{"_id":"6a37e7a8d168fb64ea0d07ea","slug":"fdsfasd-grnoida-news-c-23-1-lko1064-98019-2026-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: फ्लैट बेचने के नाम पर 34.80 लाख रुपये हड़पने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: फ्लैट बेचने के नाम पर 34.80 लाख रुपये हड़पने का आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
- सेवानिवृत्त बैंककर्मी ने दंपति पर लगाया आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट स्थित एक फ्लैट के सौदे को लेकर एक दंपति पर फ्लैट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
प्रमोद जोहरी का कहना है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। एक परिचित और प्रॉपर्टी ब्रोकर के माध्यम से उनका संपर्क ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित निराला एस्पायर सोसायटी के फ्लैट मालिक इंदर प्रताप सिंह और उनकी पत्नी एकता सिंह से हुआ। दोनों पक्षों के बीच 24 अक्तूबर 2025 को फ्लैट की बिक्री के लिए 95.75 लाख रुपये में एग्रीमेंट टू सेल (एटीएस) हुआ। उन्होंने पांच लाख रुपये बयाना राशि के रूप में दिए। इसके बाद विक्रेताओं के आग्रह पर उनके एचडीएफसी बैंक के होम लोन खाते को बंद कराने के लिए 21.79 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट तथा अन्य भुगतान भी किया गया। सभी आवश्यक शर्तें पूरी होने के बाद जनवरी 2026 में रजिस्ट्री की तारीख तय हुई थी।
रजिस्ट्री से ठीक पहले विक्रेता पक्ष ने संपर्क कम कर दिया और बाद में सौदा आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। जनवरी के अंतिम सप्ताह में हुई बैठकों के दौरान आरोपियों ने कथित रूप से 12 लाख रुपये अतिरिक्त देने की मांग की। फ्लैट की खरीद के लिए अब तक बयाना, लोन क्लोजर भुगतान, स्टांप शुल्क, टीडीएस और अन्य खर्चों सहित लगभग 34.80 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। आरोपितों ने प्राप्त धनराशि का उपयोग अपने बैंक ऋण का भुगतान करने में किया, लेकिन संपत्ति का हस्तांतरण नहीं किया। वहीं कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट स्थित एक फ्लैट के सौदे को लेकर एक दंपति पर फ्लैट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
प्रमोद जोहरी का कहना है कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। एक परिचित और प्रॉपर्टी ब्रोकर के माध्यम से उनका संपर्क ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित निराला एस्पायर सोसायटी के फ्लैट मालिक इंदर प्रताप सिंह और उनकी पत्नी एकता सिंह से हुआ। दोनों पक्षों के बीच 24 अक्तूबर 2025 को फ्लैट की बिक्री के लिए 95.75 लाख रुपये में एग्रीमेंट टू सेल (एटीएस) हुआ। उन्होंने पांच लाख रुपये बयाना राशि के रूप में दिए। इसके बाद विक्रेताओं के आग्रह पर उनके एचडीएफसी बैंक के होम लोन खाते को बंद कराने के लिए 21.79 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट तथा अन्य भुगतान भी किया गया। सभी आवश्यक शर्तें पूरी होने के बाद जनवरी 2026 में रजिस्ट्री की तारीख तय हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
रजिस्ट्री से ठीक पहले विक्रेता पक्ष ने संपर्क कम कर दिया और बाद में सौदा आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। जनवरी के अंतिम सप्ताह में हुई बैठकों के दौरान आरोपियों ने कथित रूप से 12 लाख रुपये अतिरिक्त देने की मांग की। फ्लैट की खरीद के लिए अब तक बयाना, लोन क्लोजर भुगतान, स्टांप शुल्क, टीडीएस और अन्य खर्चों सहित लगभग 34.80 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। आरोपितों ने प्राप्त धनराशि का उपयोग अपने बैंक ऋण का भुगतान करने में किया, लेकिन संपत्ति का हस्तांतरण नहीं किया। वहीं कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।