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Noida News: ई-मेल स्पूफिंग और टेलीग्राम टास्क के नाम पर तीन लोगों से 56 लाख रुपये की साइबर ठगी
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ई-मेल स्पूफिंग और टेलीग्राम टास्क के नाम पर तीन लोगों से 56 लाख रुपये की साइबर ठगी
- एनसीआरपी पर शिकायत के बाद साइबर थाने में तीन मुकदमे दर्ज, कई बैंक खातों की जांच शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को निशाना बनाकर करीब 56 लाख रुपये की ठगी कर ली। सेक्टर-143 निवासी एक निजी कंपनी के कर्मचारी से निवेश के नाम पर 18 लाख रुपये की ठगी की गई। पीडि़त ने बताया कि अप्रैल 2025 में वॉट्सऐप के जरिए संपर्क करने वाले लोगों ने खुद को निवेश सलाहकार बताया। उन्होंने एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर खाता खुलवाकर अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाया। इसके बाद पीड़ित ने अलग-अलग किश्तों में करीब 18 लाख रुपये जमा कर दिए।
शुरुआत में खाते में मुनाफा दिखाया गया, लेकिन जब रकम निकालने का प्रयास किया गया तो वेबसाइट और उससे जुड़े लोग पूरी तरह गायब हो गए। तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। दूसरे मामले में फेज-2 क्षेत्र की एक निजी कंपनी के अकाउंटेंट ने शिकायत दर्ज कराई है। साइबर ठगों ने कंपनी की आधिकारिक ई-मेल आईडी जैसी फर्जी ई-मेल बनाकर ग्राहक कंपनी को नया बैंक खाता भेज दिया। ग्राहक ने उसी खाते में 18.92 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में भुगतान का मिलान करने पर पता चला कि रकम कंपनी के वास्तविक खाते में पहुंची ही नहीं। शिकायत के बाद जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए करीब 17.19 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं।
तीसरे मामले में 78 वर्षीय बुजुर्ग को टेलीग्राम के जरिए घर बैठे कमाई का झांसा दिया गया। शुरुआत में उन्हें छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क पूरे करने पर कुछ रुपये भेजे गए, जिससे उनका भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद अधिक कमाई का लालच देकर अलग-अलग शुल्क और निवेश के नाम पर पैसे जमा कराये गए। बुजुर्ग ने कई बार में 19.78 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब न तो मुनाफा मिला और न ही जमा रकम वापस हुई, तब उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के दौरान ठगों के एक खाते में जमा करीब 35 हजार रुपये फ्रीज कराए हैं। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि तीनों मामलों में बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ई-मेल आईडी और डिजिटल ट्रांजैक्शन का विश्लेषण किया जा रहा है।
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ऐसे रहें साइबर ठगी से सुरक्षित
- अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा न लगाएं।
- कंपनी के बैंक खाते में भुगतान से पहले ई-मेल और खाता संख्या की दोबारा पुष्टि करें।
- टेलीग्राम, वॉट्सऐप या सोशल मीडिया पर मिलने वाले पार्ट-टाइम जॉब और टास्क ऑफर से सावधान रहें।
- किसी भी वेबसाइट या ऐप पर निवेश से पहले उसकी वैधता की जांच करें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
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- एनसीआरपी पर शिकायत के बाद साइबर थाने में तीन मुकदमे दर्ज, कई बैंक खातों की जांच शुरू
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को निशाना बनाकर करीब 56 लाख रुपये की ठगी कर ली। सेक्टर-143 निवासी एक निजी कंपनी के कर्मचारी से निवेश के नाम पर 18 लाख रुपये की ठगी की गई। पीडि़त ने बताया कि अप्रैल 2025 में वॉट्सऐप के जरिए संपर्क करने वाले लोगों ने खुद को निवेश सलाहकार बताया। उन्होंने एक ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर खाता खुलवाकर अधिक मुनाफे का भरोसा दिलाया। इसके बाद पीड़ित ने अलग-अलग किश्तों में करीब 18 लाख रुपये जमा कर दिए।
शुरुआत में खाते में मुनाफा दिखाया गया, लेकिन जब रकम निकालने का प्रयास किया गया तो वेबसाइट और उससे जुड़े लोग पूरी तरह गायब हो गए। तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। दूसरे मामले में फेज-2 क्षेत्र की एक निजी कंपनी के अकाउंटेंट ने शिकायत दर्ज कराई है। साइबर ठगों ने कंपनी की आधिकारिक ई-मेल आईडी जैसी फर्जी ई-मेल बनाकर ग्राहक कंपनी को नया बैंक खाता भेज दिया। ग्राहक ने उसी खाते में 18.92 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में भुगतान का मिलान करने पर पता चला कि रकम कंपनी के वास्तविक खाते में पहुंची ही नहीं। शिकायत के बाद जांच एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए करीब 17.19 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं।
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तीसरे मामले में 78 वर्षीय बुजुर्ग को टेलीग्राम के जरिए घर बैठे कमाई का झांसा दिया गया। शुरुआत में उन्हें छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क पूरे करने पर कुछ रुपये भेजे गए, जिससे उनका भरोसा जीत लिया गया। इसके बाद अधिक कमाई का लालच देकर अलग-अलग शुल्क और निवेश के नाम पर पैसे जमा कराये गए। बुजुर्ग ने कई बार में 19.78 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब न तो मुनाफा मिला और न ही जमा रकम वापस हुई, तब उन्होंने शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के दौरान ठगों के एक खाते में जमा करीब 35 हजार रुपये फ्रीज कराए हैं। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि तीनों मामलों में बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, ई-मेल आईडी और डिजिटल ट्रांजैक्शन का विश्लेषण किया जा रहा है।
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ऐसे रहें साइबर ठगी से सुरक्षित
- अनजान व्यक्ति के कहने पर किसी भी निवेश प्लेटफॉर्म पर पैसा न लगाएं।
- कंपनी के बैंक खाते में भुगतान से पहले ई-मेल और खाता संख्या की दोबारा पुष्टि करें।
- टेलीग्राम, वॉट्सऐप या सोशल मीडिया पर मिलने वाले पार्ट-टाइम जॉब और टास्क ऑफर से सावधान रहें।
- किसी भी वेबसाइट या ऐप पर निवेश से पहले उसकी वैधता की जांच करें।
- साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।