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Noida News: 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी बुजुर्ग महिला, बीपी बढ़ने से चक्कर खाकर गिरी
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प्राइड सोसाइटी में सोमवार सुबह दसवें फ्लोर पर बने फ्लैट में जाते वक्त फंसी , तीन दिन पहले भी लिफ्ट में फंसे थे 12 लोग
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित हिमालय प्राइड सोसाइटी में सोमवार को बुजुर्ग महिला 20 मिनट तक लिफ्ट में फंस गईं। गर्मी से परेशान महिला का बीपी बढ़ गया। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी जिसके बाद वह चक्कर खाकर गिर गईं। सोसाइटी निवासियों ने डीसीपी कार्यालय जाकर मामले की शिकायत की।
सोसाइटी निवासी अभिषेक सिकरवार ने बताया कि बी टावर निवासी महिला सोमवार सुबह 11 बजे लिफ्ट में नीचे से 10वें मंजिल पर अपने फ्लैट में जा रही थीं। दसवीं मंजिल पर लिफ्ट के पहुंचने के बाद बिजली ट्रिपिंग की वजह से लिफ्ट तेजी से नीचे गिरने लगी।छठी मंजिल पर आकर लिफ्ट रुक गई। तेजी से गिरी लिफ्ट के अचानक रुकने से बुजुर्ग महिला घबरा गई। गर्मी के कारण उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। लिफ्ट में लगे पंखे में काम नहीं कर रहे थे। बीपी बढ़ने के बाद उन्हें घुटन होने लगी। गेट बजाने और जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज से लोगों को पता चला। उसके बाद मेंटेनेंस के लोग उन्हें निकालने के लिए आए। करीब 20 मिनट बाद उन्हें निकाला जा सका। बाहर निकलते के साथ ही महिला बेहोश होकर नीचे गिर गई।
निवासियों ने बताया कि महिला का पूरा शरीर कांप रहा था। उन्हें तुरंत सोसाइटी में ही एक डॉक्टर के पास ले जाया गया। जहां उन्हें थोड़ा आराम मिला। उनके परिजनों को इस बारे में सूचित किया गया। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए।
तीन दिन पहले भी 12 लोग फंसे थे
सोसाइटी में तीन दिन पहले भी कन्या पूजन के लिए जा रही 10 कन्याओं सहित 12 लोग लिफ्ट में एक घंटे से अधिक समय तक फंस गए थे।
आरोप है कि लिफ्ट में लगाए गए बचाव के उपकरण काम नहीं करते हैं। अलार्म बजता नहीं है। पंखा नहीं चलता। साथ ही लाइट भी बंद हो जाती है। इससे लिफ्ट में फंसने की वजह से लोगों की हालत खराब हो जाती है। यह समस्या प्रतिदिन बढ़ रही है। इसका समाधान करने के लिए कोई तैयार नहीं है। एओए अध्यक्ष सीमा ने बताया कि बिल्डर प्रबंधन से शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। हैंडओवर मांगने पर नहीं दिया जाता है। लिफ्ट का रखरखाव न होने के कारण लोग उसमें फंस जाते हैं।
लिफ्ट एजेंसी का बकाया, नहीं हो रही सर्विस
पदाधिकारियो का कहना है कि बिल्डर प्रबंधन द्वारा लिफ्ट एजेंसी के बकाए का भुगतान नहीं किया गया है, जिसकी वजह से एजेंसी के कर्मचारी लिफ्ट की सर्विस के लिए नहीं आ रहे हैं। ऐसे में रखरखाव न होने की वजह से लगातार लिफ्ट फंस रही है। हर महीने समय से मेंटेनेंस शुल्क दिया जा रहा है, उसके बाद भी इस तरह के लापरवाही बरती जा रही है।
कब कब हुई लिफ्ट फंसने की घटनाएं
27 मार्च 2026 (हिमालया प्राइड): कन्या पूजन के लिए जा रहे बच्चे और परिवार के सदस्य एक घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे, पंखा भी काम नहीं कर रहा था।
12 मार्च 2026 (विहान ग्रीन्स): एक महिला अपने 5 वर्षीय बच्चे के साथ 40 मिनट तक फंसी रही।
16 फरवरी 2026 (ग्रेटर नोएडा): लाइट जाने के बाद लिफ्ट 13वीं से 7वीं मंजिल पर गिरी, बुजुर्ग महिला का पैर फ्रैक्चर हुआ।
07-11 मार्च 2026 (हिमालया प्राइड): लगातार कई दिनों तक लिफ्ट में लोग फंसते रहे।
नवंबर 2025 (ईकोविलेज-1): 20 मिनट तक लोग लिफ्ट में फंसे रहे।
अगस्त 2025 (गैलेक्सी रॉयल): महिला 10 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित हिमालय प्राइड सोसाइटी में सोमवार को बुजुर्ग महिला 20 मिनट तक लिफ्ट में फंस गईं। गर्मी से परेशान महिला का बीपी बढ़ गया। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी जिसके बाद वह चक्कर खाकर गिर गईं। सोसाइटी निवासियों ने डीसीपी कार्यालय जाकर मामले की शिकायत की।
सोसाइटी निवासी अभिषेक सिकरवार ने बताया कि बी टावर निवासी महिला सोमवार सुबह 11 बजे लिफ्ट में नीचे से 10वें मंजिल पर अपने फ्लैट में जा रही थीं। दसवीं मंजिल पर लिफ्ट के पहुंचने के बाद बिजली ट्रिपिंग की वजह से लिफ्ट तेजी से नीचे गिरने लगी।छठी मंजिल पर आकर लिफ्ट रुक गई। तेजी से गिरी लिफ्ट के अचानक रुकने से बुजुर्ग महिला घबरा गई। गर्मी के कारण उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। लिफ्ट में लगे पंखे में काम नहीं कर रहे थे। बीपी बढ़ने के बाद उन्हें घुटन होने लगी। गेट बजाने और जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज से लोगों को पता चला। उसके बाद मेंटेनेंस के लोग उन्हें निकालने के लिए आए। करीब 20 मिनट बाद उन्हें निकाला जा सका। बाहर निकलते के साथ ही महिला बेहोश होकर नीचे गिर गई।
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निवासियों ने बताया कि महिला का पूरा शरीर कांप रहा था। उन्हें तुरंत सोसाइटी में ही एक डॉक्टर के पास ले जाया गया। जहां उन्हें थोड़ा आराम मिला। उनके परिजनों को इस बारे में सूचित किया गया। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए।
तीन दिन पहले भी 12 लोग फंसे थे
सोसाइटी में तीन दिन पहले भी कन्या पूजन के लिए जा रही 10 कन्याओं सहित 12 लोग लिफ्ट में एक घंटे से अधिक समय तक फंस गए थे।
आरोप है कि लिफ्ट में लगाए गए बचाव के उपकरण काम नहीं करते हैं। अलार्म बजता नहीं है। पंखा नहीं चलता। साथ ही लाइट भी बंद हो जाती है। इससे लिफ्ट में फंसने की वजह से लोगों की हालत खराब हो जाती है। यह समस्या प्रतिदिन बढ़ रही है। इसका समाधान करने के लिए कोई तैयार नहीं है। एओए अध्यक्ष सीमा ने बताया कि बिल्डर प्रबंधन से शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं होती है। हैंडओवर मांगने पर नहीं दिया जाता है। लिफ्ट का रखरखाव न होने के कारण लोग उसमें फंस जाते हैं।
लिफ्ट एजेंसी का बकाया, नहीं हो रही सर्विस
पदाधिकारियो का कहना है कि बिल्डर प्रबंधन द्वारा लिफ्ट एजेंसी के बकाए का भुगतान नहीं किया गया है, जिसकी वजह से एजेंसी के कर्मचारी लिफ्ट की सर्विस के लिए नहीं आ रहे हैं। ऐसे में रखरखाव न होने की वजह से लगातार लिफ्ट फंस रही है। हर महीने समय से मेंटेनेंस शुल्क दिया जा रहा है, उसके बाद भी इस तरह के लापरवाही बरती जा रही है।
कब कब हुई लिफ्ट फंसने की घटनाएं
27 मार्च 2026 (हिमालया प्राइड): कन्या पूजन के लिए जा रहे बच्चे और परिवार के सदस्य एक घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहे, पंखा भी काम नहीं कर रहा था।
12 मार्च 2026 (विहान ग्रीन्स): एक महिला अपने 5 वर्षीय बच्चे के साथ 40 मिनट तक फंसी रही।
16 फरवरी 2026 (ग्रेटर नोएडा): लाइट जाने के बाद लिफ्ट 13वीं से 7वीं मंजिल पर गिरी, बुजुर्ग महिला का पैर फ्रैक्चर हुआ।
07-11 मार्च 2026 (हिमालया प्राइड): लगातार कई दिनों तक लिफ्ट में लोग फंसते रहे।
नवंबर 2025 (ईकोविलेज-1): 20 मिनट तक लोग लिफ्ट में फंसे रहे।
अगस्त 2025 (गैलेक्सी रॉयल): महिला 10 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही।