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Noida News: गलगोटिया विश्वविद्यालय में कम्पेरेटिव लॉ पर सम्मेलन
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गलगोटिया विश्वविद्यालय में कम्पेरेटिव लॉ पर सम्मेलन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। गलगोटिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ की ओर से शुक्रवार को कम्पेरेटिव लॉ (तुलनात्मक कानून) विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन ऑस्ट्रेलिया की एडिथ कोवान यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ बिजनेस एंड लॉ के सहयोग से किया गया, जिसमें भारत सहित कई देशों के न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञ, शिक्षाविद और नीति निर्माता शामिल हुए। सम्मेलन में विभिन्न देशों की कानूनी व्यवस्थाओं, संवैधानिक शासन, मानवाधिकार, व्यापारिक विनियमन, बौद्धिक संपदा अधिकार, मध्यस्थता, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे से जुड़े विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस राजेश बिंदल, दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस तेजस करिया, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के न्यायाधीश जस्टिस सुभाष विद्यार्थी, दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस जेआर मिधा तथा उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। सम्मेलन में यूनाइटेड किंगडम, इटली, ब्राजील, बांग्लादेश, नाइजीरिया, श्रीलंका, भूटान, मैसेडोनिया और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों के प्रतिष्ठित शिक्षाविद और कानूनी विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन के समापन सत्र में जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस तेजस करिया, सोसाइटी ऑफ इंडियन लॉ फर्म्स के अध्यक्ष ललित भसीन सहित कई वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों ने संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान शोध पत्र प्रस्तुतियां, कीनोट व्याख्यान, कॉन्फ्रेंस एब्स्ट्रैक्ट बुक का विमोचन तथा आईसीसीएल-2026 के सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कारों की घोषणा भी की गई।
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। गलगोटिया विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ की ओर से शुक्रवार को कम्पेरेटिव लॉ (तुलनात्मक कानून) विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का आयोजन ऑस्ट्रेलिया की एडिथ कोवान यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ बिजनेस एंड लॉ के सहयोग से किया गया, जिसमें भारत सहित कई देशों के न्यायाधीश, कानूनी विशेषज्ञ, शिक्षाविद और नीति निर्माता शामिल हुए। सम्मेलन में विभिन्न देशों की कानूनी व्यवस्थाओं, संवैधानिक शासन, मानवाधिकार, व्यापारिक विनियमन, बौद्धिक संपदा अधिकार, मध्यस्थता, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे से जुड़े विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस राजेश बिंदल, दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस तेजस करिया, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के न्यायाधीश जस्टिस सुभाष विद्यार्थी, दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस जेआर मिधा तथा उड़ीसा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। सम्मेलन में यूनाइटेड किंगडम, इटली, ब्राजील, बांग्लादेश, नाइजीरिया, श्रीलंका, भूटान, मैसेडोनिया और ऑस्ट्रेलिया सहित कई देशों के प्रतिष्ठित शिक्षाविद और कानूनी विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन के समापन सत्र में जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस तेजस करिया, सोसाइटी ऑफ इंडियन लॉ फर्म्स के अध्यक्ष ललित भसीन सहित कई वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों ने संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान शोध पत्र प्रस्तुतियां, कीनोट व्याख्यान, कॉन्फ्रेंस एब्स्ट्रैक्ट बुक का विमोचन तथा आईसीसीएल-2026 के सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कारों की घोषणा भी की गई।
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