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Noida News: टी-20 वर्ल्ड कप पर सट्टे का खेल बेनकाब, सरगना समेत 5 गिरफ्तार
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- भारत इंग्लैंड सेमीफाइनल मुकाबले में लाइव क्रिकेट मैच के वीडियो पर लगवा रहे थे सट्टा
- सेक्टर 79 सिविटेक स्टेडिया सोसाइटी में डेढ़ महीने से संचालित हो रहा था गिरोह
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। टी-20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच नोएडा में एक ऐसा खेल चल रहा था, जो मैदान पर नहीं बल्कि मोबाइल स्क्रीन और एक फ्लैट के अंदर खेला जा रहा था। लेकिन आखिरकार पुलिस की नजर इस गुप्त पारी पर पड़ ही गई। बृहस्पतिवार रात जब भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल मुकाबला अपने चरम पर था, उसी समय कोतवाली सेक्टर-113 पुलिस और सीआरटी टीम ने सेक्टर-79 की सिविटेक स्टेडिया सोसाइटी के एक फ्लैट पर छापा मार दिया। अंदर का नजारा किसी मिनी कंट्रोल रूम से कम नहीं था। मोबाइल, लैपटॉप, इंटरनेट और बेटिंग ऐप के सहारे क्रिकेट पर सट्टेबाजी का पूरा जाल बिछा हुआ था।
पुलिस ने मौके से गैंग के सरगना समेत पांच सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर लिया। ये लोग मैच के दौरान लोगों को वीडियो कॉल पर जोड़ते थे और फिर बेटिंग ऐप के जरिए उन्हें टिप्स देते थे कि किस ओवर में कितना रन बनेगा, विकेट गिरेगा या नहीं, छक्का आएगा या चौका। हर गेंद और हर ओवर पर पैसे की बाजी लगती थी। इस गिरोह का सरगना ऑनलाइन सट्टा लगाने वालों से पैसे हवाला के जरिए अपने खाते में ट्रांसफर करवाता था। फ्लैट के अंदर पूरा सेटअप तैयार किया गया था ताकि लाइव मैच के साथ-साथ सट्टे का खेल भी चलता रहे। काफी समय से नोएडा पुलिस को टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान सट्टेबाजी की सूचना मिल रही थी। इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और सही मौके पर छापा मारकर इस गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान गीता कॉलोनी दिल्ली निवासी विनय सहगल, पंजाब के फाजिल्का निवासी नवदीप सिंह, गीता कॉलोनी निवासी राजीव शर्मा, अमृतर निवासी सलील सेठ और नेपाल निवासी देव कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इस गिरोह का सरगना विनय सहगल है। आरोपी चोरी-छिपे बेटिंग ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों से सट्टा लगवाते थे। इसके लिए वो जूम ऐप और जूम ऑडियो कॉल का इस्तेमाल करते थे।
जूम एप व जूम ऑडियो कॉल का इस्तेमाल : पुलिस पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह में शामिल आरोपी सोशल मीडिया पर अपना नेटवर्क बनाते थे और टेलीग्राम और वॉट्सऐप के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे। आरोपी अब तक 300 से अधिक लोगों के साथ में ठगी कर चुके हैं। वहीं पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
इस तरह करते थे ठगी : पूछताछ में पता चला कि ये लोग क्रिकेट मैच के दौरान लोगों से संपर्क कर उन्हें अच्छा कमाने का झांसा देते थे। ये बताते थे कि सीधे दो गुना रकम मिलेगी। अगर किसी मैच में चौका, छक्का, विकेट आदि पर 100 रुपये लगाता है तो उसे 200 रुपये मिलेंगे। इसी झांसे में लोग रकम लगाते थे। हारने और जीतने दोनों स्थिति में ये लोग रकम नहीं वापस करते थे। इन आरोपियों के पास से 32 मोबाइल मिले हैं। इनके पास से तीन एक्सटेंशन बोर्ड, छह मोबाइल स्टैंड, एक कैलकुलेटर, नौ मोबाइल चार्जर, चार लैपटॉप चार्जर, चार मोबाइल डेटा केबल, दो मोबाइल हेडफोन और चार लैपटॉप डेटा केबल भी बरामद किए गए हैं।
सेमीफाइनल में भारत पर 50 पैसे का भाव : ये सट्टेबाज कई मैच में सट्टेबाजी कर चुके हैं। बृहस्पतिवार के मैच में भारत व इंग्लैंड के बीच हाई स्कोर रोमांचक मुकाबला हुआ था। इस मैच में काफी लोग सट्टा लगा रहे थे। तभी ये लोग पुलिस के रडार पर आ गए। सेमीफाइनल मैच में भारत पर 50 पैसे और इंग्लैंड पर दो रुपये का भाव था।
टी-20 वर्ल्ड कप: रन आउट नहीं, गिरफ्तारी आउट! सरगना समेत 5 गिरफ्तार
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- सेक्टर 79 सिविटेक स्टेडिया सोसाइटी में डेढ़ महीने से संचालित हो रहा था गिरोह
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। टी-20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच नोएडा में एक ऐसा खेल चल रहा था, जो मैदान पर नहीं बल्कि मोबाइल स्क्रीन और एक फ्लैट के अंदर खेला जा रहा था। लेकिन आखिरकार पुलिस की नजर इस गुप्त पारी पर पड़ ही गई। बृहस्पतिवार रात जब भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल मुकाबला अपने चरम पर था, उसी समय कोतवाली सेक्टर-113 पुलिस और सीआरटी टीम ने सेक्टर-79 की सिविटेक स्टेडिया सोसाइटी के एक फ्लैट पर छापा मार दिया। अंदर का नजारा किसी मिनी कंट्रोल रूम से कम नहीं था। मोबाइल, लैपटॉप, इंटरनेट और बेटिंग ऐप के सहारे क्रिकेट पर सट्टेबाजी का पूरा जाल बिछा हुआ था।
पुलिस ने मौके से गैंग के सरगना समेत पांच सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर लिया। ये लोग मैच के दौरान लोगों को वीडियो कॉल पर जोड़ते थे और फिर बेटिंग ऐप के जरिए उन्हें टिप्स देते थे कि किस ओवर में कितना रन बनेगा, विकेट गिरेगा या नहीं, छक्का आएगा या चौका। हर गेंद और हर ओवर पर पैसे की बाजी लगती थी। इस गिरोह का सरगना ऑनलाइन सट्टा लगाने वालों से पैसे हवाला के जरिए अपने खाते में ट्रांसफर करवाता था। फ्लैट के अंदर पूरा सेटअप तैयार किया गया था ताकि लाइव मैच के साथ-साथ सट्टे का खेल भी चलता रहे। काफी समय से नोएडा पुलिस को टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान सट्टेबाजी की सूचना मिल रही थी। इनपुट मिलने के बाद पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और सही मौके पर छापा मारकर इस गिरोह का पर्दाफाश कर दिया।फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
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एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान गीता कॉलोनी दिल्ली निवासी विनय सहगल, पंजाब के फाजिल्का निवासी नवदीप सिंह, गीता कॉलोनी निवासी राजीव शर्मा, अमृतर निवासी सलील सेठ और नेपाल निवासी देव कुमार के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि इस गिरोह का सरगना विनय सहगल है। आरोपी चोरी-छिपे बेटिंग ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों से सट्टा लगवाते थे। इसके लिए वो जूम ऐप और जूम ऑडियो कॉल का इस्तेमाल करते थे।
जूम एप व जूम ऑडियो कॉल का इस्तेमाल : पुलिस पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह में शामिल आरोपी सोशल मीडिया पर अपना नेटवर्क बनाते थे और टेलीग्राम और वॉट्सऐप के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे। आरोपी अब तक 300 से अधिक लोगों के साथ में ठगी कर चुके हैं। वहीं पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
इस तरह करते थे ठगी : पूछताछ में पता चला कि ये लोग क्रिकेट मैच के दौरान लोगों से संपर्क कर उन्हें अच्छा कमाने का झांसा देते थे। ये बताते थे कि सीधे दो गुना रकम मिलेगी। अगर किसी मैच में चौका, छक्का, विकेट आदि पर 100 रुपये लगाता है तो उसे 200 रुपये मिलेंगे। इसी झांसे में लोग रकम लगाते थे। हारने और जीतने दोनों स्थिति में ये लोग रकम नहीं वापस करते थे। इन आरोपियों के पास से 32 मोबाइल मिले हैं। इनके पास से तीन एक्सटेंशन बोर्ड, छह मोबाइल स्टैंड, एक कैलकुलेटर, नौ मोबाइल चार्जर, चार लैपटॉप चार्जर, चार मोबाइल डेटा केबल, दो मोबाइल हेडफोन और चार लैपटॉप डेटा केबल भी बरामद किए गए हैं।
सेमीफाइनल में भारत पर 50 पैसे का भाव : ये सट्टेबाज कई मैच में सट्टेबाजी कर चुके हैं। बृहस्पतिवार के मैच में भारत व इंग्लैंड के बीच हाई स्कोर रोमांचक मुकाबला हुआ था। इस मैच में काफी लोग सट्टा लगा रहे थे। तभी ये लोग पुलिस के रडार पर आ गए। सेमीफाइनल मैच में भारत पर 50 पैसे और इंग्लैंड पर दो रुपये का भाव था।
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