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Noida News: 10 करोड़ की कर चोरी का भंडाफोड़, सिर्फ कागजों पर चल रही थीं फर्में
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- कागजों में दुबई भेजे मोबाइल और 10 करोड़ का ले लिया लाभ
-यूपी जीएसटी के गौतमबुद्ध नगर जोन की टीम ने ग्रेटर नोएडा में पकड़ी बड़ी कर चोरी
-एक साथ बनी चारों फर्म, ग्रेनो वेस्ट में कार्यालय, लेकिन वहां पर 1-1 कर्मचारी मिले तैनात
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश जीएसटी के गौतमबुद्ध नगर जोन ने ग्रेटर नोएडा में कर चोरी का एक बड़ा मामला पकड़ा है। इस कार्रवाई में कुल 10 करोड़ रुपये की आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का गबन उजागर हुआ। यह गड़बड़ी विशेष रूप से निर्यात सेक्टर की चार फर्मों में पाई गई, जो केवल कागजों पर ही कारोबार कर रही थीं। अधिकारियों के अनुसार, इन फर्मों ने दुबई में मोबाइल निर्यात करने का दिखावा किया और उसके बदले आईटीसी का रिफंड हासिल कर लिया। इसके अलावा, रिफंड की राशि को फर्म के बैंक खाते से विभिन्न अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया।
संदिग्ध निर्यात और जांच की शुरुआत : जोन के अधिकारियों ने बताया कि फर्मों का विदेशी कारोबार संदिग्ध पाया गया। आम तौर पर भारत से मोबाइल निर्यात होता है, लेकिन यहां इन चार फर्मों ने भारत से मोबाइल दुबई भेजने का दिखावा किया। इसी आधार पर फर्मों की जांच शुरू की गई।जांच में पाया गया कि चारों फर्मों के कार्यालय ग्रेनो वेस्ट में स्थित थे। फर्में बिजनेस टू कस्टमर (बीटूसी) आपूर्ति वाली वस्तुओं का लाभ उठा रही थीं, लेकिन असल में कोई वास्तविक व्यापारिक गतिविधि नहीं हो रही थी।
फर्मों की हकीकत सिर्फ दिखावा : जांच में यह भी खुलासा हुआ कि चारों फर्मों में से तीन के मालिक बिजनौर के निवासी हैं, जबकि चौथी फर्म का मालिक बलरामपुर जिले का निवासी है। सभी फर्मों के बैंक खाते दिल्ली की एक ही शाखा में हैं। भौतिक सत्यापन में सामने आया कि फर्म कार्यालयों में केवल एक-एक युवक मौजूद था, जो छात्र थे। इन छात्रों को केवल सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक कार्यालय खोलने और व्हाट्सएप पर लोकेशन भेजने की जिम्मेदारी दी गई थी।
कार्रवाई और आगे की योजनाएं: अधिकारियों ने बताया कि चारों फर्मों की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और कर चोरी की वसूली की जाएगी। यह मामला साफ करता है कि कुछ फर्म केवल कागजों पर ही व्यापार कर दिखाकर सरकारी करों में गबन कर रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले बढ़ते कर चोरी के प्रयासों को रोकने के लिए कड़ा संदेश हैं, और यह व्यापार में पारदर्शिता लाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश जीएसटी के गौतमबुद्ध नगर जोन ने ग्रेटर नोएडा में कर चोरी का एक बड़ा मामला पकड़ा है। इस कार्रवाई में कुल 10 करोड़ रुपये की आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) का गबन उजागर हुआ। यह गड़बड़ी विशेष रूप से निर्यात सेक्टर की चार फर्मों में पाई गई, जो केवल कागजों पर ही कारोबार कर रही थीं। अधिकारियों के अनुसार, इन फर्मों ने दुबई में मोबाइल निर्यात करने का दिखावा किया और उसके बदले आईटीसी का रिफंड हासिल कर लिया। इसके अलावा, रिफंड की राशि को फर्म के बैंक खाते से विभिन्न अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया।
संदिग्ध निर्यात और जांच की शुरुआत : जोन के अधिकारियों ने बताया कि फर्मों का विदेशी कारोबार संदिग्ध पाया गया। आम तौर पर भारत से मोबाइल निर्यात होता है, लेकिन यहां इन चार फर्मों ने भारत से मोबाइल दुबई भेजने का दिखावा किया। इसी आधार पर फर्मों की जांच शुरू की गई।जांच में पाया गया कि चारों फर्मों के कार्यालय ग्रेनो वेस्ट में स्थित थे। फर्में बिजनेस टू कस्टमर (बीटूसी) आपूर्ति वाली वस्तुओं का लाभ उठा रही थीं, लेकिन असल में कोई वास्तविक व्यापारिक गतिविधि नहीं हो रही थी।
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फर्मों की हकीकत सिर्फ दिखावा : जांच में यह भी खुलासा हुआ कि चारों फर्मों में से तीन के मालिक बिजनौर के निवासी हैं, जबकि चौथी फर्म का मालिक बलरामपुर जिले का निवासी है। सभी फर्मों के बैंक खाते दिल्ली की एक ही शाखा में हैं। भौतिक सत्यापन में सामने आया कि फर्म कार्यालयों में केवल एक-एक युवक मौजूद था, जो छात्र थे। इन छात्रों को केवल सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक कार्यालय खोलने और व्हाट्सएप पर लोकेशन भेजने की जिम्मेदारी दी गई थी।
कार्रवाई और आगे की योजनाएं: अधिकारियों ने बताया कि चारों फर्मों की जांच अभी जारी है। जांच पूरी होने के बाद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और कर चोरी की वसूली की जाएगी। यह मामला साफ करता है कि कुछ फर्म केवल कागजों पर ही व्यापार कर दिखाकर सरकारी करों में गबन कर रहे थे। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले बढ़ते कर चोरी के प्रयासों को रोकने के लिए कड़ा संदेश हैं, और यह व्यापार में पारदर्शिता लाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।