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ग्रेटर नोएडा: पीएनबी घोटाले के विरोध में किसानों की महापंचायत, बैंक पर तालाबंदी की चेतावनी
Mon, 02 Nov 2026 12:39 PM IST
Vijay Singh Pundir
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Mon, 02 Nov 2026 12:39 PM IST
सार
महापंचायत में खाताधारकों ने बैंक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि करीब 35 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में अब तक बैंक प्रशासन की ओर से लीपापोती की जा रही है।
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पीएनबी घोटाला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की ऐच्छर स्थित सेक्टर पाई शाखा में करीब 35 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में सोमवार को खाताधारकों और किसान संगठनों ने महापंचायत बुलाई। महापंचायत में सैकड़ों की संख्या में किसान और पीड़ित खाताधारक शामिल हुए। इस दौरान बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई गई। किसानों ने बैंक प्रबंधन को दोपहर एक बजे तक का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी कि यदि लंच के समय तक सभी पीड़ितों की पूरी रकम वापस नहीं की गई तो बैंक पर तालाबंदी कर दी जाएगी। किसानों ने कहा कि खाताधारकों के साथ किसी भी तरह का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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महापंचायत में खाताधारकों ने बैंक प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि करीब 35 करोड़ रुपये के कथित घोटाले के मामले में अब तक बैंक प्रशासन की ओर से लीपापोती की जा रही है। पूरे मामले की जिम्मेदारी केवल एक महिला कर्मचारी पर डालने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि बैंक की तत्कालीन प्रबंधक निशा तिर्की की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। खाताधारकों का कहना है कि जब शाखा में इतने बड़े स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई तो इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों और शाखा प्रबंधन को कैसे नहीं हुई? बैंक के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
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पीड़ितों ने सवाल उठाया कि यदि बैंक में जमा रकम सुरक्षित नहीं है तो आम खाताधारक अपनी मेहनत की कमाई कहां जमा करें? लोगों ने आरोप लगाया कि बैंक प्रशासन की ओर से अब तक की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। केवल छोटे कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराकर पूरे मामले से जुड़े अन्य लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। महापंचायत में मांग उठाई गई कि मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि धोखाधड़ी में शामिल सभी लोगों की भूमिका सामने आ सके।
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बैंक का लाइसेंस निरस्त करने और गिरफ्तारी की मांग
महापंचायत में शामिल किसानों और खाताधारकों ने बैंक के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिन लोगों की भूमिका संदिग्ध है, उन्हें जांच के दायरे में लेकर गिरफ्तार किया जाए। पीड़ितों ने मांग की कि उनकी पूरी जमा रकम ब्याज सहित जल्द से जल्द वापस कराई जाए। इसके साथ ही बैंक के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस निरस्त करने की मांग भी उठाई गई।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि दोपहर एक बजे तक बैंक प्रबंधन की ओर से पीड़ितों के हित में ठोस कदम नहीं उठाया गया तो बैंक शाखा पर तालाबंदी की जाएगी। महापंचायत में शामिल लोगों ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल कुछ खाताधारकों की नहीं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था में आम लोगों के भरोसे से जुड़ा मामला है। किसानों ने कहा कि जब तक सभी पीड़ितों को उनकी पूरी रकम वापस नहीं मिल जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।