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Noida News: 15 साल पुराने केसों की पहली बार सुनवाई करेंगे एआईजी लीगल सेल
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-अब तक 150 केस एआईजी कोर्ट में हुए ट्रांसफर, 2011 के मामले भी आए सामने
-अब तक डीएम, एडीएम एफआर और दोनों एआईजी के पास था भार
-स्टांप मामलों का जल्द हो सकेगा निपटारा, बढ़ते मामलों के चलते लिया निर्णय
ऋषभ कौशल
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने स्टाम्प चोरी से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए एआईजी लीगल सेल कोर्ट को भी शामिल कर लिया है। अब तक जिले में स्टाम्प चोरी और स्टाम्प शुल्क से जुड़े मामलों की सुनवाई केवल चार अधिकारियों द्वारा होती थी, लेकिन पहली बार 15-15 सालों से लंबित पड़े स्टांप केसों की सुनवाई एआईजी लीगल सेल करेंगे। यह निर्णय लंबित मामलों का बोझ कम करने और निस्तारण प्रक्रिया तेज करने की उम्मीद जगाता है।
एआईजी लीगल सेल सुनील कुमार सेक्टर-33ए स्थित उप निबंधक कार्यालय परिसर में सुनवाई करेंगे। शुरुआती चरण में करीब 150 मामलों को उनके न्यायालय में स्थानांतरित किया जाएगा। इन सभी के बाद नए मामलों की सुनवाई भी संभव हो सकेगी। बता दें, जिले में हर महीने औसतन 10 से 15 नए स्टाम्प चोरी के मामले दर्ज होते हैं। इनमें करोड़ों रुपये राजस्व चोरी के मामले आते हैं। एआईजी स्टांप प्रथम अरुण कुमार शर्मा के अनुसार, स्टाम्प चोरी के मामलों की सुनवाई में पर्याप्त समय लगता है। जिलाधिकारी और एडीएम वित्त एवं राजस्व जैसे अधिकारियों पर पहले से ही प्रशासनिक जिम्मेदारियां होती हैं। इससे उनके नियमित कार्य भी प्रभावित होते थे। अब पांचवें अधिकारी को यह अधिकार मिलने से मामलों का दबाव बंटेगा।
कैसे होती है स्टांप चोरी
अधिकारियों के अनुसार, स्टाम्प चोरी तब होती है जब संपत्ति की खरीद-फरोख्त के दौरान वास्तविक मूल्य से कम मूल्य दिखाकर रजिस्ट्री कराई जाती है। गलत श्रेणी में पंजीकरण या स्टाम्प शुल्क कम जमा करना भी इसमें शामिल है। ऐसे मामलों में जांच के बाद अतिरिक्त शुल्क और जुर्माना वसूला जाता है। बता दें, प्रदेशभर में यह एकमात्र ऐसा पद है, जिनका कार्यालय सेक्टर 33ए स्थित उप निबंधन कार्यालय में है। इनका काम सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामलों में विभाग की ओर से प्रतिनिधित्व करना है।
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लीगल सेल कोर्ट में सुनवाई होगी, इसके लिए अभी 150 मामले ट्रांसफर हुए हैं, इनमें 2011 से लंबित मामले भी शामिल हैं, समय आने पर इनकी सुनवाई शुरू कर दी जाएगी। -सुनील कुमार, एआईजी स्टांप, लीगल सेल, गौतमबुद्ध नगर
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-अब तक 150 केस एआईजी कोर्ट में हुए ट्रांसफर, 2011 के मामले भी आए सामने
-अब तक डीएम, एडीएम एफआर और दोनों एआईजी के पास था भार
-स्टांप मामलों का जल्द हो सकेगा निपटारा, बढ़ते मामलों के चलते लिया निर्णय
ऋषभ कौशल
नोएडा। गौतमबुद्ध नगर प्रशासन ने स्टाम्प चोरी से जुड़े मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के लिए एआईजी लीगल सेल कोर्ट को भी शामिल कर लिया है। अब तक जिले में स्टाम्प चोरी और स्टाम्प शुल्क से जुड़े मामलों की सुनवाई केवल चार अधिकारियों द्वारा होती थी, लेकिन पहली बार 15-15 सालों से लंबित पड़े स्टांप केसों की सुनवाई एआईजी लीगल सेल करेंगे। यह निर्णय लंबित मामलों का बोझ कम करने और निस्तारण प्रक्रिया तेज करने की उम्मीद जगाता है।
एआईजी लीगल सेल सुनील कुमार सेक्टर-33ए स्थित उप निबंधक कार्यालय परिसर में सुनवाई करेंगे। शुरुआती चरण में करीब 150 मामलों को उनके न्यायालय में स्थानांतरित किया जाएगा। इन सभी के बाद नए मामलों की सुनवाई भी संभव हो सकेगी। बता दें, जिले में हर महीने औसतन 10 से 15 नए स्टाम्प चोरी के मामले दर्ज होते हैं। इनमें करोड़ों रुपये राजस्व चोरी के मामले आते हैं। एआईजी स्टांप प्रथम अरुण कुमार शर्मा के अनुसार, स्टाम्प चोरी के मामलों की सुनवाई में पर्याप्त समय लगता है। जिलाधिकारी और एडीएम वित्त एवं राजस्व जैसे अधिकारियों पर पहले से ही प्रशासनिक जिम्मेदारियां होती हैं। इससे उनके नियमित कार्य भी प्रभावित होते थे। अब पांचवें अधिकारी को यह अधिकार मिलने से मामलों का दबाव बंटेगा।
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कैसे होती है स्टांप चोरी
अधिकारियों के अनुसार, स्टाम्प चोरी तब होती है जब संपत्ति की खरीद-फरोख्त के दौरान वास्तविक मूल्य से कम मूल्य दिखाकर रजिस्ट्री कराई जाती है। गलत श्रेणी में पंजीकरण या स्टाम्प शुल्क कम जमा करना भी इसमें शामिल है। ऐसे मामलों में जांच के बाद अतिरिक्त शुल्क और जुर्माना वसूला जाता है। बता दें, प्रदेशभर में यह एकमात्र ऐसा पद है, जिनका कार्यालय सेक्टर 33ए स्थित उप निबंधन कार्यालय में है। इनका काम सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामलों में विभाग की ओर से प्रतिनिधित्व करना है।
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लीगल सेल कोर्ट में सुनवाई होगी, इसके लिए अभी 150 मामले ट्रांसफर हुए हैं, इनमें 2011 से लंबित मामले भी शामिल हैं, समय आने पर इनकी सुनवाई शुरू कर दी जाएगी। -सुनील कुमार, एआईजी स्टांप, लीगल सेल, गौतमबुद्ध नगर