रिपोर्ट में आरवी की बीमारी पकड़ में नहीं आई, जबकि दूसरी रिपोर्ट से पता चला कि वायरल हेपेटाइटिस से उसके लिवर का आकार बढ़ गया है। वहीं, गॉलब्लेडर के आकार में भी अंतर पाया गया। शिकायत का संज्ञान लेकर सीएमओ के निर्देश पर नोडल अधिकारी डॉ. चंदन सोनी ने समिति गठित की है, जिसमें डॉ. रविंद्र, डाॅ. ऋषभ कुमार सिंह और डॉ. अल्ताफ शामिल हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दादरी के पाथलाइफ डाइग्नोस्टिक सेंटर से नाबालिग छात्रा की लिवर फंक्शन जांच की रिपोर्ट के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच समिति गठित कर दी है। तीन डॉक्टरों की समिति ने लैब और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है। दोनों के बयान दर्ज कर समिति एक सप्ताह में नोडल अधिकारी को रिपोर्ट सौंपेगी।
शिकायतकर्ता सोहनपाल शर्मा ने सीएमओ को शिकायत दी थी कि डाॅक्टर के परामर्श पर 18 मई को दादरी रेलवे रोड स्थित पाथलाइफ डाइग्नोस्टिक सेंटर में बेटी आरवी की लिवर फंक्शन जांच कराई थी। रिपोर्ट में एसजीओटी और एसजीपीटी के स्तर सामान्य बताए गए। वहीं, 19 मई को दूसरी लैब में कराई गई जांच में एसजीओटी का स्तर 5000 और एसजीपीटी का स्तर 4500 आया।
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पाथलाइफ लैब की रिपोर्ट में आरवी की बीमारी पकड़ में नहीं आई, जबकि दूसरी रिपोर्ट से पता चला कि वायरल हेपेटाइटिस से उसके लिवर का आकार बढ़ गया है। वहीं, गॉलब्लेडर के आकार में भी अंतर पाया गया। शिकायत का संज्ञान लेकर सीएमओ के निर्देश पर नोडल अधिकारी डॉ. चंदन सोनी ने समिति गठित की है, जिसमें डॉ. रविंद्र, डाॅ. ऋषभ कुमार सिंह और डॉ. अल्ताफ शामिल हैं।