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Noida News: मरीज को रेफर करने की मांग, सफाई कर्मियों का ईएसआईसी में हंगामा

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jun 2026 05:55 PM IST
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Demand to refer patient; sanitation workers create a ruckus at ESIC.
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फोटो है

मरीज को रेफर करने की मांग, सफाई कर्मियों का ईएसआईसी में हंगामा
-मरीज की हालत बिगड़ने के बाद भी अस्पताल मरीज को रेफर करने के लिए तैयार नहीं
-कहा- ईएसआईसी अस्पताल में इलाज के लिए न्यूरोलॉजिस्ट ही नहीं हैं
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा। सेक्टर-24 स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल में सोमवार को नोएडा प्राधिकरण के सफाई कर्मचारियों ने जमकर हंगामा किया। सफाईकर्मी अस्पताल में पिछले चार महीनों से भर्ती अपने एक साथी की मरीज पत्नी को किसी निजी अस्पताल में रेफर करने की मांग कर रहे थे। सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि अस्पताल में लंबे समय से भर्ती उनके मरीज की हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन मरीज को किसी अन्य बेहतर और निजी अस्पताल के लिए रेफर करने को तैयार नहीं है।
सेक्टर-41 अगाहपुर गांव निवासी संजू की पत्नी प्रिया (34) पिछले चार महीने से बीमार हैं और ईएसआईसी अस्पताल में भर्ती हैं। प्रिया के पति व सफाईकर्मी संजू ने बताया कि फरवरी माह में पत्नी को दिमागी समस्या हुई थी। इस दौरान आनन-फानन में पत्नी को ईएसआईसी अस्पताल भर्ती करवाया गया था। कुछ दिन भर्ती रखने के बाद हालत में सुधार नहीं हुआ। ऐसे में डॉक्टर ने मरीज को ईएसआईसी के सहयोगी निजी अस्पताल रेफर कर दिया था। संजू ने बताया कि निजी अस्पताल में मरीज के दिमाग की एक सर्जरी भी हुई थी। इसके बाद मरीज की हालत में दिन पर दिन सुधार हो रहा था, लेकिन वापस ईएसआईसी बुला लिया गया। यहां पर मरीज की हालत दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। मरीज अपने होश में नहीं रहती है और गंभीर स्थिति होने पर वेंटिलेटर पर रखना पड़ता है।
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कचरे गाड़ियों से भर गया था अस्पताल...
सफाईकर्मियों ने बताया कि सोमवार सुबह जब उनकी मांग को अस्पताल प्रशासन ने नहीं माना तो सफाईकर्मी अस्पताल परिसर में ही प्रदर्शन करने लगे। अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष सतवीर मखवाना ने बताया कि यह सभी डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करते हैं और शहर में इनकी संख्या करीब 1100 है। यदि आज हमारी यह मांग पूरी नहीं की गई तो हम सभी मंगलवार से हड़ताल शुरू कर देंगेे। इस दौरान अस्पताल परिसर में नोएडा प्राधिकरण की कचरा गाड़ियां भी जमा होने लगी थीं। दूसरी ओर, सफाईकर्मी अस्पताल परिसर में एकत्रित होकर फिर नारेबाजी करने लगे।
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परिजनों से बातचीत ...
मेरी पत्नी की हालत बहुत गंभीर है। अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट नहीं है जो सही इलाज मिल सके और निजी अस्पताल रेफर नहीं करते हैं।

संजू, मरीज का पति
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अस्पताल की व्यवस्थाएं बिल्कुल ठीक नहीं हैं। इलाज पाने के लिए मरीजों को भटकना पड़ता है।
संजीव, मरीज का जेठ
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निजी अस्पताल में मरीज की हालत ठीक थी लेकिन ईएसआईसी अस्पताल प्रशासन ने मरीज को वापस बुला लिया।
मोनू, मरीज का भांजा
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यदि मरीज को निजी अस्पताल रेफर नहीं किया गया तो हंगामा आगे बढ़ जाएगा और घरों से कूड़ा भी नहीं उठेगा।
विजय, मरीज का जेठ
कोट
मरीज को फेफड़े की टीबी है और यह टीबी पूरे शरीर में फैल चुकी है। इसलिए मरीज की स्थिति बिगड़ती जा रही है। परिजनों के कहने पर मरीज को निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है।
डॉ. हरनाम कौर, डीन, ईएसआईसी अस्पताल
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