{"_id":"69d7900a09ea22d858074d0a","slug":"fdsg-grnoida-news-c-25-1-mwt1001-111156-2026-04-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: पंचायत भूमि के पट्टे में धांधली का आरोप, ग्रामीणों ने एसडीएम से की शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: पंचायत भूमि के पट्टे में धांधली का आरोप, ग्रामीणों ने एसडीएम से की शिकायत
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। खंड ग्राम पंचायत खोरी खुर्द में पंचायत भूमि को पट्टे (लीज) पर देने में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर एसडीएम को एक सामूहिक शिकायत पत्र सौंपकर सरपंच और पंचायत सचिव पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता आजाद, ताहिर हुसैन अधिवक्ता, अता, नसीम पंचायत सदस्य, अय्यूब और असब का आरोप है कि 8 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे, बिना किसी सार्वजनिक मुनादी घोषणा या खुली बोली के लगभग 3 एकड़ पंचायत भूमि को पट्टे पर दे दिया गया।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि नियमों को ताक पर रखकर यह जमीन मात्र 25,000 रु में 2 साल के लिए दे दी गई है, जबकि इसी क्षेत्र में पंचायत भूमि का सामान्य किराया 35,000 रु से 40,000 रु प्रति वर्ष के आसपास रहता है। पंचायत सदस्यों को अंधेरे में रखने का आरोप शिकायत पत्र के अनुसार, इस प्रक्रिया के बारे में कई पंचायत सदस्यों को सूचित तक नहीं किया गया। जब पंचायत सदस्य नसीम को इसकी भनक लगी और उन्होंने विरोध किया, तो आरोप है कि सरपंच और सचिव ने पक्षपात करते हुए एक ही परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए यह प्रक्रिया गुपचुप तरीके से पूरी कर ली।
ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने पंचायत सचिव से इस बारे में बात की, तो सचिव ने आश्वासन दिया था कि वे अगले दिन इस पट्टे को रद्द कर देंगे। लेकिन इसके विपरीत, उसी रात 8 अप्रैल करीब 11 बजे आनन-फानन में उक्त भूमि को जोत दिया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि नियमों की जानबूझकर अनदेखी की गई है।इस मामले पर तावडू एसडीएम जितेंद्र गर्ग का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।
Trending Videos
तावडू। खंड ग्राम पंचायत खोरी खुर्द में पंचायत भूमि को पट्टे (लीज) पर देने में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने एकजुट होकर एसडीएम को एक सामूहिक शिकायत पत्र सौंपकर सरपंच और पंचायत सचिव पर मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता आजाद, ताहिर हुसैन अधिवक्ता, अता, नसीम पंचायत सदस्य, अय्यूब और असब का आरोप है कि 8 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे, बिना किसी सार्वजनिक मुनादी घोषणा या खुली बोली के लगभग 3 एकड़ पंचायत भूमि को पट्टे पर दे दिया गया।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि नियमों को ताक पर रखकर यह जमीन मात्र 25,000 रु में 2 साल के लिए दे दी गई है, जबकि इसी क्षेत्र में पंचायत भूमि का सामान्य किराया 35,000 रु से 40,000 रु प्रति वर्ष के आसपास रहता है। पंचायत सदस्यों को अंधेरे में रखने का आरोप शिकायत पत्र के अनुसार, इस प्रक्रिया के बारे में कई पंचायत सदस्यों को सूचित तक नहीं किया गया। जब पंचायत सदस्य नसीम को इसकी भनक लगी और उन्होंने विरोध किया, तो आरोप है कि सरपंच और सचिव ने पक्षपात करते हुए एक ही परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए यह प्रक्रिया गुपचुप तरीके से पूरी कर ली।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि जब उन्होंने पंचायत सचिव से इस बारे में बात की, तो सचिव ने आश्वासन दिया था कि वे अगले दिन इस पट्टे को रद्द कर देंगे। लेकिन इसके विपरीत, उसी रात 8 अप्रैल करीब 11 बजे आनन-फानन में उक्त भूमि को जोत दिया गया, जिससे स्पष्ट होता है कि नियमों की जानबूझकर अनदेखी की गई है।इस मामले पर तावडू एसडीएम जितेंद्र गर्ग का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।